MP में 27534 पुलिसकर्मियों को पदोन्नति, अब तीन बटालियन से होगी औद्योगिक सुरक्षा
समझें क्या है पूरा मामला...
- एमपी में बनेंगी सुरक्षा बल की तीन नई बटालियन।
- खंडवा में पहली एसआईएसएफ बटालियन का ऐलान।
- बैगा भारिया सहरिया युवाओं को मिलेगा रोजगार।
- 27 हजार पुलिसकर्मियों को मिली बड़ी पदोन्नति।
- सीएम बोले पुलिस वर्दी पहनकर आदमी शेर बनता है।
मध्यप्रदेश में राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल की तीन बटालियन बनेंगी। सीएम मोहन यादव ने भोपाल में यह ऐलान किया। पहली बटालियन खंडवा में बनेगी। बैगा, भारिया और सहरिया समुदाय की अलग कंपनियां भी बनेंगी। साथ ही 27534 पुलिसकर्मियों को पदोन्नति दी गई है।
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सोमवार को भोपाल के रवीन्द्र भवन में एक बड़ा ऐलान किया। पुलिस विभाग की नई भर्तियों और पदोन्नतियों को लेकर आयोजित समारोह में उन्होंने राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल यानी एसआईएसएफ (SISF – State Industrial Security Force) की तीन बटालियन बनाने की घोषणा की।
सीएम ने बताया कि यह बल औद्योगिक संस्थानों और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए बनाया जाएगा। तीन बटालियन में से एक बटालियन खंडवा में स्थापित होगी। बाकी दो बटालियनों की जगह बाद में तय की जाएगी।
बैगा-भारिया, सहरिया के लिए अलग कंपनियां
समारोह में सीएम ने एक और अहम बात कही। उन्होंने बताया कि इस बल में प्रदेश के अति पिछड़े जनजातीय समूहों को अवसर मिलेगा। बैगा, भारिया और सहरिया समुदाय की अलग-अलग कंपनियां बनाई जाएंगी। इन कंपनियों में इन समुदायों के युवाओं को शामिल किया जाएगा। इससे इन समुदायों को रोजगार के साथ सुरक्षा बल में प्रतिनिधित्व भी मिलेगा।
58 संवर्गों में हुई बड़ी पदोन्नति
मुख्यमंत्री ने बताया कि जुलाई 2026 में सभी विभागों में पदोन्नतियां हुई हैं। पुलिस विभाग में 58 संवर्गों के 27534 अफसरों और कर्मचारियों को पदोन्नति दी गई। इनमें 30 रक्षित निरीक्षक अब उप पुलिस अधीक्षक बन गए हैं। सीएम ने कहा कि इससे पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ा है।
20 हजार पद खाली मिले थे
डीजीपी कैलाश मकवाना ने बताया कि दिसंबर 2024 में पदभार संभालने के बाद उन्होंने विभाग की समीक्षा की। इसमें करीब 20 हजार पद खाली मिले। सब इंस्पेक्टर, सूबेदार, स्टेनो जैसे पदों पर आठ साल से भर्ती नहीं हुई थी। इसके बाद 2025 में 6500 पदों पर भर्ती का प्रस्ताव भेजा गया।
पुलिस पदोन्नति समारोह भोपाल
डीजीपी ने बताया कि साल 2026 में भी 9662 पदों पर भर्ती की अनुमति मिली है। अभी तक 14704 उम्मीदवारों का चयन हो चुका है। पुलिस बैंड और एफएसएल से जुड़ी भर्तियां दूसरे चरण में हैं। कुल मिलाकर 9751 से ज्यादा पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है।
नक्सल मोर्चे पर भी मजबूती
डीजीपी ने कहा कि नक्सल समस्या आजादी के बाद से देश के सामने बड़ी चुनौती रही है। मुख्यमंत्री की स्वीकृति से हॉक फोर्स में 325 और विशेष सहयोगी दस्ते में 882 पद स्वीकृत हुए हैं। डीजीपी के मुताबिक मध्यप्रदेश नक्सल समस्या से मुक्त होने वाला देश का पहला राज्य बना है।
पुलिस की वर्दी पर सीएम का बयान
मुख्यमंत्री ने पुलिसकर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस की वर्दी पहनने का अपना अलग अहसास होता है। उन्होंने कहा कि वर्दी पहनने के बाद व्यक्ति के भीतर जिम्मेदारी और साहस का भाव पैदा होता है। सीएम ने यह भी कहा कि करीब 20 हजार पुलिसकर्मी बिना पदोन्नति के रिटायर हो गए, इसका उन्हें मलाल है।
गृह विभाग पर विशेष ध्यान
सीएम ने कहा कि गृह विभाग की जिम्मेदारी उनके पास होने के कारण वे इस विभाग पर ज्यादा ध्यान देते हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भर्ती और पदोन्नति की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। कार्यक्रम में डीजीपी के अलावा अपर मुख्य सचिव संजय शुक्ला और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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