AC आबकारी मंदाकिनी दीक्षित पर FIR का मामला, ठेकेदार मकवाना के वीडियो की फॉरेंसिक रिपोर्ट तलब
Sanjay Gupta | Feb 09, 2026, 13:28 IST
mandakini dixit excise officer indore high court makwana suicide case
इंदौर हाईकोर्ट ने निलंबित आबकारी सहायक आयुक्त मंदाकिनी दीक्षित के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की याचिका पर सुनवाई की है। इस दौरान कोर्ट ने मृतक ठेकेदार मकवाना के सुसाइड वीडियो की फॉरेंसिक रिपोर्ट 13 फरवरी तक पेश करने के निर्देश दिए हैं।
INDORE. देवास की सहायक आयुक्त आबकारी मंदाकिनी दीक्षित को निलंबित कर दिया गया था। उन पर शराब ठेकेदार दिनेश मकवाना से पांच दुकानों के बदले हर महीने 7.5 लाख रुपए की रिश्वत मांगने का आरोप है। दीक्षित ने इन आरोपों को चुनौती दी है। वहीं, मृत ठेकेदार की मां ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई है। याचिका में दीक्षित पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है। इस मामले में हाईकोर्ट ने नए आदेश जारी किए हैं।
इस मामले में हाईकोर्ट इंदौर में कनाडिया टीआई सहर्ष यादव पेश हुए थे। हाईकोर्ट ने इस संबंध में ठेकेदार द्वारा मृत्यु पूर्व मोबाइल में बनाए गए सुसाइड वीडियो की फॉरेंसिक रिपोर्ट (एफएसएल) मांगी है। इस पर कनाडिया पुलिस ने समय मांगा है। हाईकोर्ट ने 13 फरवरी को यह रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा है। इस रिपोर्ट पर ही दीक्षित पर एफआईआर दर्ज होने या न होने का अहम फैसला होगा।
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दिनेश मकवाना इंदौर कनाडिया के रहने वाले थे और उनके देवास में शराब के ठेके थे। मकवाना ने 8 नवंबर को सुसाइड कर लिया था। मौत के कुछ दिन बाद उनका वीडियो सामने आया था। इसमें उन्होंने सुसाइड के पहले मंदाकिनी दीक्षित पर रिश्वत के गंभीर आरोप लगाए थे। उन्हीं से प्रताड़ित होकर जान देने की बात कही है।
इस वीडियो के सामने आने पर 24 नवंबर को दीक्षित ने देवास एसपी को पत्र लिखा था। इसमें कहा गया कि ठेकेदार की मां और परिजनों के जरिए उनसे दो करोड़ की मांग की जा रही है। उधर, वीडियो आने के बाद मध्य प्रदेश शासन ने दीक्षित को सस्पेंड कर दिया था।
दीक्षित ने इस सस्पेंशन के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इसके लिए उन्होंने एक-दो नहीं, पूरे नौ वकील बचाव में उतार दिए लेकिन राहत नहीं मिली है। वहीं मृत ठेकेदार की मां संतोष बाई ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी है।
ठेकेदार मकवाना की मां संतोष बाई ने अपनी याचिका में खुलकर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि दीक्षित हर माह उनके बेटे से प्रति दुकान 1.50 लाख की रिश्वत मांग रही थीं। बेटे के पास वहां 5 दुकानें ठेके पर थीं। वह अभी तक मेरे बेटे से 22 लाख रुपए ले चुकी थीं। दीक्षित द्वारा कहा गया था कि शराब का क्वार्टर 80 रुपए की जगह 90 रुपए में बेचो। इसके ऊपर के 10 रुपए उन्हें कमीशन के तौर पर देने को कहा गया था।
ऐसा नहीं करने पर कठोर कदम उठाने की धमकी दी जाती थी। साथ ही, शराब कारोबार को मुश्किल बना दिया जाता था। याचिकाकर्ता ने कहा कि उनके इसी तरह के दबाव और शोषण के कारण बेटे ने सुसाइड किया है। इसके बाद भी पुलिस ने दीक्षित पर किसी तरह की कानूनी कार्रवाई नहीं की और जांच के नाम पर मामले को लटका कर रखा हुआ है।
ठेकेदार की मां ने याचिका में प्रमुख सचिव, गृह विभाग, मध्य प्रदेश शासन को पक्षकार बनाया है। इसके साथ ही पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह, एरिया असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस और टीआई कनाडिया को भी याचिका में शामिल किया है। मंदाकिनी दीक्षित को भी याचिका में पक्षकार बनाया गया है।
इंदौर निवासी मकवाना पहले शराब दुकान में मैनेजर था। बाद में उसने देवास में करणावद, चापड़ा और डबलचौकी में शराब दुकान के ठेके लिए थे। वीडियो में मकवाना का आरोप है कि सहायक आयुक्त आबकारी मंदाकिनी दीक्षित एक दुकान से 1.5 से दो लाख मांग रही थीं।
उनके पास पांच दुकानें थीं, हर माह वह साढ़े सात लाख रुपए मांग रही थीं। अब तक मकवाना ने 20-22 लाख रुपए दीक्षित को दिए थे। रुपए न देने पर वेयरहाउस से माल नहीं उठाने दिया जाता था। इन सभी परेशानियों से तंग आकर मकवाना ने आत्महत्या करने की बात कही।
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हाईकोर्ट ने मांगी मोबाइल की फॉरेंसिक रिपोर्ट
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यह है ठेकेदार मकवाना का केस
इस वीडियो के सामने आने पर 24 नवंबर को दीक्षित ने देवास एसपी को पत्र लिखा था। इसमें कहा गया कि ठेकेदार की मां और परिजनों के जरिए उनसे दो करोड़ की मांग की जा रही है। उधर, वीडियो आने के बाद मध्य प्रदेश शासन ने दीक्षित को सस्पेंड कर दिया था।
दीक्षित ने इस सस्पेंशन के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इसके लिए उन्होंने एक-दो नहीं, पूरे नौ वकील बचाव में उतार दिए लेकिन राहत नहीं मिली है। वहीं मृत ठेकेदार की मां संतोष बाई ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी है।
दीक्षित पर याचिका में कई गंभीर आरोप
ऐसा नहीं करने पर कठोर कदम उठाने की धमकी दी जाती थी। साथ ही, शराब कारोबार को मुश्किल बना दिया जाता था। याचिकाकर्ता ने कहा कि उनके इसी तरह के दबाव और शोषण के कारण बेटे ने सुसाइड किया है। इसके बाद भी पुलिस ने दीक्षित पर किसी तरह की कानूनी कार्रवाई नहीं की और जांच के नाम पर मामले को लटका कर रखा हुआ है।
याचिका में इन सभी को बनाया पक्षकार
सुसाइड वीडियो में यह था
उनके पास पांच दुकानें थीं, हर माह वह साढ़े सात लाख रुपए मांग रही थीं। अब तक मकवाना ने 20-22 लाख रुपए दीक्षित को दिए थे। रुपए न देने पर वेयरहाउस से माल नहीं उठाने दिया जाता था। इन सभी परेशानियों से तंग आकर मकवाना ने आत्महत्या करने की बात कही।
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