सस्पेंड हुई देवास सहायक आयुक्त आबकारी मंदाकिनी दीक्षित को पकड़ने हो रही थी लोकायुक्त कार्रवाई, ऐसे बची

देवास की सहायक आयुक्त मंदाकिनी दीक्षित पर रिश्वत लेने का आरोप है। मुख्यमंत्री ने मामले की गंभीरता को समझते हुए उन्हें सस्पेंड कर दिया है। वहीं, लोकायुक्त ने उन्हें ट्रैप करने की योजना बनाई थी, लेकिन दीक्षित बच निकलीं...

author-image
Sanjay Gupta
New Update
dewas-assistant-commissioner-abkari-mandakini-dixit-suspended-rishwat-allegations-lokayukt-action
Listen to this article
0.75x1x1.5x
00:00/ 00:00

INDORE. देवास की सहायक आयुक्त आबकारी मंदाकिनी दीक्षित पर गंभीर आरोप लगे हैं। उन पर इंदौर के शराब ठेकेदार दिनेश मकवाना से हर महीने 7.50 लाख रिश्वत मांगने का आरोप है। मकवाना के सुसाइड करने के बाद सीएम मोहन यादव ने सख्ती दिखाई है। मुख्यमंत्री ने इस मामले को गंभीर मानते हुए दीक्षित को सस्पेंड करने के आदेश दिए हैं। दीक्षित को सस्पेंड कर दिया गया है। वहीं, अब इस मामले में चौंकाने वाली बात सामने आई है।

लोकायुक्त करने वाला था ट्रैप

मंदाकिनी दीक्षित से शराब ठेकेदार लगातार परेशान थे। ऐसे में दीक्षित की शिकायत लोकायुक्त उज्जैन पहुंच गई थी। उन्हें ट्रैप करने के लिए कुछ महीने पहले पूरी फील्डिंग हो चुकी थी। लोकायुक्त उज्जैन से दल भी देवास के लिए रवाना हुआ था।

बताया जाता है कि शराब ठेकेदार से रिश्वत लेने के लिए एडीईओ स्तर के एक अधिकारी को दीक्षित ने रवाना कर दिया था। इसको लेकर पूरी फील्डिंग जम गई थी। वहीं, इसी दौरान एडीईओ को कोई भनक लगी और वह रिश्वत की राशि लेने नहीं गया। इस घटना के बाद बताया जाता है कि दीक्षित ने भी छुट्टी ले ली और चार-पांच दिन तक अपना मोबाइल बंद रखा था। इसके बाद मामला ठंडा हो गया था।

ये खबर भी पढ़िए...बालाघाट में 77 लाख के इनामी कबीर सहित 10 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, सीएम यादव के सामने डालेंगे हथियार

दीक्षित जहां रहीं वहां शिकायतें

  • दीक्षित की शिकायतों का यह पहला मौका नहीं है। इसके पहले वह नरसिंहपुर और शाजापुर में पदस्थ रही हैं। यहां भी उनके खिलाफ शराब ठेकेदारों ने शिकायतें की हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

  • वहीं देवास में साल 2025-26 में कुल 69 एकल मदिरा समूह हैं। अप्रैल में 7 समूह ने ठेका मिलने के बाद भी शराब ठेकेदारों ने काम छोड़ दिया था। बाद में सरकार ने फिर रिटेंडर किया था। अब आबकारी विभाग इसकी भी जांच कर रहा है कि आखिर इन ठेकेदारों ने ठेका क्यों छोड़ा था।

  • मकवाना के ही सुसाइड के पहले वाले वीडियो में आरोप है कि रिश्वत नहीं देने पर दीक्षित वेयरहाउस से माल ही नहीं उठाने देती थीं। यानी यह उनके परेशान करने का तरीका था। बिना आबकारी मंजूरी के माल नहीं मिल सकता है। इसके बिना दुकान चलेगी ही नहीं।

    वहीं जिस राशि पर ठेका ठेकेदार ने उठाया है, उन्हें हर माह उस हिसाब से इसकी किश्त भरना ही है। ऐसा नहीं करने पर वह डिफाल्टर हो जाएगा और पूरी बैंक गारंटी जब्त हो जाएगी।

ये खबर भी पढ़िए...इंदौर न्यूज | सहायक आबकारी आयुक्त मंदाकिनी दीक्षित सस्पेंड , शराब ठेकेदार सुसाइड केस में रिश्वत के आरोप

5 प्वाइंट में समझें क्या है पूरा मामला

  • मंदाकिनी दीक्षित पर रिश्वत मांगने का आरोप: देवास की सहायक आयुक्त आबकारी मंदाकिनी दीक्षित पर शराब ठेकेदार दिनेश मकवाना से हर महीने 7.50 लाख रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप है।

  • लोकायुक्त कार्रवाई का था प्लान: लोकायुक्त ने मंदाकिनी दीक्षित को ट्रैप करने की योजना बनाई थी, लेकिन रिश्वत लेने के लिए भेजे गए अधिकारी ने इसे नकार दिया और दीक्षित ने छुट्टी ले ली।

  • पिछली शिकायतें और आरोप: दीक्षित के खिलाफ पहले भी नरसिंहपुर और शाजापुर में शराब ठेकेदारों की शिकायतें आई थीं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

  • मकवाना का सुसाइड और वीडियो: शराब ठेकेदार दिनेश मकवाना ने आत्महत्या से पहले एक वीडियो में दीक्षित पर 20-22 लाख रुपये की रिश्वत लेने का आरोप लगाया था।

  • दीक्षित का बचाव: मंदाकिनी दीक्षित ने आरोपों को नकारते हुए कहा कि यह वीडियो उनके खिलाफ ब्लैकमेलिंग के लिए जारी किया गया है और वह इस मामले की जांच की मांग कर रही हैं।

ये खबर भी पढ़िए...MP News. गजब का जाति घोटाला: स्कॉलरशिप के लिए ओबीसी और नौकरी पाने बने आदिवासी

दो और अधिकारियों के आ रहे नाम

वेयरहाउस से माल नहीं उठाने देने के लिए दीक्षित अपने अधिकारियों का उपयोग करती थीं। इसमें देवास में पदस्थ आबकारी के महेश पटेल और प्रेम यादव का नाम सामने आया है। मकवाना को वेयरहाउस से माल नहीं उठाने देने पर एक आडियो में दीक्षित, मकवाना की मां को बोल भी रही हैं कि मैंने इसके लिए पटेल को डांटा है।

क्या करोड़ों की रिश्वत ले रही थीं दीक्षित?

मकवाना ने 8 नवंबर को सुसाइड किया था। उनकी मौत के कई दिन बाद एक वीडियो मकवाना की मां संतोष बाई और पत्नी कविता ने पुलिस को सौंपा है। यह वीडियो मकवाना ने सुसाइड के पहले बनाया था।

इसमें वह सहायक आयुक्त आबकारी दीक्षित पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। मकवाना कह रहे हैं कि उनकी पांच दुकानें हैं और हर दुकान से वह 1.5-2 लाख की मासिक रिश्वत चाहती थीं। यानी हर माह पांच दुकान से कुल 7.50 लाख की राशि की रिश्वत।

वह वीडियो में यह भी कह रहे हैं कि अब तक 20-22 लाख रुपए दे चुके हैं। देवास में 69 दुकान समूह हैं, तो बात उठती है कि क्या दीक्षित हर समूह से ही यह रिश्वत मांग रही थीं। यदि ऐसा है तो यह मासिक रिश्वत ही 70 लाख रुपए से ज्यादा होती है। यानी साल की 8 करोड़ से ज्यादा की रिश्वत।

ये खबर भी पढ़िए...मध्यप्रदेश में रोजाना 12 घंटे चलेगी भोपाल मेट्रो, हर 30 मिनट में होगा नया फेरा

वीडियो में यह बोल रहे थे मकवाना

इंदौर निवासी मकवाना पहले शराब दुकान में मैनेजर थे। बाद में उन्होंने देवास में करणावद, चापड़ा और डबलचौकी में शराब दुकान के ठेके लिए थे। वीडियो में मकवाना का आरोप है कि सहायक आयुक्त आबकारी मंदाकिनी दीक्षित एक दुकान से 1.5 से 2 लाख मांग रही थीं।

मेरे पास पांच दुकानें हैं, हर माह वह साढ़े सात लाख रुपए मांग रही थीं। अभी तक 20-22 लाख रुपए उन्हें दे चुका हूं। रुपए नहीं देने पर वेयरहाउस से माल नहीं उठाने देती थीं। उनसे त्रस्त होकर मैं आत्महत्या कर रहा हूं।

मां संतोष बाई ने पुलिस को कहा कि बेटे दिनेश ने 1.40 करोड़ जमा कर यह ठेके लिए थे। अप्रैल से ही अधिकारी उसे परेशान कर रहे थे। रिश्वत के लिए निजी ऑफिस बुलाती थीं।

दीक्षित बोल रही थीं- हमसे 2 करोड़ मांग रहे थे

वहीं सहायक आयुक्त आबकारी मंदाकिनी दीक्षित की सफाई है कि यह मेरी प्रतिष्ठा को धूमिल करने के लिए वीडियो प्रसारित किया गया है। इतनी देरी से यह वीडियो सामने आया है, इससे मंशा साफ है।

इस संबंध में पहले मैं देवास एसपी को शिकायत कर चुकी हूं। यह दिनेश के स्वजन द्वारा वीडियो का डर दिखाकर मुझे ब्लैकमेल करने का प्रयास हुआ है। दो करोड़ मुझसे मांगे जा रहे थे। ठेकेदार से वसूली की बात पूरी तरह से झूठी है। यह वीडियो पुराना है और ब्लैकमेल के उद्देश्य से जारी किया गया है। इसकी जांच होना चाहिए।

MP News मध्यप्रदेश सीएम मोहन यादव इंदौर न्यूज लोकायुक्त उज्जैन सहायक आयुक्त आबकारी मंदाकिनी दीक्षित शराब ठेकेदार दिनेश मकवाना
Advertisment