किसानों को मंजूर नहीं सरकार के फैसले, सीएम हाउस से 300 मीटर तक पहुंचे किसान, पुलिस मनाने में लगी
Sanjay Dhiman | Jul 28, 2026, 20:50 IST
farmar protest in bhopal
भोपाल में किसानों का आंदोलन लगातार जारी है। किसान और सरकार के बीच दो घंटे की बैठक के बाद भी सहमति नहीं बन सकी है। किसान अब मुख्यमंत्री आवास तक मार्च करने की तैयारी कर रहे हैं। लेकिन पुलिस ने पॉलिटेक्निक चौराहे पर इन्हें रोक दिया है।
मंत्रालय में दो घंटे चली किसानों और सरकार की बैठक के निर्णय से किसान सहमत नहीं हुए। रात 11 बजे भी बड़ी संख्या में किसान भोपाल के रोशनपुरा चौराहे से लेकर बाणगंगा तक सड़क पर डटे नजर आए।
बताया जा रहा है कि सरकार ने साठ फीसदी खरीदी के साथ कई अन्य प्रस्वात किसानों को दिए है। लेकिन किसानों में भी सरकार के फैसलों को लेकर एकराय बनती नहीं दिख रही है। इधर आंदोलनकारी किसान अभी भी सीएम हाउस के मात्र तीन सौ मीटर दूर पॉलिटेक्निक चौराहे के करीब पुलिस की बैरिकेटिंग के आसपास जमा है।
इधर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी लगातार किसानों को समझाकर वापस लौटने की अपील करते दिखाई दे रहे है।
0000
मात्र 24 घंटे में किसान अपनी मंगलवार की घोषणा को पूरा करते दिखाई देने लगे है। कल जहां किसान शहर के अंदर प्रवेश कर होशंगाबाद रोड पर कब्जा करके बैठे थे, तो आज शाम छह बजे तक यह किसान सीएम हाउस के करीब तक पहुंच गए। शाम छह बजे दो सौ से अधिक किसान सीएम हाउस से मात्र पांच सौ मीटर दूर रोशनपुरा चौराहे तक आ चुके है। यहां किसानों के प्रदर्शन के कारण जाम जैसे हालात बन गए है।
किसानों को रोकने के दावे करने वाली राजधानी पुलिस इनके सामने लाचार नजर आ रही थी। इससे पहले किसानों की भीड़ पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निवास के सामने जमा हो गई थी। यहां किसानों ने जमकर नारेबाजी कर अपनी मांगों पर पूर्व सीएम से समर्थन मांगा।
इधर रोशनपुर चौराहे से लेकर न्यू मार्केट तक की सड़क पर शाम को किसान ही किसान नजर आ रहे थे। इस भीड़ के कारण नौकरीपेशा लोगों के साथ ही अन्य लोगों को जाम से जूझना पड़ रहा था।
किसान आंदोलन के कारण शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरफ चरमरा गई है। शहर के कई प्रमुख मार्गों पर जाम के हालात बने हुए है। आंदोलन लगातार चल रहा है। इसे देखते हुए पुलिस ने लोगों के लिए एडवाइजरी जारी कर कुछ प्रमुख वैकल्पिक मार्ग बताएं है।
भोपाल शहर में मंगलवार शाम से किसान सड़क पर धरने पर बैठे हैं। यह जगह आर.आर.एल. तिराहा ब्रिज के नर्मदापुरम रोड की तरफ है। धरने के कारण इस सड़क पर वाहनों की आवाजाही ठप हो गई है।
नगरीय यातायात पुलिस भोपाल ने इस बारे में एक प्रेस नोट जारी किया है। नोट में साफ कहा गया है कि नर्मदापुरम मार्ग सीधा नहीं चल पा रहा है। इसलिए आम लोगों को दूसरे रास्तों का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।
![12524dc4-8f1]()
पुलिस ने अलग-अलग दिशाओं से आने वाले वाहनों के लिए अलग रूट बताए हैं। हर रूट किसी खास इलाके के लोगों के लिए बनाया गया है।
नर्मदापुरम जाने वालों को कोलार गेस्ट हाउस तिराहा से कोलार 6 लेन रोड लेनी होगी। इसके बाद होली क्रॉस स्कूल तिराहा और ग्राम अमरावत कला होते हुए मंडीदीप पहुंचना होगा। वहां से नर्मदापुरम आसानी से पहुंचा जा सकता है।
मंडीदीप से भोपाल शहर या एमपी नगर आने वाले वाहन 11 मील बाईपास का सहारा ले सकते हैं। इसके बाद नंदी चौराहा, खजूरी कला, एसओएस रोड पिपलानी और गोविंदपुरा होते हुए ज्योति टॉकीज और बोर्ड ऑफिस तक पहुंचा जा सकता है।
मिसरोद और भोपाल विश्वविद्यालय के बीच की कॉलोनियों के निवासी बावड़िया ब्रिज से दानापानी होते हुए रोहित नगर, शाहपुरा और बाबा नगर तक जा सकते हैं। यहां से चूनाभट्टी या मनीषा मार्केट का रास्ता भी खुला है।
मिसरोद क्षेत्र के लोग थाना मिसरोद चौराहे से सलैया होते हुए कोलार और चूनाभट्टी की तरफ आ-जा सकते हैं। यह रूट स्थानीय निवासियों के लिए सबसे आसान बताया गया है।
बागसेवनिया थाना क्षेत्र से आने वाले लोग बागमुगालिया, कुबेर डेयरी और एम्स अस्पताल का रास्ता ले सकते हैं। इसके बाद अल्कापुरी डीआरएम ऑफिस और हबीबगंज चौराहे से होते हुए आईएसबीटी तिराहे तक पहुंचा जा सकता है। यहां से शहर में आना-जाना आसान होगा।
आईएसबीटी और अन्य जगहों से चलने वाली बसें भी प्रभावित रहेंगी। ये बसें प्रभात चौराहा, पिपलानी चौराहा और पटेल नगर चौराहे से बाईपास होकर नर्मदापुरम, बैतूल और जबलपुर की तरफ जा सकेंगी।
नगरीय पुलिस भोपाल ने आम जनता से यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है। पुलिस ने कहा है कि व्यवस्था बनाए रखने में सभी का सहयोग जरूरी है।
किसी भी तरह की असुविधा होने पर लोग यातायात हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। ये नंबर हैं 0755-2677340 और 2443850। पुलिस लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है।
0000
भोपाल में मूंग खरीदी, ई-टोकन व्यवस्था और अन्य मांगों को लेकर किसानों का प्रदर्शन तीसरे दिन भी जारी है। सीएम हाउस की ओर बढ़ रहे किसानों ने पुलिस की तीन जगह लगाई बैरिकेडिंग को तोड़ दिया है। किसानों की भीड़ लगातार आगे बढ़ रही है। 300 से ज्यादा किसान लगातार पुलिस को चुनौती देते हुए सीएम हाउस की ओर बढ़ रहे है। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए कई स्तरों पर सुरक्षा व्यवस्था की है।
प्रदर्शन के दौरान कुछ किसान अर्धनग्न होकर विरोध जता रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि किसानों से बातचीत के लिए मंत्रियों की समिति बनाई गई है। वहीं नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर किसानों की मांगों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया है।
इधर राजधानी में लगातार बढ़ती किसानों की भीड़ ने पुलिस के पसीने छुड़ा दिए है। राजधानी में आंदोलन को संभालने के लिए पुलिस ने भोपाल से लगे सभी पड़ोसी जिलों के एंट्री पाइंट पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है।
00000
भोपाल में किसानों का आंदोलन लगातार उग्र होता जा रहा है। किसान कपड़े उतारकर प्रदर्शन कर रहे हैं। साथ ही प्रदर्शनकारी किसान बसों पर चढ़ गए हैं। वहीं किसान अब मुख्यमंत्री आवास तक मार्च करने की तैयारी कर रहे हैं।
-------------------
किसान आंदोलन के चलते विचित्र कुमार सिन्हा मार्ग से मुख्यमंत्री आवास जाने वाले रास्ते पर पुलिस ने कड़ा पहरा लगा दिया है और जगह-जगह बैरिकेड्स खड़े कर दिए हैं। एडिशनल पुलिस कमिश्नर शैलेंद्र सिंह चौहान के मुताबिक, किसानों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए सड़क पर सरकारी बसें भी अड़ाकर खड़ी की गई हैं।
उधर मौके पर मौजूद कुछ किसानों का कहना है कि जैसे ही उनके बाकी साथी आ जाएंगे, वे यहां से सीधे मुख्यमंत्री आवास की तरफ निकलेंगे। वहीं ऐसा भी माना जा रहा है कि किसान इस रास्ते के अलावा जवाहर चौक वाले रास्ते से भी आगे बढ़ सकते हैं।
![373593bd-fb9]()
-----
मध्य प्रदेश में मूंग की पूरी फसल MSP पर खरीदने की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन तेज हो गया है। नर्मदापुरम से पैदल मार्च करते हुए किसान भोपाल पहुंच गए हैं और सावरकर सेतु के पास डटे हुए हैं।
आंदोलन के बीच राज्य सरकार ने भी केंद्र से मदद मांगी है। इसके लिए कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को चिट्ठी लिखी है। वहीं, किसान अब मुख्यमंत्री आवास तक मार्च करने की तैयारी कर रहे हैं।
चिट्ठी में बताया गया है कि 14 मई से 3 जुलाई 2026 के बीच प्रदेश में करीब 8.06 लाख मीट्रिक टन मूंग का उत्पादन हुआ है। लेकिन अभी तक सिर्फ 4.54 लाख मीट्रिक टन मूंग की MSP पर खरीद का लक्ष्य तय किया गया है।
सरकार का कहना है कि अगर खरीद का दायरा नहीं बढ़ाया गया, तो बड़ी संख्या में किसान अपनी मूंग MSP पर नहीं बेच पाएंगे।
आंदोलन की वजह से नर्मदापुरम रोड पर ट्रैफिक का रूट बदलना पड़ा। वहीं होशंगाबाद रोड, एम्स, बंसल प्लाजा और कटारा हिल्स रोड पर लोगों को लंबे जाम का सामना करना पड़ा।
हालात को देखते हुए नर्मदापुरम रोड के आसपास के कुछ स्कूलों की छुट्टी भी पहले ही कर दी गई।
-----
मध्यप्रदेश में मूंग की पूरी सरकारी खरीदी की मांग तेज हो गई है। इसी मांग को लेकर भोपाल में हजारों किसान जुट गए। किसान मुख्यमंत्री आवास घेरने के लिए निकले थे। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए भारी बल तैनात किया। इस दौरान शहर में कई जगह भारी जाम लग गया।
![f67c8dcd-f5e]()
मध्यप्रदेश में किसान लंबे समय से सौ फीसदी सरकारी मूंग खरीदी की मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही खाद वितरण व्यवस्था में सुधार की भी मांग उठी है। इन मांगों को लेकर करीब दो हजार किसान भोपाल पहुंचे। उनका इरादा मुख्यमंत्री आवास तक पहुंचने का था।
किसान होशंगाबाद रोड की तरफ बढ़े। यहां वीर सावरकर सेतु से पहले पुलिस पहले से तैयार खड़ी थी। पुलिस और किसानों के बीच सीधा सामना हो गया। किसान नेताओं ने साफ कहा कि वे मुख्यमंत्री आवास के सामने डेरा डालेंगे। उनका कहना है कि मांगें पूरी होने तक वे वापस नहीं लौटेंगे।
![067eb1bd-912]()
किसानों का यह टकराव अचानक नहीं हुआ। इससे पहले 11 मील बायपास पर भी झड़प हो गई थी। पुलिस ने वहां बैरिकेड लगाए थे। किसानों ने इन बैरिकेड को हटाकर आगे का रास्ता बना लिया। इसके बाद प्रशासन ने होशंगाबाद रोड पर सुरक्षा और बढ़ा दी।
किसानों की तैयारी लंबी लड़ाई के लिए दिख रही है। आंदोलनकारी अपने साथ सात दिन का राशन-पानी लेकर आए हैं। इससे साफ है कि वे जल्दी वापस जाने के मूड में नहीं हैं। प्रशासन के लिए यह स्थिति चुनौती बन गई है।
किसान आंदोलन का सीधा असर भोपाल के ट्रैफिक पर पड़ा है। ट्रैफिक डायवर्जन के कारण कटारा हिल्स रोड पर करीब तीन किलोमीटर लंबा जाम लगा। बंसल प्लाजा के पास भी हालात खराब रहे। यहां बड़ी संख्या में वाहन घंटों जाम में फंसे रहे।
आम लोगों को इस जाम से खासी परेशानी हुई। दफ्तर और स्कूल जाने वाले लोग रास्तों में अटके रहे। पुलिस ने वाहनों को दूसरे रास्तों से निकालने की कोशिश की। इसके बावजूद कई इलाकों में यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा।
सीएम मोहन यादव
बताया जा रहा है कि सरकार ने साठ फीसदी खरीदी के साथ कई अन्य प्रस्वात किसानों को दिए है। लेकिन किसानों में भी सरकार के फैसलों को लेकर एकराय बनती नहीं दिख रही है। इधर आंदोलनकारी किसान अभी भी सीएम हाउस के मात्र तीन सौ मीटर दूर पॉलिटेक्निक चौराहे के करीब पुलिस की बैरिकेटिंग के आसपास जमा है।
इधर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी लगातार किसानों को समझाकर वापस लौटने की अपील करते दिखाई दे रहे है।
0000
मात्र 24 घंटे में किसान अपनी मंगलवार की घोषणा को पूरा करते दिखाई देने लगे है। कल जहां किसान शहर के अंदर प्रवेश कर होशंगाबाद रोड पर कब्जा करके बैठे थे, तो आज शाम छह बजे तक यह किसान सीएम हाउस के करीब तक पहुंच गए। शाम छह बजे दो सौ से अधिक किसान सीएम हाउस से मात्र पांच सौ मीटर दूर रोशनपुरा चौराहे तक आ चुके है। यहां किसानों के प्रदर्शन के कारण जाम जैसे हालात बन गए है।
किसानों को रोकने के दावे करने वाली राजधानी पुलिस इनके सामने लाचार नजर आ रही थी। इससे पहले किसानों की भीड़ पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निवास के सामने जमा हो गई थी। यहां किसानों ने जमकर नारेबाजी कर अपनी मांगों पर पूर्व सीएम से समर्थन मांगा।
इधर रोशनपुर चौराहे से लेकर न्यू मार्केट तक की सड़क पर शाम को किसान ही किसान नजर आ रहे थे। इस भीड़ के कारण नौकरीपेशा लोगों के साथ ही अन्य लोगों को जाम से जूझना पड़ रहा था।
यातायात पुलिस ने कहा, होशंगाबाद रोड पर जाने से बचे
धरने से मार्ग हुआ प्रभावित
नगरीय यातायात पुलिस भोपाल ने इस बारे में एक प्रेस नोट जारी किया है। नोट में साफ कहा गया है कि नर्मदापुरम मार्ग सीधा नहीं चल पा रहा है। इसलिए आम लोगों को दूसरे रास्तों का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।
12524dc4-8f1
पुलिस ने बताए 6 वैकल्पिक रास्ते
नर्मदापुरम जाने वालों को कोलार गेस्ट हाउस तिराहा से कोलार 6 लेन रोड लेनी होगी। इसके बाद होली क्रॉस स्कूल तिराहा और ग्राम अमरावत कला होते हुए मंडीदीप पहुंचना होगा। वहां से नर्मदापुरम आसानी से पहुंचा जा सकता है।
मंडीदीप से भोपाल शहर या एमपी नगर आने वाले वाहन 11 मील बाईपास का सहारा ले सकते हैं। इसके बाद नंदी चौराहा, खजूरी कला, एसओएस रोड पिपलानी और गोविंदपुरा होते हुए ज्योति टॉकीज और बोर्ड ऑफिस तक पहुंचा जा सकता है।
मिसरोद और भोपाल विश्वविद्यालय के बीच की कॉलोनियों के निवासी बावड़िया ब्रिज से दानापानी होते हुए रोहित नगर, शाहपुरा और बाबा नगर तक जा सकते हैं। यहां से चूनाभट्टी या मनीषा मार्केट का रास्ता भी खुला है।
मिसरोद क्षेत्र के लोग थाना मिसरोद चौराहे से सलैया होते हुए कोलार और चूनाभट्टी की तरफ आ-जा सकते हैं। यह रूट स्थानीय निवासियों के लिए सबसे आसान बताया गया है।
बागसेवनिया थाना क्षेत्र से आने वाले लोग बागमुगालिया, कुबेर डेयरी और एम्स अस्पताल का रास्ता ले सकते हैं। इसके बाद अल्कापुरी डीआरएम ऑफिस और हबीबगंज चौराहे से होते हुए आईएसबीटी तिराहे तक पहुंचा जा सकता है। यहां से शहर में आना-जाना आसान होगा।
आईएसबीटी और अन्य जगहों से चलने वाली बसें भी प्रभावित रहेंगी। ये बसें प्रभात चौराहा, पिपलानी चौराहा और पटेल नगर चौराहे से बाईपास होकर नर्मदापुरम, बैतूल और जबलपुर की तरफ जा सकेंगी।
पुलिस ने की सहयोग की अपील
किसी भी तरह की असुविधा होने पर लोग यातायात हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। ये नंबर हैं 0755-2677340 और 2443850। पुलिस लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है।
0000
भोपाल में मूंग खरीदी, ई-टोकन व्यवस्था और अन्य मांगों को लेकर किसानों का प्रदर्शन तीसरे दिन भी जारी है। सीएम हाउस की ओर बढ़ रहे किसानों ने पुलिस की तीन जगह लगाई बैरिकेडिंग को तोड़ दिया है। किसानों की भीड़ लगातार आगे बढ़ रही है। 300 से ज्यादा किसान लगातार पुलिस को चुनौती देते हुए सीएम हाउस की ओर बढ़ रहे है। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए कई स्तरों पर सुरक्षा व्यवस्था की है।
प्रदर्शन के दौरान कुछ किसान अर्धनग्न होकर विरोध जता रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि किसानों से बातचीत के लिए मंत्रियों की समिति बनाई गई है। वहीं नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर किसानों की मांगों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया है।
जिलों की सीमाओं पर तैनात पुलिस
00000
भोपाल में किसानों का आंदोलन लगातार उग्र होता जा रहा है। किसान कपड़े उतारकर प्रदर्शन कर रहे हैं। साथ ही प्रदर्शनकारी किसान बसों पर चढ़ गए हैं। वहीं किसान अब मुख्यमंत्री आवास तक मार्च करने की तैयारी कर रहे हैं।
-------------------
किसान आंदोलन के चलते विचित्र कुमार सिन्हा मार्ग से मुख्यमंत्री आवास जाने वाले रास्ते पर पुलिस ने कड़ा पहरा लगा दिया है और जगह-जगह बैरिकेड्स खड़े कर दिए हैं। एडिशनल पुलिस कमिश्नर शैलेंद्र सिंह चौहान के मुताबिक, किसानों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए सड़क पर सरकारी बसें भी अड़ाकर खड़ी की गई हैं।
उधर मौके पर मौजूद कुछ किसानों का कहना है कि जैसे ही उनके बाकी साथी आ जाएंगे, वे यहां से सीधे मुख्यमंत्री आवास की तरफ निकलेंगे। वहीं ऐसा भी माना जा रहा है कि किसान इस रास्ते के अलावा जवाहर चौक वाले रास्ते से भी आगे बढ़ सकते हैं।
किसान अर्धनग्न होकर प्रदर्शन कर रहे
373593bd-fb9
-----
मध्य प्रदेश में मूंग की पूरी फसल MSP पर खरीदने की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन तेज हो गया है। नर्मदापुरम से पैदल मार्च करते हुए किसान भोपाल पहुंच गए हैं और सावरकर सेतु के पास डटे हुए हैं।
आंदोलन के बीच राज्य सरकार ने भी केंद्र से मदद मांगी है। इसके लिए कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को चिट्ठी लिखी है। वहीं, किसान अब मुख्यमंत्री आवास तक मार्च करने की तैयारी कर रहे हैं।
चिट्ठी में बताया गया है कि 14 मई से 3 जुलाई 2026 के बीच प्रदेश में करीब 8.06 लाख मीट्रिक टन मूंग का उत्पादन हुआ है। लेकिन अभी तक सिर्फ 4.54 लाख मीट्रिक टन मूंग की MSP पर खरीद का लक्ष्य तय किया गया है।
सरकार का कहना है कि अगर खरीद का दायरा नहीं बढ़ाया गया, तो बड़ी संख्या में किसान अपनी मूंग MSP पर नहीं बेच पाएंगे।
आंदोलन की वजह से नर्मदापुरम रोड पर ट्रैफिक का रूट बदलना पड़ा। वहीं होशंगाबाद रोड, एम्स, बंसल प्लाजा और कटारा हिल्स रोड पर लोगों को लंबे जाम का सामना करना पड़ा।
हालात को देखते हुए नर्मदापुरम रोड के आसपास के कुछ स्कूलों की छुट्टी भी पहले ही कर दी गई।
-----
मध्यप्रदेश में मूंग की पूरी सरकारी खरीदी की मांग तेज हो गई है। इसी मांग को लेकर भोपाल में हजारों किसान जुट गए। किसान मुख्यमंत्री आवास घेरने के लिए निकले थे। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए भारी बल तैनात किया। इस दौरान शहर में कई जगह भारी जाम लग गया।
f67c8dcd-f5e
किसानों का प्रदर्शन तेज हुआ
किसान होशंगाबाद रोड की तरफ बढ़े। यहां वीर सावरकर सेतु से पहले पुलिस पहले से तैयार खड़ी थी। पुलिस और किसानों के बीच सीधा सामना हो गया। किसान नेताओं ने साफ कहा कि वे मुख्यमंत्री आवास के सामने डेरा डालेंगे। उनका कहना है कि मांगें पूरी होने तक वे वापस नहीं लौटेंगे।
067eb1bd-912
बायपास पर पहले हुई धक्का-मुक्की
किसानों की तैयारी लंबी लड़ाई के लिए दिख रही है। आंदोलनकारी अपने साथ सात दिन का राशन-पानी लेकर आए हैं। इससे साफ है कि वे जल्दी वापस जाने के मूड में नहीं हैं। प्रशासन के लिए यह स्थिति चुनौती बन गई है।
शहर में जगह-जगह जाम की स्थिति
आम लोगों को इस जाम से खासी परेशानी हुई। दफ्तर और स्कूल जाने वाले लोग रास्तों में अटके रहे। पुलिस ने वाहनों को दूसरे रास्तों से निकालने की कोशिश की। इसके बावजूद कई इलाकों में यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा।
सीएम मोहन यादव
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari