एमपी में NH‑347B परियोजना को केंद्र की हरी झंडी, प्रदेश के इन जिलों से गुजरेगा हाईवे
5 पॉइंट्स में समझें पूरा मामला
- मोदी सरकार ने मध्य प्रदेश को NH-347B हाईवे का तोहफा दिया।
- हाईवे 233.653 किमी लंबा और 4415.50 करोड़ रुपए की लागत का है।
- आदिवासी जिलों और नर्मदा क्षेत्र में विकास और रोजगार बढ़ेंगे।
- परियोजना में दो-चार लेन सड़क, ग्रीनफील्ड बायपास और हाईब्रिड मोड शामिल।
- मल्टी-मॉडल डेवलपमेंट से उद्योग, लॉजिस्टिक्स और पर्यटन को लाभ मिलेगा।
मोदी सरकार ने मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) को NH-347B का तोहफा दिया है। यह नेशनल हाईवे जुलवानिया-खंडवा-बैतूल मार्ग से होकर निकलेगा। एमपी में हाईवे की लंबाई 233.653 किमी होगी और कुल लागत 4415.50 करोड़ रुपए आएगी।
इस हाईवे से आदिवासी क्षेत्र और नर्मदा नदी से सटे इलाके लाभान्वित होंगे। इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और पर्यटकों को नर्मदा के आसपास के क्षेत्रों का भ्रमण आसान होगा। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि हाईवे से क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलेगा।
नई सड़क की तकनीकी विशेषताएं
NH-347B परियोजना में हिवरखेड़ी-रोशनी-आशापुर-रुधी खंड को दो लेन की सड़क में अपग्रेड किया जाएगा। यह खंड 125.01 किमी लंबा होगा। जुलवानिया खंड को हाईब्रिड एन्यूटी मोड में दो से चार लेन में विस्तारित किया जाएगा। इसकी लंबाई 108.643 किमी होगी। खरगोन जिले में 16.20 किमी लंबा ग्रीनफील्ड बायपास विकसित किया जाएगा। कुल 233.653 किमी लंबी परियोजना पर 4415.50 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
नर्मदा क्षेत्र का विकास
नई सड़क परियोजना बैतूल, खंडवा और खरगोन जैसे आदिवासी जिलों को जोड़ती है। इससे क्षेत्र में रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार होगा। नर्मदा नदी के आसपास पर्यटन बढ़ेगा और पर्यटकों के लिए आकर्षक स्थल सुलभ होंगे। सड़क निर्माण से क्षेत्रीय बाजारों और लॉजिस्टिक्स केंद्रों को भी लाभ मिलेगा।
पीएम मोदी ने किया ट्वीट
मध्य प्रदेश सरकार ने कनेक्टिविटी सुधार के लिए अहम निर्णय लिया। NH-347B के हिवरखेड़ी-रोशनी-आशापुर-रुधि सेक्शन को दो लेन में अपग्रेड किया जाएगा। देशगांव-जुलवानिया सेक्शन को दो से चार लेन में बदला जाएगा। इससे यात्रा आसान होगी और रीजनल कनेक्टिविटी बढ़ेगी। सामाजिक और आर्थिक विकास में भी तेजी आएगी।
मल्टी मॉडल डेवलपमेंट
- हाईवे परियोजना मध्यप्रदेश के प्रमुख आर्थिक, सामाजिक और लॉजिस्टिक्स केंद्रों को जोड़ती है।
- 6 पीएम गति-शक्ति आर्थिक नोड्स से जुड़ते हुए मल्टी मॉडल एकीकरण को बढ़ावा मिलेगा।
- परियोजना में एक कपड़ा क्लस्टर, दो मेगा फूड पार्क, एक औद्योगिक पार्क, दो सुपर थर्मल पावर प्लांट और पांच सामाजिक केंद्र शामिल होंगे।
- पांच लॉजिस्टिक्स केंद्र, दो रेलवे स्टेशन, दो हवाई अड्डे और एक एमएमएलपी भी इस हाईवे से जुड़े होंगे।
रोजगार से अवसर तैयार होंगे
सड़क परियोजना से निर्माण और रख-रखाव के दौरान रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। क्षेत्रीय व्यापार, लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक गतिविधियों में वृद्धि होगी। उन्नत सड़क नेटवर्क से कृषि उत्पादकों और स्थानीय उद्योगों को लाभ मिलेगा। आर्थिक केंद्रों और सुपर थर्मल पावर प्लांट के विकास से क्षेत्रीय GDP में सुधार होगा।
पर्यटक लाभ और सामाजिक प्रभाव
नई सड़क नर्मदा नदी और आसपास के पर्यटन स्थलों तक आसान पहुंच प्रदान करेगी। स्थानीय संस्कृति, आदिवासी समुदाय और धार्मिक स्थल अब अधिक सुलभ होंगे। पर्यटन बढ़ने से छोटे व्यवसाय, होटेल और रेस्टोरेंट उद्योग को लाभ होगा। सामाजिक केंद्र और शिक्षा संस्थानों से स्थानीय समाज की गुणवत्ता में सुधार होगा।
परियोजना की समयसीमा
सड़क निर्माण में चरणबद्ध तरीके से काम होगा। केंद्रीय और राज्य सरकार के अधिकारी परियोजना की निगरानी करेंगे। सुरक्षा मानकों और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए सड़क का निर्माण किया जाएगा।
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