27% आरक्षण की बहाली के लिए ओबीसी महासभा का आंदोलन तेज, 28 अक्टूबर को संभागों में प्रदर्शन का ऐलान
सभी जिलों में प्रदर्शन, सरकार को सौंपे ज्ञापन
आंदोलन (OBC Reservation Protest) के पहले चरण में संगठन के पदाधिकारी, युवा, विद्यार्थी और कर्मचारी शामिल हुए। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे। ज्ञापन में आरक्षण से जुड़ी कानूनी अड़चनों को दूर करने की मांग की गई। महासभा ने सरकार से जल्द ठोस कदम उठाने को कहा।
सरकार से नए अध्यादेश की मांग
ओबीसी महासभा ने मांग की है कि राज्य सरकार 27% आरक्षण लागू करने के लिए जरूरी सामाजिक और शैक्षणिक आंकड़े जुटाए। इसके लिए वैज्ञानिक सर्वेक्षण कराकर पर्याप्त और विश्वसनीय क्वांटिफाएबल डेटा तैयार किया जाए। संगठन ने विशेषज्ञ समिति या उपयुक्त आयोग गठित करने और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद नया अध्यादेश लाने की मांग की है। महासभा का कहना है कि प्रस्तावित व्यवस्था संविधान और न्यायालय द्वारा निर्धारित कानूनी मानकों के अनुरूप होनी चाहिए, ताकि उसे मजबूत कानूनी आधार मिल सके।
13% होल्ड वाले अभ्यर्थियों को राहत दिलाने की मांग
ज्ञापन में 13% होल्ड से प्रभावित अभ्यर्थियों के भविष्य का मुद्दा भी उठाया गया है। महासभा ने सरकार से सुप्रीम कोर्ट में प्रभावी और तथ्य-आधारित पैरवी करने की मांग की है। संगठन चाहता है कि प्रभावित अभ्यर्थियों को राहत दिलाने के लिए तत्काल अंतरिम राहत प्राप्त करने के जरूरी कानूनी कदम उठाए जाएं। इसके साथ ही ओबीसी वर्ग के लंबित बैकलॉग पदों को भरने और प्रभावित युवाओं के हितों की रक्षा करने की मांग भी की गई है।
लोकेंद्र गुर्जर बोले- अब आश्वासन नहीं, ठोस परिणाम चाहिए
ओबीसी महासभा की राष्ट्रीय कोर कमेटी के सदस्य लोकेंद्र गुर्जर ने कहा कि 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण का मुद्दा केवल आरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि लाखों युवाओं के भविष्य, सामाजिक न्याय और संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा है। उनके मुताबिक, ओबीसी वर्ग लंबे समय से न्याय की प्रतीक्षा कर रहा है और अब सरकार को आश्वासनों के बजाय ठोस परिणाम देने होंगे। उन्होंने कहा कि सरकार को कानूनी कमियां दूर कर पर्याप्त डेटा जुटाना चाहिए और आरक्षण की बहाली के लिए संवैधानिक प्रक्रिया के तहत कदम उठाने चाहिए।
28 अक्टूबर को संभाग स्तर पर प्रदर्शन
महासभा ने आंदोलन के अगले चरण का कार्यक्रम भी घोषित किया है। इसके तहत 28 अक्टूबर 2026 को प्रदेश के सभी संभागों में धरना-प्रदर्शन कर अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे जाएंगे। संगठन का कहना है कि इन प्रदर्शनों के जरिए 27% आरक्षण की बहाली और प्रभावित अभ्यर्थियों को राहत देने की मांग सरकार तक पहुंचाई जाएगी।
नवंबर में भोपाल में बड़े आंदोलन की तैयारी
ओबीसी महासभा ने नवंबर में राजधानी भोपाल में विशाल जनआंदोलन करने का ऐलान किया है। संगठन ने इसमें प्रदेशभर से लाखों लोगों की भागीदारी का लक्ष्य रखा है। हालांकि, आंदोलन की तारीख अभी घोषित नहीं की गई है। लोकेंद्र गुर्जर ने कहा कि जब तक 27% ओबीसी आरक्षण (OBC Reservation) की बहाली के लिए ठोस संवैधानिक और कानूनी समाधान नहीं निकलता, तब तक संघर्ष शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगा।
सड़क से सुप्रीम कोर्ट तक संघर्ष का ऐलान
ओबीसी महासभा ने साफ किया है कि संगठन 27% आरक्षण की बहाली, 13% होल्ड से प्रभावित अभ्यर्थियों को राहत और मजबूत कानूनी व्यवस्था की मांग को लेकर आंदोलन जारी रखेगा। जिला स्तर पर प्रदर्शन के बाद अब संभाग और राज्य स्तर पर आंदोलन की तैयारी है। संगठन का नारा है- अब आश्वासन नहीं, अध्यादेश और अधिकार चाहिए।