MP में अवैध शराब के नेटवर्क पर उठे सवाल, फाइल में दर्ज 1766 ठिकाने, फिर भी कार्रवाई नहीं?

Amresh Kushwaha | Sept 12, 2026, 08:23 IST
मध्य प्रदेश में अवैध शराब का नेटवर्क
मध्य प्रदेश के आबकारी विभाग ने खुद माना है कि 51 जिलों में 1766 जगहों पर अवैध शराब बिकती है। सागर में 34 मौतों के बावजूद 84 ठिकाने दर्ज हैं। रीवा टॉप पर है। सवाल उठ रहा है कि जानकारी होने पर भी कार्रवाई क्यों नहीं हुई।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • मध्य प्रदेश में अवैध शराब बिक्री के 1766 ठिकाने मिले हैं।
  • यह सूची खुद आबकारी विभाग ने तैयार की है।
  • सागर जिले में जहरीली शराब से 34 मौतें हो चुकी हैं।
  • वहीं सागर में ही 84 ठिकाने दर्ज हैं।
  • सवाल है, जानकारी होने पर भी कार्रवाई क्यों नहीं हुई।

मध्य प्रदेश में अवैध शराब का कारोबार बड़े पैमाने पर चल रहा है। खुद सरकार के आबकारी विभाग ने इसका खुलासा किया है। विभाग ने 51 जिलों में 1766 जगहों की सूची बनाई है। इन जगहों पर अवैध शराब खरीदी और बेची जा रही है। यह जानकारी विभाग के अपने रिकॉर्ड में पहले से मौजूद थी।



सरकार को सब पता था

यह सूची एक तरह से सरकार का कबूलनामा मानी जा रही है। आबकारी अमले के पास पहले से यह जानकारी मौजूद थी। फिर भी इन ठिकानों पर समय पर कार्रवाई नहीं हुई। बड़ा सवाल उठ रहा है कि सरकारी आदेश का इंतजार क्यों किया गया। जब रिकॉर्ड में सारी जानकारी थी तो देरी क्यों हुई।



सागर में सबसे ज्यादा मौतें

सागर जिला इस मामले में सबसे ज्यादा चर्चा में है। यहां जहरीली शराब पीने से 34 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके बावजूद विभाग के रिकॉर्ड में सागर में 84 ठिकाने दर्ज हैं। यानी मौतों के बाद भी अवैध शराब बिक्री जारी रही। राजधानी भोपाल में भी 30 ऐसी जगहें बताई गई हैं। इस सूची में उज्जैन जैसे पवित्र शहर भी शामिल हैं। उज्जैन में शराबबंदी लागू है, फिर भी वहां 28 ठिकाने दर्ज हैं।



आबकारी विभाग का बयान

आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना ने इस मामले में अपनी बात रखी है। उनका कहना है कि विभाग ने ऐसे इलाकों की पहचान कर ली है। इन क्षेत्रों से अवैध शराब बनाने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। सक्सेना के मुताबिक अब इन जगहों पर नियमित निगरानी रखी जाएगी। जरूरत पड़ने पर दबिश देकर सख्त कार्रवाई भी होगी।



बुलडोजर एक्शन शुरू

सागर जिले के बंडा-शाहगढ़ इलाके में जहरीली शराब कांड के बाद हलचल तेज हो गई है। प्रशासन ने शराब माफिया के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। शुक्रवार को पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम मैदान में उतरी। टीम ने मालथौन, बांदरी, बंडा और शाहगढ़ इलाके में बुलडोजर चलाया। एनएच-44 (National Highway-44) किनारे सरकारी जमीन पर कब्जा हटाया गया। यहां 70 से ज्यादा अवैध ढाबे, होटल और टपरे तोड़े गए। इनमें मुख्य आरोपी मनीष लोधी और चंद्रभान राजपूत के अवैध निर्माण भी शामिल थे।



पांच होटल किए सील

सागर शराब कांड में कारोबारी सिद्धार्थ कुशवाहा का नाम सामने आया है। प्रशासन, पुलिस और खाद्य विभाग ने मिलकर कार्रवाई की। कुशवाहा और अन्य संचालकों के पांच होटल और रिसॉर्ट सील किए गए। इसके अलावा आबकारी विभाग ने तीन अलग स्थानों पर छापेमारी की। इसमें करीब 30 लाख रुपए कीमत की अवैध शराब जब्त हुई। विभाग इसे इस साल की सबसे बड़ी कार्रवाई बता रहा है।



10 सितंबर की रात शाहगढ़ थाना क्षेत्र में एक और छापा पड़ा। आबकारी अमले को शक था कि आरोपी मनीष उर्फ यशवंत लोधी यहां शराब छिपा रहा है। टीम ने उसके घर पर दबिश दी। तलाशी में विदेशी ब्रांड की 261 बल्क लीटर शराब बरामद हुई। इसकी कीमत करीब 2.80 लाख रुपए आंकी गई है।



जंगल में मिली शराब

शुक्रवार को एक और बड़ी कार्रवाई बाछलौन गांव में हुई। यह गांव बहेरिया थाना क्षेत्र में आता है। टीम ने अनिता पति मनोज पटेल के खाली मकान की तलाशी ली। यहां से 96 पेटी अंग्रेजी शराब, बीयर और देशी शराब मिली। कुल मिलाकर 864 बल्क लीटर शराब जब्त की गई। इसकी अनुमानित कीमत 7.50 लाख रुपए बताई जा रही है।



आबकारी अमला अभी यह कार्रवाई पूरी भी नहीं कर पाया था। तभी दोपहर करीब 3 बजे उन्हें ग्रामीणों से एक सूचना मिली। रानीपुरा के जंगल में लक्ष्मण बाबा मंदिर के पास शराब फेंकी गई थी। कोई अज्ञात व्यक्ति बड़ी मात्रा में ब्रांडेड शराब फेंककर भाग गया। टीम मौके पर पहुंची तो जंगल में शराब की बोतलें और पेटियां बिखरी मिलीं। यहां से करीब 50 से 60 पेटी शराब बरामद हुई। इसकी अनुमानित कीमत 20 लाख रुपए से भी ज्यादा है।



टॉप 10 जिलों की सूची

आबकारी विभाग की सूची में रीवा जिला सबसे ऊपर है। यहां सबसे ज्यादा 140 जगहों पर अवैध शराब बिकती है। इसके बाद सागर में 84 और उमरिया में 74 ठिकाने हैं। छिंदवाड़ा में 68 और जबलपुर व गुना में 62-62 जगहें दर्ज हैं। नर्मदापुरम में 59, राजगढ़ में 57 और धार में 56 ठिकाने हैं। मऊगंज में 54 जगहें अवैध शराब कारोबार के लिए चिन्हित हैं। इसके अलावा दतिया और रतलाम में 47-47 ठिकाने बताए गए हैं। शिवपुरी, भिंड और बालाघाट में भी 46-46 जगहें दर्ज हैं। रायसेन जिले में 45 ठिकानों की जानकारी सामने आई है।



यह पूरी सूची प्रदेश के 51 जिलों की है। सबसे कम 5 ठिकाने मुरैना जिले में दर्ज हैं। इससे साफ है कि मामला कुछ जिलों तक सीमित नहीं है। पूरे प्रदेश में अवैध शराब का नेटवर्क फैला हुआ नजर आ रहा है। अब देखना होगा कि सरकार इस पर क्या ठोस कदम उठाती है।



यह खबर क्यों जरूरी है

यह खबर आम लोगों की जान से जुड़ी है। सागर में जहरीली शराब से 34 मौतें हो चुकी हैं, इसलिए यह मुद्दा गंभीर है। सरकारी विभाग के पास पहले से जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई न होना, प्रशासनिक जवाबदेही और पारदर्शिता का सवाल खड़ा करता है।



संविधान नागरिकों को जीवन के अधिकार की गारंटी देता है, और अवैध शराब से होने वाली मौतें इस अधिकार पर सीधा असर डालती हैं। यह खबर पाठकों को सूचित निर्णय लेने में मदद करती है और प्रशासन पर जवाबदेही तय करने का दबाव बनाती है।



यह रिपोर्ट किसी व्यक्ति या समुदाय को निशाना नहीं बनाती, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य और कानून व्यवस्था से जुड़े तथ्य सामने रखती है। इसलिए यह खबर सामाजिक और कानूनी रूप से जरूरी है।



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