कोर्ट की सख्ती का असर, एमपी में नर्सिंग कॉलैजों की मान्यता के 370 आवेदन आए

Pawan Modiya | Jul 20, 2026, 19:11 IST
नर्सिंग कॉलैजों की मान्यता
एमपी में 2026-27 सत्र के लिए 45 नए नर्सिंग कॉलेज खोलने के आवेदन आए हैं। कुल 370 आवेदन मिले हैं। हाई कोर्ट की निगरानी और इंडियन नर्सिंग काउंसिल के नए नियमों के बीच निरीक्षण जारी है। मान्यता मिलने पर करीब 30 हजार सीटों पर प्रवेश होंगे।

समझें क्या है पूरा मामला

  • मध्य प्रदेश में 45 नए नर्सिंग कॉलेजों के आवेदन आए हैं।
  • कुल 370 आवेदन मान्यता और नवीनीकरण के लिए मिले।
  • हाई कोर्ट की निगरानी में निरीक्षण प्रक्रिया चल रही है।
  • इंडियन नर्सिंग काउंसिल के नियम पहली बार लागू होंगे।
  • सभी कॉलेज मान्य हुए तो करीब 30 हजार सीटें बनेंगी।

मध्य प्रदेश के निजी नर्सिंग कॉलेज पिछले कुछ वर्षों से लगातार विवादों में रहे हैं। कई कॉलेजों में मानकों की अनदेखी और फर्जीवाड़े के मामले सामने आए। इन्हीं मामलों पर हाई कोर्ट में सुनवाई भी चल रही है। अब इसी बीच नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। प्रदेश में 45 नए नर्सिंग कॉलेज खोलने के लिए आवेदन किए गए हैं। सभी कॉलेज मान्य हुए तो करीब 30 हजार सीटें बनेंगी।



मान्यता के लिए बढ़े आवेदन

मध्य प्रदेश नर्सिंग काउंसिल के पास इस बार मान्यता और नवीनीकरण के कुल 370 आवेदन पहुंचे हैं। इनमें 45 आवेदन नए कॉलेजों के हैं। पिछले शैक्षणिक सत्र 2025-26 में निजी और सरकारी मिलाकर 327 कॉलेजों को मान्यता मिली थी। इस बार आवेदन संख्या बढ़ी है।



काउंसिल का मानना है कि नए कॉलेजों के आवेदन सोच-समझकर किए गए हैं। संस्थानों को पहले से पता है कि इस बार निरीक्षण पहले की तुलना में अधिक सख्त रहेगा। इसलिए वही संस्थान आगे आए हैं, जिनके पास जरूरी भवन, फैकल्टी, अस्पताल और अन्य संसाधन उपलब्ध हैं।



हाई कोर्ट की निगरानी का असर

प्रदेश में नर्सिंग कॉलेजों से जुड़े फर्जीवाड़े सामने आने के बाद पूरी व्यवस्था सवालों के घेरे में आई थी। इसके बाद लॉ स्टूडेंट एसोसिएशन की याचिका पर हाई कोर्ट में सुनवाई शुरू हुई। अदालत के निर्देश पर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो यानी CBI (Central Bureau of Investigation) ने भी कई कॉलेजों की जांच की थी।



इसी कारण अब मान्यता प्रक्रिया पहले से ज्यादा सख्ती के साथ कराई जा रही है। कॉलेज संचालकों को भी पता है कि किसी तरह की लापरवाही या फर्जी दस्तावेज स्वीकार नहीं होंगे।



पहली बार INC नियम लागू

इस बार प्रदेश में पहली बार इंडियन नर्सिंग काउंसिल यानी INC (Indian Nursing Council) के नियमों के अनुसार पूरी प्रक्रिया अपनाई जा रही है। मान्यता देने से लेकर प्रवेश तक का पूरा कैलेंडर INC के दिशा-निर्देशों के अनुसार बनाया गया है। इसका उद्देश्य प्रदेश में नर्सिंग शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाना और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।



निरीक्षण में हो रही देरी

हालांकि प्रक्रिया तय समय पर पूरी होती नहीं दिख रही है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार एक जुलाई से कॉलेजों का निरीक्षण शुरू होना था। 15 जुलाई तक सभी योग्य कॉलेजों को मान्यता जारी की जानी थी। लेकिन कई जिलों में अब तक निरीक्षण भी शुरू नहीं हो पाया है। इस देरी से आगे की प्रवेश प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।



कलेक्टरों को मिली जिम्मेदारी

पिछले वर्ष की तरह इस बार भी जिला कलेक्टरों को निरीक्षण की जिम्मेदारी दी गई है। कलेक्टर अपने स्तर पर टीम गठित कर कॉलेजों का भौतिक सत्यापन कराएंगे। निरीक्षण में भवन, प्रयोगशाला, लाइब्रेरी, अस्पताल से संबद्धता, फैकल्टी और अन्य जरूरी सुविधाओं की जांच होगी।निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर ही अंतिम मान्यता दी जाएगी।



30 सितंबर तक पूरे होंगे प्रवेश

शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार 30 सितंबर तक प्रवेश प्रक्रिया पूरी करनी है। इस कारण निरीक्षण और मान्यता का काम तेजी से पूरा करना जरूरी होगा। यदि मान्यता में अधिक देरी हुई तो काउंसलिंग और प्रवेश कार्यक्रम भी प्रभावित हो सकते हैं।



GNM और BSc Nursing प्रवेश कैसे होंगे

इस वर्ष जीएनएम यानी GNM (General Nursing and Midwifery) डिप्लोमा पाठ्यक्रम में प्रवेश 12वीं कक्षा के अंकों के आधार पर दिए जाएंगे। वहीं बीएससी नर्सिंग यानी BSc Nursing में प्रवेश के लिए कर्मचारी चयन मंडल पहले ही प्रवेश परीक्षा आयोजित कर चुका है। कॉलेजों की अंतिम मान्यता जारी होने के बाद काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू होगी। इसके बाद विद्यार्थियों को सीट आवंटित की जाएगी।



करीब 30 हजार सीटों की संभावना

यदि सभी योग्य कॉलेजों को मान्यता मिल जाती है तो प्रदेश में नर्सिंग की डिग्री और डिप्लोमा पाठ्यक्रमों की लगभग 30 हजार सीटें उपलब्ध होंगी।इससे प्रदेश के विद्यार्थियों को नर्सिंग शिक्षा के अधिक अवसर मिलेंगे। साथ ही स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए प्रशिक्षित नर्सिंग पेशेवरों की उपलब्धता भी बढ़ सकती है।



काउंसिल का क्या कहना है

मध्य प्रदेश नर्सिंग काउंसिल के अधिकारियों का कहना है कि इस बार मान्यता प्रक्रिया पूरी तरह मापदंडों के अनुसार होगी। अधिकारियों के अनुसार उन्हीं संस्थानों के आवेदन आ रहे हैं, जिनके पास आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं। हाई कोर्ट की निगरानी के कारण निरीक्षण में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।



जरूरी FAQ

इस बार कितने नए नर्सिंग कॉलेजों के आवेदन आए हैं?



शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए मध्य प्रदेश नर्सिंग काउंसिल के पास 45 नए नर्सिंग कॉलेज खोलने के आवेदन आए हैं। इनके अलावा पुराने कॉलेजों के नवीनीकरण सहित कुल 370 आवेदन प्राप्त हुए हैं।



इस बार मान्यता प्रक्रिया में क्या बदलाव हुआ है?



पहली बार इंडियन नर्सिंग काउंसिल के नियमों के अनुसार मान्यता और प्रवेश प्रक्रिया अपनाई जा रही है। हाई कोर्ट की निगरानी में निरीक्षण होगा। कलेक्टरों की टीम कॉलेजों की सुविधाओं और संसाधनों का सत्यापन करेगी।



नर्सिंग प्रवेश कब शुरू होंगे?



मान्यता मिलने के बाद काउंसलिंग शुरू होगी। GNM में प्रवेश 12वीं के अंकों के आधार पर होंगे। BSc Nursing में प्रवेश कर्मचारी चयन मंडल की परीक्षा के आधार पर होंगे। पूरी प्रवेश प्रक्रिया 30 सितंबर तक पूरी करने का लक्ष्य है।



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