मोहन कैबिनेट ने खोला राहत का पिटारा, हॉकी खिलाड़ियों को मिलेगा इनाम, फ्री स्कूटी योजना 5 साल बढ़ी

Sourabh Bhatnagar | Jul 08, 2026, 14:23 IST
mp mohan cabinet decisions 8 july 2026
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 8 जुलाई को हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए गए हैं। छात्राओं के लिए चल रही फ्री स्कूटी योजना को अगले 5 साल के लिए बढ़ा दिया गया है।

समझें क्या है पूरा मामला

  • मध्यप्रदेश की मोहन कैबिनेट ने 8 जुलाई को कई बड़े फैसले लिए हैं।
  • फ्री स्कूटी योजना को अगले 5 साल के लिए बढ़ाया गया है।
  • सेंट्रल पूल से बचे अनाज को अब ई-ऑक्शन से बेचा जाएगा।
  • गुजरात सरकार को जल समझौते के लिए 217 करोड़ रुपए दिए जाएंगे।
  • शिवपुरी में अडानी एयरोस्पेस यूनिट से 10 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा।

मध्य प्रदेश की मोहन कैबिनेट ने मंगलवार को कई अहम फैसले लिए हैं। इनमें छात्राओं के लिए फ्री स्कूटी योजना की अवधि बढ़ाने से लेकर किसानों के अनाज के निस्तारण तक के फैसले शामिल हैं। इसके अलावा गुजरात के साथ जल समझौते और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर भी कैबिनेट ने मुहर लगाई है।



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फ्री स्कूटी योजना को मिली नई उम्र

मध्यप्रदेश सरकार 12वीं कक्षा में फर्स्ट डिवीजन लाने वाले स्टूडेंट्स के लिए फ्री स्कूटी योजना चलाती है। इसका मकसद छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना है। कैबिनेट ने अब इस योजना को अगले 5 साल के लिए बढ़ा दिया है।



12वीं में फर्स्ट आने वाले स्टूडेंट्स को पेट्रोल स्कूटी के लिए 90 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि मिलेगी। ई-स्कूटी लेने वालों को 1 लाख 20 हजार रुपए दिए जाएंगे। सरकार हर साल इस योजना पर 495 करोड़ रुपए खर्च करेगी। अब तक करीब 23 हजार छात्रों को इस योजना का फायदा मिल चुका है।



नमो हरे योजना को हरी झंडी, डॉक्टरों की होगी सीधी भर्ती

कैबिनेट ने नमो हरे योजना के लिए अगले 5 साल के लिए 100 करोड़ रुपए देने का फैसला किया है। इसके अलावा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की सीधी भर्ती की जाएगी। भर्ती होने वाले डॉक्टरों का तीन साल तक तबादला नहीं किया जाएगा।



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शिवपुरी में मिलेगा 10 हजार लोगों को रोजगार

कैबिनेट बैठक (MP Cabinet Decisions 2026) में शिवपुरी में बन रही अडानी एयरोस्पेस यूनिट पर भी चर्चा हुई। इस यूनिट से 10 हजार से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री मोहन यादव पहले ही इस प्रोजेक्ट का भूमि पूजन कर चुके हैं। यह भूमि पूजन 25 करोड़ रुपए की लागत से किया गया था। यह प्रोजेक्ट क्षेत्र के युवाओं के लिए बड़ा रोजगार अवसर साबित हो सकता है।



हॉकी खिलाड़ियों को मिलेगा नकद इनाम

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादवकैबिनेट ने हॉकी एशिया कप (जापान में हॉकी एशिया कप) में शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को भी सम्मानित करने का फैसला किया है। जापान में हुए इस टूर्नामेंट में मध्यप्रदेश के 6 खिलाड़ियों ने स्वर्ण पदक जीता था। इन खिलाड़ियों को 3-3 लाख रुपए की इनामी राशि दी जाएगी। इसके अलावा 4 खिलाड़ियों ने कांस्य पदक जीता था। इन्हें 1-1 लाख रुपए दिए जाएंगे। यह फैसला प्रदेश के खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के मकसद से लिया गया है।



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बचे अनाज का अब होगा सही इस्तेमाल

मध्यप्रदेश सरकार हर साल गेहूं, धान, ज्वार और बाजरा की खरीदी करती है। यह खरीदी केंद्र सरकार के तय कोटे यानी सेंट्रल पूल के हिसाब से होती है। लेकिन कई बार उत्पादन ज्यादा होने पर तय मात्रा से ज्यादा अनाज किसानों से खरीद लिया जाता है। इस अतिरिक्त अनाज को लंबे समय तक रखना सरकार के लिए महंगा साबित होता है। भंडारण पर खर्च बढ़ता है और अनाज खराब होने का भी खतरा रहता है। अब तक इस बचे हुए अनाज के निस्तारण की कोई तय व्यवस्था नहीं थी। कैबिनेट ने अब इस समस्या का हल निकाल लिया है। खरीदी पूरी होने के बाद बचे अनाज को ई-ऑक्शन के जरिए बेचा जाएगा। इसके लिए एक राज्य स्तरीय कमेटी बनाई जाएगी। यह कमेटी अनाज की मात्रा और उसका रेट तय करेगी।



स्वामित्व योजना में भी बड़ी राहत

कैबिनेट ने स्वामित्व योजना को लेकर भी अहम फैसला लिया है। इस योजना के तहत पट्टा रजिस्ट्री पर लगने वाले सेस की राशि अब खुद प्रदेश सरकार भरेगी। इससे पट्टाधारकों को आर्थिक राहत मिलेगी। यह फैसला ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन के मालिकाना हक को आसान बनाने की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है।



गुजरात को मिलेंगे 217 करोड़ रुपए

मोहन कैबिनेट बैठक में सरदार सरोवार जल समझौते पर भी बड़ा फैसला हुआ है। इस समझौते के तहत मध्यप्रदेश सरकार गुजरात सरकार को 217 करोड़ रुपए देगी। पहले इस खर्च में गुजरात सरकार 50 प्रतिशत हिस्सा देती थी। लेकिन अब गुजरात सरकार का हिस्सा बढ़कर 75 प्रतिशत हो गया है। इसी बदलाव के चलते मध्यप्रदेश सरकार को यह अतिरिक्त राशि चुकानी पड़ रही है। यह फैसला दोनों राज्यों के बीच जल बंटवारे से जुड़े समझौते का हिस्सा है।



800 करोड़ से डेटा सेंटर होगा अपग्रेड

मध्यप्रदेश सरकार अब अपने डिजिटल सिस्टम को और मजबूत करने की तैयारी में है। इसके लिए प्रदेश के स्टेट डेटा सेंटर को अपग्रेड किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में एमपीएसआईडीसी के 800 करोड़ रुपए के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है।



इस प्रोजेक्ट के तहत डेटा सेंटर को नई तकनीक जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्वांटम कंप्यूटिंग के हिसाब से तैयार किया जाएगा। इसमें 630 करोड़ रुपए मशीनों और इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च होंगे, जबकि 170 करोड़ रुपए संचालन और रखरखाव पर लगाए जाएंगे।



सरकार का कहना है कि इस बदलाव के बाद लोगों को सरकारी ऑनलाइन सेवाएं ज्यादा तेज, सुरक्षित और बिना रुकावट के मिल सकेंगी। यानी प्रमाण पत्र, योजनाओं और दूसरी डिजिटल सुविधाओं के लिए सिस्टम पहले से बेहतर काम करेगा।



कैबिनेट ने 75 करोड़ रुपए के एकल नागरिक डेटाबेस प्रोजेक्ट को भी मंजूरी दी है। इसके लागू होने के बाद लोगों को अलग-अलग सरकारी योजनाओं के लिए बार-बार अपना रजिस्ट्रेशन नहीं कराना पड़ेगा।



एक ही जगह पर नागरिकों की जानकारी उपलब्ध होगी। इससे पात्र लोगों की पहचान आसानी से हो सकेगी और सरकारी योजनाओं का पैसा सीधे डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के जरिए उनके खाते में पहुंचाया जा सकेगा।



केन-बेतवा डूब प्रभावितों को मिलेगा ढाई गुना ज्यादा मुआवजा

पन्ना जिले की केन-बेतवा, रूंज और मझगांव सिंचाई परियोजनाओं से प्रभावित परिवारों के लिए राज्य सरकार ने बड़ी राहत दी है। सरकार ने डूब प्रभावित परिवारों को दिए जाने वाले मुआवजे की राशि बढ़ा दी है।



अब प्रभावित परिवारों को 5 लाख रुपए की जगह 12.50 लाख रुपए मुआवजा मिलेगा। यानी पहले की तुलना में ढाई गुना ज्यादा राशि दी जाएगी।



इस फैसले के लिए सरकार ने 202.50 करोड़ रुपए की अतिरिक्त राशि मंजूर की है। यह राशि उन परिवारों को दी जाएगी, जिनकी जमीन या घर इन सिंचाई परियोजनाओं के कारण प्रभावित हुए हैं।



सरकार का कहना है कि इस कदम से विस्थापित होने वाले परिवारों को आर्थिक मदद मिलेगी और उन्हें नई जगह बसने में सहूलियत होगी।



शहरों की हवा बदलेगी: 65 जगह बनेंगे अर्बन फॉरेस्ट

मध्यप्रदेश के शहरों में अब हरियाली बढ़ाने और प्रदूषण कम करने के लिए बड़े स्तर पर काम होगा। राज्य सरकार ने नमो हरित नगर योजना को मंजूरी दी है। इसके तहत प्रदेश के 65 नगरीय निकायों में अर्बन फॉरेस्ट यानी शहरों के बीच छोटे जंगल विकसित किए जाएंगे।



योजना के तहत साल 2031 तक करीब 1911.62 हेक्टेयर जमीन पर पौधारोपण किया जाएगा। इसके लिए सरकार ने 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। योजना पर हर साल करीब 20 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।



इस काम में वन विभाग और उद्यानिकी विभाग भी सहयोग करेंगे। सरकार का लक्ष्य शहरों में हरियाली बढ़ाने के साथ कार्बन स्टॉक बढ़ाना और पर्यावरण को बेहतर बनाना है।



किसे कितना मिलेगा बजट?



  • भोपाल समेत 5 महानगरों को 5-5 करोड़ रुपए दिए जाएंगे।
  • 11 नगर निगमों को 1.20-1.20 करोड़ रुपए मिलेंगे।
  • 98 नगर परिषदों को 10-10 लाख रुपए का बजट मिलेगा।

सरकार का मानना है कि अर्बन फॉरेस्ट बनने से शहरों में तापमान कम करने, प्रदूषण घटाने और लोगों को बेहतर वातावरण देने में मदद मिलेगी।



ज्ञान भारतम् योजना में मध्यप्रदेश अव्वल

केंद्र सरकार की ज्ञान भारतम् योजना में मध्यप्रदेश देशभर में पहले स्थान पर आया है। इस योजना के तहत प्रदेश में 34 लाख रजिस्ट्रेशन हुए हैं। इसी दौरान टीकमगढ़ से एक ऐतिहासिक नक्शा भी मिला है। यह जंबू द्वीप का करीब 10 फीट लंबा नक्शा है। इसके अलावा बुरहानपुर से 20 साल पुरानी हस्तलिखित पांडुलिपि भी प्राप्त हुई है। इन दोनों दुर्लभ वस्तुओं का चयन इसी योजना में किया गया है। यह उपलब्धि प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण के लिहाज से भी अहम मानी जा रही है।



कुल मिलाकर मोहन कैबिनेट की इस बैठक में शिक्षा, कृषि, रोजगार, खेल और जल प्रबंधन से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए हैं। इन फैसलों का सीधा असर प्रदेश के लाखों छात्रों, किसानों और युवाओं पर पड़ेगा।



FAQ

  1. सवाल 1: मध्यप्रदेश में फ्री स्कूटी योजना कितने साल के लिए बढ़ाई गई है?
    जवाब: कैबिनेट ने फ्री स्कूटी योजना को अगले 5 साल के लिए बढ़ा दिया है। इसमें 12वीं में फर्स्ट आने वाले स्टूडेंट्स को पेट्रोल स्कूटी के लिए 90 हजार और ई-स्कूटी के लिए 1 लाख 20 हजार रुपए मिलेंगे।
  2. सवाल 2: मध्यप्रदेश में सेंट्रल पूल से बचे अनाज का क्या होगा?
    जवाब: सेंट्रल पूल से बचे हुए गेहूं, धान, ज्वार और बाजरा को अब ई-ऑक्शन के जरिए बेचा जाएगा। इसके लिए एक राज्य स्तरीय कमेटी बनाई जाएगी जो मात्रा और रेट तय करेगी।
  3. सवाल 3: गुजरात को जल समझौते के लिए मध्यप्रदेश कितनी राशि देगा?
    जवाब: मध्यप्रदेश सरकार सरदार सरोवार जल समझौते के तहत गुजरात सरकार को 217 करोड़ रुपए देगी। पहले गुजरात का हिस्सा 50 प्रतिशत था, जो अब बढ़कर 75 प्रतिशत हो गया है।

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