27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण की सुप्रीम लड़ाई में OBC महासभा भी मैदान में, 3 SLP और 10 कैविएट से बढ़ी कानूनी हलचल

Neel Tiwari | Nov 03, 2026, 19:14 IST
Share
मध्य प्रदेश में 27 प्रतिशत OBC आरक्षण के मामले में अब OBC महासभा भी सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है।
मध्य प्रदेश में 27 प्रतिशत OBC आरक्षण के मामले में अब OBC महासभा भी सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है।

मध्य प्रदेश में 27 प्रतिशत OBC आरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में कानूनी लड़ाई तेज हो गई है। सरकार और भाजपा नेताओं के बाद अब OBC महासभा ने भी हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी है। इस मामले में अब तक 3 विशेष अनुमति याचिकाएं (SLP) और 10 कैविएट दाखिल हो चुकी हैं।

ओबीसी महासभा के राष्ट्रीय महासचिव बृजेंद्र सिंह यादव ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई है। इसका डायरी नंबर 69431/2026 है। सोमवार, 2 नवंबर की शाम करीब 7:26 बजे यह याचिका सुप्रीम कोर्ट के रिकॉर्ड में दर्ज हुई थी। इसके बाद 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण को लेकर कानूनी लड़ाई में एक और पक्ष जुड़ गया है।

SLP
SLP

सरकार और भाजपा नेताओं के बाद महासभा ने खोला मोर्चा

इससे पहले मध्य प्रदेश सरकार और भाजपा विधायक अमर सिंह यादव की ओर से भी सुप्रीम कोर्ट में SLP दाखिल की जा चुकी हैं। भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के अध्यक्ष ने भी इस मामले में याचिका दायर की है। अब OBC महासभा की याचिका के बाद आरक्षण के समर्थन में सुप्रीम कोर्ट पहुंचने वाले पक्षों की संख्या बढ़ गई है। खास बात यह है कि अलग-अलग याचिकाकर्ता एक ही हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दे रहे हैं, लेकिन उनके कानूनी आधार और याचिकाओं की स्वीकार्यता पर अदालत का रुख महत्वपूर्ण होगा।

ओबीसी आरक्षण: कानूनी लड़ाई या वोट बैंक की राजनीति? आदित्य सांघी ने उठाए सवाल | OBC Reservation: Legal Battle or Vote Bank Politics? Aditya Sanghi Raises Questions
ओबीसी आरक्षण पर कानूनी लड़ाई या वोट बैंक की राजनीति? आदित्य सांघी ने राजनीतिक दलों पर उठाए सवाल
20 Oct 2026 ,
By Neel Tiwari
मध्यप्रदेश में 27% ओबीसी आरक्षण का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है। इसके बाद भाजपा नेताओं की SLP पर सवाल उठने लगे हैं। सामान्य वर्ग के वरिष्ठ अधिवक्ता आदित्य सांघी ने इसे वोट बैंक की राजनीति बताया। उन्होंने कहा कि याचिका दाखिल करना अलग बात है। सुप्रीम कोर्ट में याचिका सुनवाई योग्य होना असली सवाल है।
मध्यप्रदेश में 27% ओबीसी आरक्षण का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है। इसके बाद भाजपा नेताओं की SLP पर सवाल उठने लगे हैं। सामान्य वर्ग के वरिष्ठ अधिवक्ता आदित्य सांघी ने इसे वोट बैंक की राजनीति बताया। उन्होंने कहा कि याचिका दाखिल करना अलग बात है। सुप्रीम कोर्ट में याचिका सुनवाई योग्य होना असली सवाल है।

पुरानी SLP में कमियां, अब तक सुधार का इंतजार

इस मामले में एक और अहम बात सामने आई है। सुप्रीम कोर्ट में पहले से दाखिल कुछ याचिकाओं में कमियां पाई गई हैं। जब तक इन कमियों को दूर नहीं किया जाता, तब तक याचिकाओं को सुनवाई के लिए किसी बेंच के सामने लिस्ट करने की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकेगी। सुप्रीम कोर्ट के उपलब्ध रिकॉर्ड के मुताबिक, अभी तक इन कमियों को दूर किए जाने की जानकारी दर्ज नहीं हुई है। न ही इस संबंध में कोई आवेदन सामने आया है। ऐसे में सिर्फ याचिका दाखिल करने से सुनवाई शुरू नहीं हो जाएगी। पहले कमियां दूर करनी होंगी, इसके बाद ही सुनवाई के लिए तारीख तय होने का रास्ता साफ होगा।

27% OBC आरक्षण पर विवाद: सरकार की SLP पर OBC अधिवक्ताओं ने उठाए सवाल, अंतरिम राहत की मांग पर संशय | 27% OBC Reservation Controversy: OBC Advocates Raise Questions on Govt's SLP, Doubt Over Interim Relief Demand
27% OBC आरक्षण पर दायर SLP में स्टे या अंतरिम राहत की मांग नहीं होने का दावा, OBC वर्ग के अधिवक्ताओं ने उठाए सवाल
17 Oct 2026 ,
By Neel Tiwari
मध्य प्रदेश में 27% OBC आरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में SLP दाखिल होने के बाद विवाद बढ़ गया है। वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर ने सरकार पर OBC युवाओं को गुमराह करने का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि याचिका में अंतरिम राहत की मांग नहीं की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस अधिवक्ता को नियुक्त किया गया है, उसने कभी OBC वर्ग का पक्ष नहीं रखा।
मध्य प्रदेश में 27% OBC आरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में SLP दाखिल होने के बाद विवाद बढ़ गया है। वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर ने सरकार पर OBC युवाओं को गुमराह करने का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि याचिका में अंतरिम राहत की मांग नहीं की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस अधिवक्ता को नियुक्त किया गया है, उसने कभी OBC वर्ग का पक्ष नहीं रखा।

3 SLP के सामने 10 कैविएट

मध्य प्रदेश में 27% OBC आरक्षण के मामले में अब तक सुप्रीम कोर्ट में 3 SLP और 10 कैविएट दाखिल हो चुकी हैं। ये कैविएट चार अलग-अलग पक्षों ने लगाई हैं। सामान्य वर्ग की ओर से यूथ फॉर इक्वालिटी ने 2 कैविएट दाखिल की हैं, जिनके नंबर 66089/2026 और 69431/2026 हैं। इसके अलावा सत्यम नंदन ने 2, रितु बडोले ने 3 और अंकित जैन ने 3 कैविएट लगाई हैं।

कैविएट लगाने का मतलब है कि कोर्ट कोई भी आदेश देने से पहले संबंधित पक्ष की बात भी सुने। हालांकि, कैविएट दाखिल होने से कोर्ट के अंतरिम आदेश या स्टे लगाने पर अपने आप रोक नहीं लगती।

10 केविएट
10 केविएट

अब सुप्रीम कोर्ट की लिस्टिंग पर टिकी नजरें

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 9 अक्टूबर 2026 को अशिता दुबे मामले और उससे जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए 27% OBC आरक्षण के प्रावधान को रद्द कर दिया था। इसके बाद से ही मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचना शुरू हो गया। सरकार, भाजपा नेताओं और OBC महासभा ने हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए याचिकाएं लगाई हैं। वहीं, सामान्य वर्ग समेत दूसरे पक्षों ने भी कैविएट दाखिल की हैं।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि इन याचिकाओं में बताई गई कमियां कब दूर होंगी और सुप्रीम कोर्ट की कौन सी बेंच इन पर सुनवाई करेगी। फिलहाल सभी पक्षों की नजर सुप्रीम कोर्ट के अगले कदम पर टिकी है।

MP OBC आरक्षण पर SC में सुनवाई: सरकार की SLP के साथ दो भाजपा नेता भी पहुंचे, जानिए क्या हैं संभावनाएं | MP OBC Reservation SC Hearing: Two BJP Leaders Reach SC with Govt's SLP, Know the Possibilities
MP OBC Reservation: सरकार की SLP के साथ दो भाजपा नेता भी पहुंचे SC, सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई में यह होगी संभावनाएं
19 Oct 2026 ,
By Neel Tiwari
हाईकोर्ट से 27% OBC आरक्षण रद्द होने के बाद राज्य सरकार, भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के अध्यक्ष और राजगढ़ विधायक अमर सिंह यादव सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए हैं। वहीं, यूथ फॉर इक्वलिटी ने भी कैविएट दाखिल किया है। आइए विस्तार से जानते हैं सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान क्या-क्या हो सकता है...
हाईकोर्ट से 27% OBC आरक्षण रद्द होने के बाद राज्य सरकार, भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के अध्यक्ष और राजगढ़ विधायक अमर सिंह यादव सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए हैं। वहीं, यूथ फॉर इक्वलिटी ने भी कैविएट दाखिल किया है। आइए विस्तार से जानते हैं सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान क्या-क्या हो सकता है...
Tags:
  • 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण
  • ओबीसी आरक्षण
  • 27 percent OBC reservation
  • ओबीसी महासभा
  • राष्ट्रीय महासचिव बृजेंद्र सिंह यादव
  • सुप्रीम कोर्ट
  • भाजपा विधायक अमर सिंह यादव
  • OBC reservation
  • मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
छत्तीसगढ़ राज्योत्सव में छाया अनोखा रोबोट: बिना इंटरनेट के करता है काम, घर से लेकर होटल तक आ सकता है काम

By Umeshwari Baghel

छत्तीसगढ़ राज्योत्सव में छाया अनोखा रोबोट: बिना इंटरनेट के करता है काम, घर से लेकर होटल तक आ सकता है काम
एमपी राज्यसभा उपचुनाव: भाजपा उम्मीदवार हरदीप पुरी के नामांकन के खिलाफ आपत्तियां खारिज, कांग्रेस बोली- कोर्ट जाएंगे

By Amresh Kushwaha

एमपी राज्यसभा उपचुनाव: भाजपा उम्मीदवार हरदीप पुरी के नामांकन के खिलाफ आपत्तियां खारिज, कांग्रेस बोली- कोर्ट जाएंगे
बांसवाड़ा की आशा देवी ने 455 वोटों के अंतर से जीता सरपंच चुनाव, कभी मनरेगा में करती थीं मजदूरी

By Jageshwar Prasad

बांसवाड़ा की आशा देवी ने 455 वोटों के अंतर से जीता सरपंच चुनाव, कभी मनरेगा में करती थीं मजदूरी
जैसलमेर में सेना के आधुनिकीकरण पर मंथन, 2029 तक 3 लाख करोड़ का रक्षा उत्पादन लक्ष्य

By Ashish Bhardwaj

जैसलमेर में सेना के आधुनिकीकरण पर मंथन, 2029 तक 3 लाख करोड़ का रक्षा उत्पादन लक्ष्य
महादेव ऐप का मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर रायपुर पहुंचा, कल CBI कोर्ट में होगी पेशी; 6000 करोड़ के सट्टेबाजी नेटवर्क की खुलेगी परतें

By VINAY VERMA

महादेव ऐप का मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर रायपुर पहुंचा, कल CBI कोर्ट में होगी पेशी; 6000 करोड़ के सट्टेबाजी नेटवर्क की खुलेगी परतें
अध्यक्ष की कुर्सी खाली, 608 अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में, इंटरव्यू और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन की नई तारीख का इंतजार

By Umeshwari Baghel

अध्यक्ष की कुर्सी खाली, 608 अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में, इंटरव्यू और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन की नई तारीख का इंतजार
मध्य प्रदेश के आईपीएस अनुराग सुजानिया ने दिया इस्तीफा, 4 दिन पहले सागर SP पद से हटाए गए थे

By Amresh Kushwaha

मध्य प्रदेश के आईपीएस अनुराग सुजानिया ने दिया इस्तीफा, 4 दिन पहले सागर SP पद से हटाए गए थे