त्यौहारों से पहले MP के 50 लाख श्रमिकों को तोहफा: महंगाई भत्ते में छह रुपए प्रतिदिन की बढ़ोतरी, 1 अक्टूबर से लागू
सवाल सीधा है। किसे कितना मिलेगा?
श्रमायुक्त का आदेश और आधार
श्रमायुक्त शीतला पटले ने यह आदेश जारी किया है। यह बदलाव महंगाई सूचकांक (कीमतों का स्तर मापने वाली संख्या) पर आधारित है। नई न्यूनतम वेतन दरें प्रतिदिन श्रम के आधार पर तय हुई हैं। इसमें 67 सामान्य नियोजन (काम की श्रेणियां) शामिल हैं। उन्हें 26 दिन के आधार पर न्यूनतम वेतन मिलेगा। आने वाले समय में इन्हीं दरों पर भुगतान होगा।
अकुशल श्रमिक वेतन कितना मिलेगा?
सबसे ज्यादा सवाल यही रहता है। हर महीने जेब में कितनी रकम आएगी? अकुशल श्रमिक वेतन 26 दिन के हिसाब से 12 हजार 575 रुपए प्रतिमाह होगा।
चार श्रेणियों में मासिक वेतन
अर्द्धकुशल श्रमिक को 13 हजार 571 रुपए प्रतिमाह मिलेंगे। कुशल श्रमिक का वेतन 15 हजार 294 रुपए तय हुआ है। उच्च कुशल श्रमिक को 16 हजार 919 रुपए महीना मिलेगा। यह सब 26 दिन के मान से दिया जाएगा।
दैनिक दर देखें तो अकुशल को 484 रुपए प्रतिदिन मिलेंगे। अर्द्धकुशल को 522, कुशल को 588 और उच्च कुशल को 651 रुपए मिलेंगे।
सोचिए एक बार। छह रुपए रोज यानी 26 दिन में 156 रुपए ज्यादा।
अधिनियम 1948 के तहत किसे लाभ?
सरकारी क्षेत्र के करीब 10 लाख श्रमिकों को यह लाभ मिलेगा। निजी सेक्टर में खासतौर पर उद्योगों के करीब 40 लाख श्रमिक शामिल हैं। सभी को न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948 के तहत फायदा मिलेगा।
न्यूनतम वेतन (minimum wage) वह सबसे कम रकम है। इससे नीचे मजदूरी नहीं दी जा सकती। अस्थायी महंगाई भत्ता वेतन का हिस्सा है। यानी कीमतों का सूचकांक बदलने पर इसकी रकम भी बदलती है। श्रम विभाग ने छह माह में दूसरी बार दरें बदली हैं।
50 लाख श्रमिकों पर कुल असर
अब पूरी तस्वीर देखिए। छह रुपए एक श्रमिक के लिए छोटी रकम लग सकती है। लेकिन 50 लाख श्रमिकों का हिसाब मिलाएं तो रकम बदल जाती है।
सीधा गणित लगाएं तो रोज करीब तीन करोड़ रुपए अतिरिक्त मिलेंगे। 26 दिन के हिसाब से यह रकम करीब 78 करोड़ रुपए महीना बैठती है। यह हमारा मोटा अनुमान है, सरकारी आदेश की संख्या नहीं।
अगरबत्ती और प्रेस की दरें
मुद्रणालय में श्रेणी के हिसाब से वेतन
मुद्रणालय (प्रिंटिंग प्रेस) में उच्च कुशल श्रमिक को 651 रुपए मिलेंगे। इसी वर्ग में श्रेणी एक को 648 रुपए मिलेंगे। श्रेणी दो को 634 और श्रेणी तीन को 588 रुपए मिलेंगे। अर्द्धकुशल श्रेणी एक को 588 और श्रेणी दो को 522 रुपए प्रति दिन मिलेंगे।
स्लेट और पेंसिल उद्योग की दरें
स्लेट, पेंसिल उद्योग में मजदूर को 484 रुपए प्रतिदिन मिलेंगे। पेंटर और सीपर को 505 रुपए तय हुए हैं। मुनीम, लेखाकार और क्लर्क को 588 रुपए मिलेंगे। मिस्त्री, रोलर्स और पाइंटर्स को 641 रुपए मिलेंगे। उच्च कुशल को 651 और कटर्स को 671 रुपए मिलेंगे।
अगरबत्ती रोलिंग पर कितना मिलेगा?
अगरबत्ती श्रमिकों के लिए भी नई दरें तय हुई हैं। एक हजार अगरबत्ती रोल करने पर कुल 74.75 रुपए मिलेंगे। सुगंधित (सेंटेड) स्टिक की कुल दर 75 रुपए है।
अब जरा पीछे चलते हैं।
पिछली बार कितनी वृद्धि हुई?
श्रम विभाग ने 01 अप्रैल 2026 से नई न्यूनतम वेतन दरें लागू की थीं। तब महंगाई भत्ते से वेतन में औसतन नौ रुपए प्रतिदिन की वृद्धि हुई थी। यह करीब 234 रुपए मासिक की वृद्धि के बराबर थी। तब सरकारी विभागों के करीब 10 लाख श्रमिकों को फायदा हुआ था। निजी सेक्टर और उद्योगों के लगभग 40 लाख श्रमिक भी शामिल थे।
पिछली बार के मुकाबले इस बार वृद्धि तीन रुपए कम है। यानी 26 दिन में 78 रुपए का फर्क। अप्रैल में नौ रुपए और अक्टूबर में छह रुपए शामिल हुए। दोनों को मिलाकर रोज 15 रुपए ज्यादा मिल रहे हैं। वहीं, 26 दिन के मान से यह करीब 390 रुपए महीना होता है।
मध्य प्रदेश न्यूनतम वेतन 2026 (MP minimum wage 2026) की ये दरें 27 मार्च 2027 तक लागू रहेंगी। अकुशल से उच्च कुशल तक चारों श्रेणियों का वेतन इसी आदेश से तय होगा। अब देखना है कि निजी उद्योगों में यह भुगतान कितनी जल्दी शुरू होता है।
यह खबर क्यों जरूरी है
यह खबर उन श्रमिकों की है, जिनकी रोज की कमाई से घर चलता है। 50 लाख श्रमिकों का वेतन तय करने वाला यह आदेश अहम है। संविधान के मार्गदर्शक सिद्धांतों में जीवन निर्वाह लायक मजदूरी की बात है। न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948 इसी सोच को जमीन पर उतारता है। इसलिए नई दरें हर श्रमिक और नियोक्ता तक पहुंचनी चाहिए। 27 मार्च 2027 तक यही दरें भुगतान का आधार रहेंगी। जानकारी होगी तो श्रमिक अपना हक आसानी से समझ सकेंगे।