MP निकाय चुनाव: वोटर लिस्ट में 15 जून तक जुड़वाएं नाम, देंखे शेड्यूल
समझें क्या है पूरा मामला...
- 15 जून से पहले जुड़वाएं नाम, वरना नहीं डाल पाएंगे वोट।
- MP निकाय-पंचायत चुनाव: 18 जुलाई को आएगी फाइनल वोटर लिस्ट।
- मतदाता सूची से नाम गायब है? अभी है सुधरवाने का आखिरी मौका।
- MP में निकाय और पंचायत चुनाव की उलटी गिनती शुरू।
मध्यप्रदेश में नगरीय निकाय और पंचायत चुनावों की तैयारी शुरू हो गई है। राज्य निर्वाचन आयोग ने फोटोयुक्त मतदाता सूची के वार्षिक पुनरीक्षण 2026 की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
15 जून दोपहर 3 बजे तक नाम जुड़वाने, हटवाने या संशोधन के लिए आवेदन दिया जा सकता है। सभी दावों और आपत्तियों का निराकरण तय समय सीमा में होगा। 18 जुलाई को अंतिम मतदाता सूची का सार्वजनिक प्रकाशन किया जाएगा।
वोटर लिस्ट अपडेट का मौका
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग (MP State Election Commission) ने नगरीय निकायों और पंचायतों दोनों के लिए एक साथ दावा-आपत्ति की प्रक्रिया शुरू की है।
जो नागरिक पहली बार मतदाता बन रहे हैं, वे 15 जून तक आवेदन दे सकते हैं। जिनका नाम सूची से हट गया है या जिनके नाम में कोई गलती है, वे भी इसी प्रक्रिया में सुधार करा सकते हैं।
यह मौका चूकने पर आने वाले चुनाव में मतदान का अधिकार नहीं मिलेगा। इसलिए 15 जून की आखिरी तारीख से पहले नजदीकी निकाय या पंचायत कार्यालय में जाकर आवेदन देना जरूरी है।
निकाय चुनाव का पूरा शेड्यूल
नगरीय निकायों के लिए दावा-आपत्तियों का निराकरण 25 जून तक होगा। इसके बाद ईआरएमएस (ERMS – Electoral Roll Management System) में प्रविष्टि 30 जून तक पूरी की जाएगी।
3 जुलाई तक दावा-आपत्तियों की चेकलिस्ट तैयार होगी और त्रुटि सुधार के बाद 6 जुलाई तक वेंडर को वापस भेजा जाएगा। अंतिम फोटोयुक्त मतदाता सूची 9 जुलाई को तैयार होगी। 10 जुलाई तक यह सूची संबंधित वेबसाइट पर अपलोड कर दी जाएगी।
पंचायत चुनाव का शेड्यूल क्या है
पंचायत क्षेत्रों के लिए भी यही प्रक्रिया अपनाई जाएगी। मुद्रित मतदाता सूची की प्रतियां 16 जुलाई तक उपलब्ध होंगी। 18 जुलाई को ग्राम पंचायतों और अन्य निर्धारित स्थानों पर अंतिम सूची का सार्वजनिक प्रकाशन किया जाएगा।
जो नागरिक इस सूची में नहीं होंगे, वे पंचायत और निकाय चुनाव में मतदान नहीं कर पाएंगे। इसलिए समय रहते अपना नाम जांचना और जरूरी हो तो आवेदन देना बेहद जरूरी है।
प्रशासन को दिए सख्त निर्देश
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी के निर्देशन में सभी संयुक्त कलेक्टर और सहायक उप जिला निर्वाचन अधिकारियों को समय सीमा में काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को कहा गया है कि नाम जोड़ने, हटाने और सुधार की पूरी प्रक्रिया तय कार्यक्रम के अनुसार पारदर्शी तरीके से पूरी की जाए।
निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ होगी। इससे आगामी चुनाव निष्पक्ष और व्यवस्थित तरीके से कराए जा सकेंगे।
स्थानीय चुनाव क्यों है जरूरी
नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव (Local Body and Panchayat Election) स्थानीय प्रतिनिधि चुनने का मौका होता है। ये प्रतिनिधि सड़क, पानी, बिजली, सफाई और बुनियादी सुविधाओं की जिम्मेदारी संभालते हैं। इसलिए इस चुनाव में हर नागरिक की भागीदारी जरूरी है।
जिस नागरिक का नाम मतदाता सूची (Voter List / Electoral Roll) में नहीं होगा, वह इस प्रक्रिया में हिस्सा नहीं ले सकेगा। 15 जून की तारीख इसीलिए सबसे अहम है।
नहीं होंगे ऑनलाइन आवेदन
फिलहाल मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए नजदीकी नगर निगम, नगर परिषद या पंचायत कार्यालय में जाकर आवेदन देना होगा। ऑनलाइन प्रक्रिया की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
जरूरी दस्तावेज क्या लगेंगे
आवेदन के साथ आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र और पासपोर्ट साइज फोटो साथ ले जाएं। नाम संशोधन के लिए पुरानी मतदाता पर्ची भी काम आ सकती है। दस्तावेज पहले से तैयार रखें।
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