कौन संभालेगा MP पुलिस की कमान? नए DGP के लिए इन IPS अफसरों पर मंथन तेज
समझें क्या है पूरा मामला
- मध्य प्रदेश को नया मुख्य सचिव मिलने के बाद अब नए डीजीपी की तलाश शुरू हुई है।
- पुलिस मुख्यालय ने 11 वरिष्ठ IPS अधिकारियों के नाम गृह विभाग को भेजे हैं।
- इनमें जेल डीजी वरुण कपूर, होमगार्ड डीजी प्रज्ञा ऋचा और ईओडब्ल्यू डीजी उपेंद्र जैन सबसे आगे हैं।
- मौजूदा डीजीपी आईपीएस कैलाश मकवाना का कार्यकाल नवंबर 2026 में खत्म हो रहा है।
- इसी बीच सीएम मोहन यादव ने पुलिस में 9662 नई भर्तियों को मंजूरी दी है।
डीजीपी पद के लिए प्रक्रिया शुरू
मध्य प्रदेश के प्रशासनिक तंत्र में एक और बड़ा बदलाव होने जा रहा है। प्रदेश को नया मुख्य सचिव मिलने के तुरंत बाद पुलिस महकमे में भी हलचल शुरू हो गई है।
अब नए डीजीपी यानी पुलिस महानिदेशक की चयन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय ने इसके लिए 11 वरिष्ठ IPS अधिकारियों के नामों का प्रस्ताव तैयार किया है। यह प्रस्ताव गृह विभाग को भेज दिया गया है।
इसमें जेल डीजी वरुण कपूर, होमगार्ड डीजी प्रज्ञा ऋचा और EOW डीजी उपेंद्र जैन का नाम शामिल है। ये सभी नाम मध्य प्रदेश IPS कैडर में वरिष्ठता क्रम के आधार पर चुने गए हैं। इनमें ज्यादातर अधिकारी स्पेशल डीजी रैंक के हैं। बता दें कि आईएएस अशोक बर्णवाल एमपी के नए सीएस बनाए गए हैं।
पैनल में कौन कौन शामिल
अब एमपी गृह विभाग इस प्रस्ताव की बारीकी से जांच करेगा। इसके बाद पूरी जानकारी तय 12 कॉलम के फॉर्मेट में UPSC को भेजी जाएगी। UPSC की इंपैनलमेंट कमेटी सभी नामों की गहराई से जांच करेगी। इसके बाद वहां से तीन नाम तय किए जाएंगे। इन्हीं तीन नामों में से कोई एक नया डीजीपी बनेगा।
पैनल में 1991 बैच के आईपीएस वरुण कपूर, प्रज्ञा ऋचा और उपेंद्र जैन शामिल हैं। इसके अलावा 1992 बैच के पंकज श्रीवास्तव, आदर्श कटियार और जी अखेतो सेमा का नाम भी है। 1993 बैच से अनिल कुमार और रवि गुप्ता का नाम शामिल किया गया है। वहीं 1994 बैच के अनंत सिंह, मनमीत सिंह नारंग, राजाबाबू सिंह और डीजी गुप्ता भी इस दौड़ में हैं।
तीन नाम सबसे आगे
वरिष्ठता के हिसाब से देखा जाए तो तीन नाम सबसे ऊपर माने जा रहे हैं। ये हैं वरुण कपूर, प्रज्ञा ऋचा और उपेंद्र जैन। इनमें भी उपेंद्र जैन और आईपीएस प्रज्ञा ऋचा के बीच MP DGP के लिए कड़ी टक्कर बताई जा रही है।
आईपीएस उपेंद्र जैन को फील्ड और ऑफिस दोनों तरह के काम का लंबा अनुभव है। वे उज्जैन और जबलपुर में एसपी रह चुके हैं। इसके बाद उन्होंने खेल एवं कल्याण विभाग, टेलीकॉल और पुलिस हाउसिंग में भी काम किया। अभी वे EOW की कमान संभाल रहे हैं।
दूसरी तरफ प्रज्ञा ऋचा का नाम भी बेहद अहम माना जा रहा है। अगर सरकार महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता देती है तो प्रज्ञा ऋचा पहली पसंद बन सकती हैं।
मध्य प्रदेश के इतिहास में अब तक कोई महिला IPS अधिकारी डीजीपी नहीं बनी हैं। ऐसे में उन्हें यह पद देकर सरकार बड़ा संदेश दे सकती है। उनकी सबसे बड़ी खासियत संवेदनशीलता और सहज व्यवहार बताई जाती है।
कैसे होता है डीजीपी का चयन
डीजीपी के चयन की एक तय प्रक्रिया होती है। राज्य सरकार वरिष्ठता, सेवा रिकॉर्ड और अनुभव के आधार पर अधिकारियों का पैनल तैयार करती है। इसके बाद यह पैनल UPSC को भेजा जाता है।
UPSC की कमेटी सभी नामों की गहन जांच करती है। इसमें सेवाकाल की अवधि और अलग अलग क्षेत्रों का अनुभव देखा जाता है। एक जरूरी शर्त यह भी है कि अधिकारी के पास कम से कम 6 महीने की सेवा अवधि बाकी होनी चाहिए। इन सभी मापदंडों के आधार पर UPSC तीन अधिकारियों के नाम तय करती है। यह पैनल राज्य सरकार को भेजा जाता है।
अंतिम फैसला लेने का अधिकार राज्य सरकार के पास होता है। हालांकि सरकार को चयन इसी पैनल में से करना होता है। नियुक्त डीजीपी (mp dgp news) का कार्यकाल कम से कम दो साल का होना जरूरी है। भले ही उनकी रिटायरमेंट की तारीख उससे पहले क्यों न आ रही हो।
पुलिस बल में बड़ी भर्ती को मंजूरी
इसी बीच एक और बड़ी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पुलिस विभाग में 9662 नई भर्तियों (एमपी पुलिस भर्ती) को मंजूरी दी है। मौजूदा डीजीपी कैलाश मकवाना ने इसे बड़ा फैसला बताया है। उन्होंने इसे सशक्त पुलिस और सुरक्षित मध्यप्रदेश की दिशा में अहम कदम कहा है। बता दें कि कैलाश मकवाना का मौजूदा कार्यकाल नवंबर 2026 में समाप्त हो रहा है। इसी वजह से नए डीजीपी की तलाश अभी से शुरू कर दी गई है। आने वाले दिनों में यह साफ हो जाएगा कि UPSC किन तीन नामों को अंतिम पैनल में शामिल करती है। इसके बाद राज्य सरकार अपना फैसला लेगी। प्रदेश के पुलिस महकमे में इस बदलाव को लेकर हलचल तेज बनी हुई है।
FAQ
- सवाल 1: मध्य प्रदेश का नया डीजीपी कौन बन सकता है?
जवाब: फिलहाल 11 वरिष्ठ IPS अधिकारियों का पैनल गृह विभाग को भेजा गया है। इनमें वरुण कपूर, प्रज्ञा ऋचा और उपेंद्र जैन का नाम सबसे आगे है। UPSC इनमें से तीन नाम तय करेगी। - सवाल 2: डीजीपी की नियुक्ति की प्रक्रिया क्या होती है?
जवाब: राज्य सरकार वरिष्ठता और अनुभव के आधार पर पैनल बनाकर UPSC को भेजती है। UPSC जांच के बाद तीन नाम राज्य सरकार को भेजती है। इनमें से एक को सरकार डीजीपी नियुक्त करती है। - सवाल 3: एमपी के मौजूदा डीजीपी कैलाश मकवाना का कार्यकाल कब खत्म होगा?
जवाब: कैलाश मकवाना का मौजूदा कार्यकाल नवंबर 2026 में समाप्त हो रहा है। इसी वजह से अभी से नए डीजीपी की चयन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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