मोहन कैबिनेट की बैठक आज, दो हजार करोड़ के हेल्थ प्रोजेक्ट सहित कई अहम प्रस्तावों पर लग सकती है मुहर
News In Short
- मध्यप्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में तीमारदारों के लिए शेल्टर होम बनेंगे।
- प्रदेश में अभी 20 सरकारी मेडिकल कॉलेज चल रहे हैं।
- नौ नए निर्माणाधीन कॉलेजों में भी यह सुविधा 2028 तक दी जाएगी।
- अगले 5 साल में कैथ लैब और ऑर्गन ट्रांसप्लांट सुविधाओं पर दो हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे।
- आज यानी 22 अप्रैल की कैबिनेट बैठक में इन सभी प्रस्तावों को रखा जा सकता है।
News In Detail
तीमारदारों को मिलेगी छत
मध्यप्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में अब मरीजों के परिजनों को ठहरने की जगह मिलेगी। राज्य सरकार इन कॉलेजों में शेल्टर होम बनाने की योजना लाई है। आज यानी 22 अप्रैल को होने वाली कैबिनेट बैठक में यह प्रस्ताव रखा जा सकता है। इसके तहत तीमारदारों को रहने की जगह और बुनियादी सुविधाएं दी जाएंगी। कैबिनेट बैठक में खासतौर पर महिला आरक्षण बिल को लेकर भी विचार-विमर्श होने की संभावना है।
20 कॉलेज, बड़ी जरूरत
एमपी स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, अभी प्रदेश में 20 सरकारी मेडिकल कॉलेज चल रहे हैं। इन कॉलेजों में ग्रामीण इलाकों और आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में मरीज आते हैं। जिला अस्पतालों से रेफर होने वाले गंभीर मरीज भी यहीं भर्ती होते हैं। ऐसे में परिजनों को ठहरने में बहुत परेशानी होती है। कई बार मरीज के साथ आए लोग रात को बाहर या खुले में गुजारने को मजबूर होते हैं।
9 नए कॉलेजों में भी सुविधा
प्रस्ताव के मुताबिक, वर्तमान मेडिकल कॉलेजों के साथ-साथ निर्माणाधीन नौ नए कॉलेजों में भी यह सुविधा विकसित की जाएगी। ये नए कॉलेज 2028 तक शुरू होने हैं। यानी आने वाले समय में राज्य के कुल 29 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में तीमारदारों को ठहरने की व्यवस्था होगी।
2 हजार करोड़ का निवेश
सिर्फ शेल्टर होम ही नहीं, सरकार की बड़ी स्वास्थ्य योजनाएं भी इसी कैबिनेट बैठक में आ सकती हैं। अगले पांच साल में सभी मेडिकल कॉलेजों में कैथ लैब (Catheterization Laboratory) और ऑर्गन ट्रांसप्लांट (Organ Transplant) जैसी सुविधाओं के विकास पर करीब दो हजार करोड़ रुपए खर्च करने का प्रस्ताव है।
मंडला को मिल सकती है सौगात
कैबिनेट बैठक में मंडला में नए मेडिकल कॉलेज को स्वीकृति मिलने की भी उम्मीद है। साथ ही राजा हृदय शाह मेडिकल कॉलेज के निर्माण को भी प्रशासकीय मंजूरी मिल सकती है। इंदौर से जुड़ी एक नई सिंचाई परियोजना भी इसी बैठक में रखी जा सकती है।
सीएम केयर योजना जारी रखने का प्रस्ताव
मध्यप्रदेश कैबिनेट बैठक में सीएम केयर योजना-2026 को जारी रखने की मंजूरी भी मिल सकती है। इस योजना के तहत कैंसर (Cancer) और हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए सुपर स्पेशलिटी (Super Speciality) सुविधाओं का विस्तार किया जाना है। यह योजना गरीब और मध्यम वर्ग के मरीजों के लिए खास तौर पर फायदेमंद साबित हो सकती है।
परिजनों की राहत बनेगी नीति
अभी तक जिन परिवारों के मरीज लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती रहते थे, उनके लिए रुकना मुश्किल होता था। खाने, सोने और शौचालय जैसी बुनियादी जरूरतें पूरी नहीं हो पाती थीं। शेल्टर होम इस समस्या का सीधा हल है। यह पहल सरकारी अस्पतालों की छवि को भी बदलेगी।
MP News: मोहन कैबिनेट की ये खबर भी पढ़िए...
मोहन कैबिनेट से किसानों को मिली राहत भरी सौगात, 6 जिलों में नए मेडिकल कॉलेज को मिली मंजूरी
मोहन कैबिनेट ने किसानों को दिया बड़ा तोहफा, SC छात्रों को मिलेंगे 10 हजार रुपए, FTRI को मंजूरी
मोहन कैबिनेट के बड़े फैसले: सिंहस्थ-2028 की तैयारी तेज, किसानों और जल अभियान पर फोकस
मोहन कैबिनेट ने कर्मचारियों और किसानों को दी सौगात, युवाओं के लिए शुरु की नई योजना