एमपी के सात माता मंदिरों में बदली दर्शन व्यवस्था: बगलामुखी में वीआईपी एंट्री बंद, मैहर में 700 जवान तैनात, जानें से पहले देख लें गाइड

Manya Jain | Sootr Creatives | Oct 11, 2026, 14:27 IST
Share
नवरात्रि 2026 में मप्र के 7 देवी मंदिरों का दर्शन गाइड
नवरात्रि 2026 में मप्र के 7 देवी मंदिरों का दर्शन गाइड

आज से नवरात्रि शुरू हो गई है। नवरात्रि की शुरुआत के साथ मप्र के देवी मंदिरों में खास इंतजाम हो गए हैं। बगलामुखी मंदिर में वीआईपी एंट्री बंद है। मैहर शारदा माता मंदिर में 700 से ज्यादा जवान तैनात हैं। इस गाइड में जानिए एमपी के 7 बड़े मंदिरों का क्या है आरती का समय और दर्शन व्यवस्था।

मैहर शारदा माता मंदिर

मैहर के त्रिकूट पर्वत पर मां शारदा का मंदिर करीब 600 फीट की ऊंचाई पर है। मान्यता है कि यहां माता सती का हार गिरा था। इसी से नगरी का नाम मैहर पड़ा। माना जाता है कि वीर आल्हा-ऊदल आज भी ब्रह्ममुहूर्त में पूजा करने आते हैं।

इस बार यहां तीन स्तरीय सुरक्षा घेरा है। 700 से ज्यादा पुलिसकर्मी, होमगार्ड और विशेष सशस्त्र बल (SAF) के जवान तैनात हैं। मेला क्षेत्र, सीढ़ी मार्ग और गर्भगृह पर 100 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। दो ड्रोन कैमरे भी निगरानी में हैं।

मैहर शारदा माता मंदिर
मैहर शारदा माता मंदिर
वीआईपी दर्शन व्यवस्था पर पाबंदी है। वाहन रोपवे से डेढ़ किलोमीटर दूर रोके जाएंगे। मंदिर में रोज तीन आरती होती हैं। मंगला आरती तड़के 3 बजे, दोपहर आरती 1 बजे और शयन आरती रात 11 बजे होती है। यह समय सिर्फ नवरात्रि के लिए बताया गया है। रोपवे सुबह 7 बजे से चलता है।

माता को लाल चुनरी, नारियल, रोली और सुहाग पिटारी चढ़ती है। इलायची दाना और पेड़े का भोग भी लगता है। जल्दी दर्शन कराने का दावा करने वालों से बचें। सिर्फ कतार या मंदिर समिति के अधिकृत पर्ची काउंटर से दर्शन करें।

नलखेड़ा का बगलामुखी मंदिर

आगर-मालवा के नलखेड़ा में लखुंदर नदी किनारे यह तांत्रिक सिद्धपीठ है। यहां मां बगलामुखी की त्रिमुखी प्रतिमा है। मान्यता है कि प्रतिमा महाभारत कालीन और स्वयंभू है। मंदिर शत्रु पर विजय के हवन-अनुष्ठानों के लिए जाना जाता है।

इस नवरात्रि वीआईपी और वीवीआईपी व्यवस्था खत्म कर दी गई है। सभी श्रद्धालुओं को गर्भगृह के बाहर से दर्शन कराए जाएंगे। भीड़ के समय अलग-अलग लेन और पुलिस बल की मदद ली जाएगी।

नलखेड़ा का बगलामुखी मंदिर
नलखेड़ा का बगलामुखी मंदिर
रिपोर्ट के मुताबिक मंगला आरती सुबह 6 बजे और संध्या आरती शाम 7:30 बजे होती है। सामान्य दर्शन रात 10 बजे तक चलते हैं। रात 10:30 से 11 बजे के बीच पट बंद होंगे। पीली सामग्री का खास महत्व बताया गया है। हल्दी, पीली चुनरी और पीले फूल ले जाए जाते हैं।

यहां सावधानी भी जरूरी है। 19 सितंबर 2026 को मंदिर मार्ग के नाले में कार बहने से 8 लोगों की मौत हुई थी। पानी बह रहा हो तो पुलिया पार न करें। तेज बारिश और रात में खास ध्यान रखें। जहां प्रशासन ने रास्ता रोका हो, वहां दूसरे रास्ते से न जाएं।

उज्जैन का हरसिद्धि मंदिर

उज्जैन का हरसिद्धि माता मंदिर 51 शक्तिपीठों में गिना जाता है। यह महाकाल मंदिर से करीब 500 मीटर दूर है। मान्यता है कि यहां माता सती की कोहनी गिरी थी। मंदिर की पहचान 51 फीट ऊंचे दो दीप स्तंभ हैं।

इन स्तंभों में कुल 1011 दीपक हैं। इन्हें जलाने में करीब 60 लीटर तेल और चार किलो रुई की बाती लगती है। उज्जैन का जोशी परिवार करीब 100 साल से यह परंपरा निभा रहा है। दीप प्रज्वलन की बुकिंग 31 दिसंबर तक फुल है।

उज्जैन का हरसिद्धि मंदिर
उज्जैन का हरसिद्धि मंदिर
नवरात्रि में सुबह 5 बजे से रात 11 बजे तक दर्शन होंगे। मंगला आरती सुबह 7 बजे और संध्या आरती शाम 7 बजे होती है। नौ दिन शयन आरती नहीं होगी। गर्भगृह बंद नहीं किया जाएगा। सामूहिक दीप प्रज्वलन के लिए तीन हजार रुपए की रसीद कटवाई जा सकती है।

देवास टेकरी की चामुंडा माता

देवास की 300 फीट ऊंची पहाड़ी पर चामुंडा माता और तुलजा भवानी विराजमान हैं। दोनों देवास रियासत की कुलदेवी मानी जाती हैं। मुख्य पुजारी मुकेश नाथ के मुताबिक इसे रक्तपीठ कहा गया है। टेकरी पर एक किलोमीटर लंबा परिक्रमा पथ है।

इस परिक्रमा पथ पर हनुमान मंदिर, अष्टभुजा मंदिर और अन्नपूर्णा माता मंदिर हैं। भक्त रपट मार्ग, सीढ़ी मार्ग या रोपवे से ऊपर पहुंच सकते हैं। नवरात्रि में पट 24 घंटे खुले रहते हैं। रोपवे भी 24 घंटे चलता है।

देवास टेकरी की चामुंडा माता
देवास टेकरी की चामुंडा माता
मान्यता है कि तुलजा भवानी तीन रूपों में दर्शन देती हैं। सुबह बाल रूप, दोपहर में युवा रूप और रात में वृद्ध रूप दिखता है। बड़ी माता मंदिर में प्रातः आरती 5:50 बजे और संध्या आरती 6:30 बजे होती है। छोटी माता मंदिर में ये समय 5:30 और 6:10 बजे हैं।

दतिया का पीतांबरा पीठ

दतिया का पीतांबरा पीठ देश के प्रसिद्ध देवी मंदिरों में है। यहां मां बगलामुखी और मां धूमावती के दर्शन होते हैं। पीठ की स्थापना स्वामीजी महाराज ने की थी। परिसर में वनखंडेश्वर महादेव मंदिर भी है।

रिपोर्ट के मुताबिक पीठ के करीब छह हजार 500 दीक्षार्थी हैं। इनमें एक हजार से ज्यादा नवरात्रि की साधना के लिए पहुंचे हैं। पट सुबह 5 बजे खुलते हैं और रात 11 बजे बंद होते हैं। पीतांबरा माता की सुबह आरती 7 बजे होती है।

धूमावती माता के दर्शन शनिवार को छोड़कर सिर्फ आरती के समय होते हैं। दीपावली, महाशिवरात्रि, शरद पूर्णिमा और जन्माष्टमी पर रात 12 बजे महाआरती होती है।

भादवा और भैंसवा माता मंदिर

नीमच की भादवा माता को मालवा की वैष्णो देवी कहा जाता है। मंदिर की बावड़ी का जल आरोग्य के लिए जाना जाता है। माना जाता है कि इसके स्नान से रोग दूर होते हैं। यह आस्था की बात है। इलाज के लिए डॉक्टर की सलाह जरूरी है। यहां रोज तीन आरती होती हैं। मंगला आरती सुबह 4 बजे, प्रातः आरती 6:15 बजे और संध्या आरती शाम 6:15 बजे होती है। समय सूर्योदय के अनुसार बदलता है।

राजगढ़ के सारंगपुर में भैंसवा माता का बीजासन मंदिर संतान की मान्यता के लिए जाना जाता है। लोककथा के मुताबिक लाखा बंजारा को बच्ची मिली थी। उसका नाम बीजासन रखा गया। मान्यता है कि पिता की नजर पड़ते ही वह धरती में समा गईं। मंदिर करीब 200 एकड़ की पहाड़ी पर है। इन दिनों जीर्णोद्धार चल रहा है। यहां मंगला आरती सुबह 6:30 बजे और संध्या आरती शाम 7:30 बजे होती है।

दर्शन से पहले सावधानी

यात्रा से पहले मंदिर का समय पक्का कर लें। आरती का समय सूर्योदय और सूर्यास्त के हिसाब से बदल सकता है। मैहर और नलखेड़ा में वीआईपी दर्शन बंद हैं। इसलिए कतार और अधिकृत काउंटर पर ही भरोसा करें।

बारिश वाले रास्तों पर खास सावधानी रखें। भीड़ वाले दिनों में छोटे बच्चों और बुजुर्गों का हाथ पकड़े रखें। कीमती सामान साथ कम रखें। हेल्पलाइन या पुलिस सहायता केंद्र का नंबर पहले से नोट कर लें।

अब सबकी नजर अगले नौ दिनों की भीड़ पर रहेगी। सुरक्षा और दर्शन व्यवस्था की परीक्षा उसी में होगी।

यह खबर क्यों जरूरी है

नवरात्रि में लाखों श्रद्धालु प्रदेश के मंदिरों में पहुंचते हैं। भीड़ में सही जानकारी सुरक्षा और सहूलियत दोनों देती है। संविधान का अनुच्छेद 25 हर नागरिक को अपनी आस्था मानने और पूजा का अधिकार देता है। यह अधिकार सार्वजनिक व्यवस्था और सुरक्षा की सीमा में है। इसलिए प्रशासन के निर्देशों का पालन जरूरी है। यह खबर किसी मान्यता को सही या गलत नहीं बताती। रिपोर्ट में मान्यताओं को मान्यता की तरह ही रखा गया है। पाठक आधिकारिक सूचना देखकर ही यात्रा करें।

FAQ

  1. मैहर शारदा माता मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था इस बार कैसी है?
    मैहर शारदा माता मंदिर में इस बार तीन स्तरीय सुरक्षा घेरा है, जिसमें 700 से ज्यादा पुलिसकर्मी, होमगार्ड और विशेष सशस्त्र बल (SAF) के जवान तैनात हैं।
  2. माता के दर्शन का समय क्या है?
    मैहर शारदा माता मंदिर में नवरात्रि के दौरान रोज तीन आरती होती हैं: मंगला आरती तड़के 3 बजे, दोपहर आरती 1 बजे और शयन आरती रात 11 बजे होती है।
  3. दर्शन के लिए वीआईपी व्यवस्था जारी है या बंद है?
    इस नवरात्रि में मैहर और नलखेड़ा दोनों स्थानों पर वीआईपी दर्शन व्यवस्था बंद है। सभी श्रद्धालुओं को गर्भगृह के बाहर से दर्शन कराए जाएंगे।
Tags:
  • नवरात्रि 2026 मध्यप्रदेश देवी मंदिर
  • मैहर शारदा माता मंदिर
  • बगलामुखी मंदिर नलखेड़ा
  • उज्जैन हरसिद्धि माता मंदिर
  • देवास टेकरी चामुंडा माता
  • दतिया पीतांबरा पीठ
  • भादवा माता मंदिर नीमच
  • भैंसवा माता बीजासन मंदिर
  • Navratri 2026 Madhya Pradesh
  • Navratri temple guide MP
ओबीसी आरक्षण फैसले के बाद कई सवाल, सरकार से लेकर PSC और ESB, उम्मीदवार सबमें असमंजस

By Sanjay Gupta

ओबीसी आरक्षण फैसले के बाद कई सवाल, सरकार से लेकर PSC और ESB, उम्मीदवार सबमें असमंजस
इंदौर में टीम इंडिया और वेस्टइंडीज टी 20 मैच के लिए अहम निर्देश जारी, फर्जी टिकट खरीद से भी रहें सावधान

By Sanjay Gupta

इंदौर में टीम इंडिया और वेस्टइंडीज टी 20 मैच के लिए अहम निर्देश जारी, फर्जी टिकट खरीद से भी रहें सावधान
राजस्थान में पेट्रोल 5 और डीजल 3 रुपए महंगा: आज से नई कीमतें लागू, कच्‍चे तेल में बढ़ोतरी बनी वजह

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान में पेट्रोल 5 और डीजल 3 रुपए महंगा: आज से नई कीमतें लागू, कच्‍चे तेल में बढ़ोतरी बनी वजह
सस्ती छोड़ महंगी शराब के दीवाने हुए भारतीय: 6.18 लाख करोड़ के पार पहुंचा बाजार, राज्यों को 19% टैक्स कमाई

By Aman Vaishnav

सस्ती छोड़ महंगी शराब के दीवाने हुए भारतीय: 6.18 लाख करोड़ के पार पहुंचा बाजार, राज्यों को 19% टैक्स कमाई
भगवान के नाम पर दर्ज ज़मीन, अब मुआवजा किसे दे सरकार, जानिए इस अनोखे मामले की पूरी सच्चाई

By Arun Tiwari

भगवान के नाम पर दर्ज ज़मीन, अब मुआवजा किसे दे सरकार, जानिए इस अनोखे मामले की पूरी सच्चाई
भोपाल की चक्की में पिस रहे जहर वाले मसाले? हल्दी में लेड क्रोमेट, तो मिर्च पाउडर में धड़ल्ले से मिल रहा ईंट का चूरा

By Manya Jain

भोपाल की चक्की में पिस रहे जहर वाले मसाले? हल्दी में लेड क्रोमेट, तो मिर्च पाउडर में धड़ल्ले से मिल रहा ईंट का चूरा
राजस्थान की ब्यूरोक्रेसी में अजब हाल: 89 अफसरों पर अतिरिक्त काम, 24 एपीओ; कई 30 दिन से ज्यादा खाली

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान की ब्यूरोक्रेसी में अजब हाल: 89 अफसरों पर अतिरिक्त काम, 24 एपीओ; कई 30 दिन से ज्यादा खाली