मध्य प्रदेश में मूंग खरीद लक्ष्य 4.54 लाख से बढ़ाकर 8.06 लाख मैट्रिक टन करने की मांग
समझें क्या है पूरा मामला
- मध्य प्रदेश सरकार ने मूंग उपार्जन लक्ष्य बढ़ाने की मांग की है।
- कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंषाना ने केंद्र को पत्र लिखा है।
- केंद्र ने अभी सिर्फ 4.54 लाख मैट्रिक टन का लक्ष्य दिया है।
- राज्य सरकार को 8.06 लाख मैट्रिक टन लक्ष्य की जरूरत है।
- प्रदेश में इस साल मूंग का बंपर उत्पादन होने का अनुमान है।
केंद्र को फिर लिखा पत्र
मध्य प्रदेश सरकार ने एक बार फिर केंद्र सरकार को पत्र लिखा है। यह पत्र मूंग उपार्जन के लक्ष्य को लेकर लिखा गया है। कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंषाना ने यह पत्र भेजा है। पत्र केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को लिखा गया है।
मंत्री ने बताया कि राज्य ने पहले भी दो बार प्रस्ताव भेजा था। ये प्रस्ताव 14 मई और 3 जुलाई 2026 को भेजे गए थे। दोनों बार राज्य ने 8.06 लाख मेट्रिक टन मूंग उपार्जन का प्रस्ताव रखा था। लेकिन केंद्र सरकार ने राज्य को सिर्फ 4.54 लाख मेट्रिक टन का लक्ष्य दिया।
मंत्री ने इसके लिए केंद्र का आभार भी जताया है। साथ ही उन्होंने लक्ष्य बढ़ाने की मांग दोहराई है। यह पत्र मध्य प्रदेश के मूंग किसानों की ओर से भेजा गया है। मंत्री ने पत्र में किसानों की स्थिति का पूरा ब्योरा दिया है।
कितना है मूंग का रकबा
पत्र में इस साल की खेती का भी पूरा ब्योरा दिया गया है। इस साल ग्रीष्मकालीन मूंग का रकबा करीब 14.30 लाख हेक्टेयर है। पिछले साल के अंतिम अनुमान के आधार पर उत्पादकता तय की गई है। इस साल के तीसरे अग्रिम अनुमान को भी आधार बनाया गया है। इसके अनुसार प्रदेश में मूंग की उत्पादकता 1410 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर है।
इस हिसाब से प्रदेश का कुल उत्पादन 20.16 लाख मेट्रिक टन होने का अनुमान है। यह आंकड़ा प्रदेश में मूंग की अच्छी पैदावार का संकेत देता है। इतने बड़े उत्पादन को देखते हुए उपार्जन लक्ष्य भी बड़ा होना चाहिए। मंत्री का कहना है कि आंकड़े सरकारी अनुमान पर आधारित हैं। ये अनुमान कृषि विभाग की रिपोर्ट से लिए गए हैं।
पिछले साल का हाल भी बताया
मंत्री ने पत्र में पिछले साल के आंकड़े भी शामिल किए हैं। पिछले साल केंद्र सरकार ने 4.19 लाख मेट्रिक टन का लक्ष्य दिया था। लेकिन राज्य में इसके मुकाबले कहीं ज्यादा उपार्जन हुआ। पिछले साल कुल 7.72 लाख मेट्रिक टन मूंग का उपार्जन हुआ था।
यह आंकड़ा तय लक्ष्य से काफी अधिक रहा। मंत्री का कहना है कि इससे साबित होता है कि मांग बड़ी है। इसी वजह से इस साल भी बड़ा लक्ष्य जरूरी बताया गया है।
सिर्फ 82 हजार किसानों ने बेचा
पत्र में किसानों की भागीदारी का भी जिक्र किया गया है। इस साल मूंग उपार्जन के लिए 3.47 लाख किसान पंजीकृत हुए हैं। लेकिन अब तक सिर्फ 82 हजार किसानों ने ही मूंग बेचा है। यह आंकड़ा पंजीकृत किसानों की संख्या से काफी कम है।
मंत्री का मानना है कि कम लक्ष्य इसकी एक बड़ी वजह है। सीमित लक्ष्य की वजह से कई किसान अब तक उपार्जन नहीं करा सके। इससे किसानों को उचित मूल्य का पूरा फायदा नहीं मिल पा रहा। मंत्री का कहना है कि यह स्थिति जल्द सुधरनी चाहिए। इसके लिए लक्ष्य में तुरंत बढ़ोतरी जरूरी बताई गई है।
क्यों जरूरी है ज्यादा लक्ष्य
मंत्री ने पत्र में लक्ष्य बढ़ाने के पीछे की वजह भी बताई है। उनका कहना है कि किसानों को बेहतर मूल्य मिलना जरूरी है। इससे किसान भविष्य में भी दलहन फसलों की खेती जारी रखेंगे। न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का फायदा ज्यादा किसानों तक पहुंचना चाहिए।
मौजूदा लक्ष्य सीमा में यह फायदा सभी किसानों तक नहीं पहुंच पा रहा। इसीलिए राज्य सरकार ने दोबारा लक्ष्य बढ़ाने का अनुरोध किया है। यह मांग किसानों के हित को ध्यान में रखकर की गई है।
अब क्या मांग रखी गई है
मंत्री ने पत्र में एक ठोस समाधान का सुझाव भी दिया है। उनका सुझाव है कि विपणन वर्ष 2026-27 का लक्ष्य बदला जाए। यह मांग प्राइस सपोर्ट स्कीम (Price Support Scheme) के तहत की गई है। यह स्कीम केंद्र सरकार की एक बड़ी योजना है। इस स्कीम में राष्ट्रीय स्तर पर एक तय लक्ष्य होता है।
मंत्री का सुझाव है कि अन्य राज्यों के बचे हिस्से का इस्तेमाल हो। जो राज्य ग्रीष्मकालीन मूंग कम उगाते हैं, उनका बचत हिस्सा मध्य प्रदेश को मिले। इस तरह प्रदेश का लक्ष्य कुल उत्पादन के 40 प्रतिशत तक बढ़ सकता है। यह आंकड़ा करीब 8.06 लाख मेट्रिक टन के बराबर होगा।
पत्र के अंत में मंत्री ने केंद्रीय मंत्री से अनुरोध दोहराया है। उन्होंने प्रदेश के लाखों मूंग उत्पादक किसानों का हवाला भी दिया है। मंत्री को उम्मीद है कि केंद्र सरकार जल्द फैसला लेगी। इससे प्रदेश के किसानों को सीधा फायदा मिल सकता है। मंत्री ने पत्र में इसे प्रदेश के किसानों के हित से जोड़ा है। अब सबकी निगाहें केंद्र सरकार के अगले फैसले पर टिकी हैं।
जरूरी FAQ
मध्य प्रदेश सरकार ने केंद्र से क्या मांग की है?
मध्य प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार से ग्रीष्मकालीन मूंग उपार्जन का लक्ष्य बढ़ाकर 8.06 लाख मेट्रिक टन करने की मांग की है। कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंषाना ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को इस बारे में पत्र लिखा है।
अभी केंद्र ने मध्य प्रदेश को कितना लक्ष्य दिया है?
केंद्र सरकार ने इस साल मध्य प्रदेश को 4.54 लाख मेट्रिक टन मूंग उपार्जन का लक्ष्य दिया है, जबकि राज्य ने 8.06 लाख मेट्रिक टन का प्रस्ताव भेजा था। पिछले साल भी राज्य ने तय लक्ष्य से ज्यादा, यानी 7.72 लाख मेट्रिक टन मूंग खरीदा था।
प्रदेश में इस साल मूंग की स्थिति क्या है?
इस साल मध्य प्रदेश में ग्रीष्मकालीन मूंग का रकबा करीब 14.30 लाख हेक्टेयर है और कुल उत्पादन 20.16 लाख मेट्रिक टन होने का अनुमान है। अब तक 3.47 लाख पंजीकृत किसानों में से सिर्फ 82 हजार किसानों ने ही मूंग बेचा है।
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