rajya sabha by-election 2026 order copy
एमपी राज्यसभा उपचुनाव: भाजपा उम्मीदवार हरदीप पुरी के नामांकन के खिलाफ आपत्तियां खारिज, कांग्रेस बोली- कोर्ट जाएंगे
Amresh Kushwaha | Nov 03, 2026, 18:45 IST
मध्य प्रदेश राज्यसभा उपचुनाव में भाजपा उम्मीदवार हरदीप सिंह पुरी का नामांकन स्वीकार कर लिया गया है।
मध्य प्रदेश में राज्यसभा उपचुनाव को लेकर मंगलवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। रिटर्निंग ऑफिसर उमेश शर्मा ने भाजपा उम्मीदवार और केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के नामांकन पर कांग्रेस की सभी आपत्तियां खारिज कर दी हैं। सुनवाई के बाद पुरी के नामांकन को लेकर कांग्रेस की मांग स्वीकार नहीं की गई है। वहीं, कांग्रेस समर्थित राजकुमार लोहानी और निर्दलीय उम्मीदवार कांते सायन्ना के नामांकन निरस्त हो गए हैं।
इस फैसले पर कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे और आतिफ अकील ने नाराजगी जताई है। दोनों नेताओं ने कार्रवाई को पक्षपातपूर्ण बताते हुए बुधवार को न्यायालय जाने की बात कही है।
अब 5 नवंबर को दोपहर 3 बजे तक नाम वापस लेने का समय है। इसके बाद यदि चुनाव मैदान में हरदीप सिंह पुरी अकेले उम्मीदवार बचते हैं, तो उन्हें निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया जा सकता है।
कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे और आतिफ अकील ने रिटर्निंग ऑफिसर के फैसले पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि हरदीप पुरी के नामांकन में कई बड़ी गलतियां थीं। इसके प्रमाण भी अधिकारियों को दिए गए, लेकिन इसके बावजूद नामांकन निरस्त नहीं किया गया।
दोनों विधायकों ने आरोप लगाया कि नामांकन की जांच में पक्षपात किया गया है। उन्होंने इसे भारत के लोकतंत्र पर प्रहार बताया।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि वे इस फैसले को चुनौती देने के लिए बुधवार को न्यायालय की शरण में जाएंगे।
मंगलवार दोपहर 2 बजे नामांकन पत्रों की जांच (Scrutiny) शुरू हुई थी। इस दौरान कांग्रेस नेता और वरिष्ठ वकील जेपी धनोपिया, विधायक हेमंत कटारे और राजकुमार लोहानी ने हरदीप पुरी के नामांकन पर लिखित आपत्तियां दर्ज कराई थीं।
कांग्रेस का आरोप था कि पुरी ने अपने शपथपत्र में पत्नी का नाम नहीं लिखा है। इसके अलावा संपत्ति और पैसों की जानकारी भारतीय रुपये के बजाय अमेरिकी डॉलर और स्विस फ्रैंक में दी गई है।
कांग्रेस नेताओं ने शपथपत्र में कई जरूरी जानकारियां अधूरी होने का दावा करते हुए नामांकन रद्द करने की मांग की थी।
कांग्रेस नेता जेपी धनोपिया ने दावा किया था कि हरदीप पुरी के शपथपत्र में 25 से 30 गंभीर गलतियां हैं। उनके मुताबिक, शपथपत्र पर नियमों के अनुसार शपथ और सत्यापन नहीं किया गया था।
वहीं, हेमंत कटारे ने The Conduct of Elections Rules, 1961 का हवाला देते हुए कहा था कि चुनावी शपथपत्र मजिस्ट्रेट या नोटरी के सामने शपथ लेकर जमा करना जरूरी है।
कटारे का आरोप था कि पुरी के शपथपत्र पर केवल Attested लिखा है, जबकि उसे Sworn यानी शपथ लेकर सत्यापित किया जाना चाहिए।
उन्होंने नामांकन में 100 से ज्यादा गलतियां होने का दावा किया था।
कांग्रेस की आपत्तियों के बाद रिटर्निंग ऑफिसर उमेश शर्मा ने भाजपा को शाम 5 बजे तक जवाब देने का समय दिया था। इसके बाद आपत्तियों पर सुनवाई हुई। रिटर्निंग ऑफिसर ने कांग्रेस की सभी आपत्तियां खारिज कर दीं। अब कांग्रेस ने इस फैसले के खिलाफ अदालत जाने की बात कही है।
राज्यसभा उपचुनाव में कांग्रेस समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार राजकुमार लोहानी का नामांकन भी मंगलवार को निरस्त कर दिया गया। जांच में उनके नामांकन पत्र के साथ अनिवार्य फॉर्म-26 जमा नहीं होने की बात सामने आई थी।
लोहानी ने बताया कि उन्होंने दस्तावेज ई-मेल के जरिए भेजा था, लेकिन रिटर्निंग ऑफिसर ने उसे स्वीकार नहीं किया। अधिकारियों का कहना था कि दस्तावेज तय समय पर व्यक्तिगत रूप से जमा करना जरूरी था।
लोहानी ने आरोप लगाया कि उनके वकील ने गलती सुधारने के लिए समय मांगा था, लेकिन मौका नहीं मिला। दूसरी ओर, भाजपा को आपत्तियों का जवाब देने के लिए अतिरिक्त समय दिया गया। लोहानी ने इसे पक्षपातपूर्ण कार्रवाई बताया।
निर्दलीय उम्मीदवार कांते सायन्ना का नामांकन भी जांच के दौरान निरस्त कर दिया गया। राजकुमार लोहानी के मुताबिक, सायन्ना के नामांकन पत्र में प्रस्तावक का नाम दर्ज नहीं था। इसी कमी के कारण उनका पर्चा खारिज किया गया।
रिटर्निंग ऑफिसर के फैसले के बाद कांग्रेस ने कानूनी कार्रवाई की बात कही है। विधायक हेमंत कटारे और आतिफ अकील ने कहा कि उन्होंने नामांकन में गलतियों से जुड़े सभी प्रमाण पेश किए थे, लेकिन उनकी आपत्तियों को स्वीकार नहीं किया गया। कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, वे बुधवार को कोर्ट में इस फैसले को चुनौती देंगे।
फिलहाल, हरदीप सिंह पुरी के नामांकन पर कांग्रेस की सभी आपत्तियां खारिज हो चुकी हैं, जबकि दो निर्दलीय उम्मीदवारों के पर्चे निरस्त किए गए हैं। अब कांग्रेस की ओर से न्यायालय जाने की घोषणा के बाद मामला कानूनी स्तर पर आगे बढ़ सकता है।
अब 5 नवंबर को दोपहर 3 बजे तक नाम वापस लेने का समय है। इसके बाद यदि चुनाव मैदान में हरदीप सिंह पुरी अकेले उम्मीदवार बचते हैं, तो उन्हें निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया जा सकता है।
कटारे बोले- इतनी गलतियों के बाद भी नामांकन रद्द नहीं किया
दोनों विधायकों ने आरोप लगाया कि नामांकन की जांच में पक्षपात किया गया है। उन्होंने इसे भारत के लोकतंत्र पर प्रहार बताया।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि वे इस फैसले को चुनौती देने के लिए बुधवार को न्यायालय की शरण में जाएंगे।
पुरी के शपथपत्र में पत्नी का नाम नहीं होने पर उठाए थे सवाल
कांग्रेस का आरोप था कि पुरी ने अपने शपथपत्र में पत्नी का नाम नहीं लिखा है। इसके अलावा संपत्ति और पैसों की जानकारी भारतीय रुपये के बजाय अमेरिकी डॉलर और स्विस फ्रैंक में दी गई है।
कांग्रेस नेताओं ने शपथपत्र में कई जरूरी जानकारियां अधूरी होने का दावा करते हुए नामांकन रद्द करने की मांग की थी।
कांग्रेस ने शपथपत्र के सत्यापन पर भी जताई थी आपत्ति
वहीं, हेमंत कटारे ने The Conduct of Elections Rules, 1961 का हवाला देते हुए कहा था कि चुनावी शपथपत्र मजिस्ट्रेट या नोटरी के सामने शपथ लेकर जमा करना जरूरी है।
कटारे का आरोप था कि पुरी के शपथपत्र पर केवल Attested लिखा है, जबकि उसे Sworn यानी शपथ लेकर सत्यापित किया जाना चाहिए।
उन्होंने नामांकन में 100 से ज्यादा गलतियां होने का दावा किया था।
भाजपा को शाम 5 बजे तक मिला था जवाब देने का समय
राजकुमार लोहानी का नामांकन फॉर्म-26 नहीं होने पर रद्द
लोहानी ने बताया कि उन्होंने दस्तावेज ई-मेल के जरिए भेजा था, लेकिन रिटर्निंग ऑफिसर ने उसे स्वीकार नहीं किया। अधिकारियों का कहना था कि दस्तावेज तय समय पर व्यक्तिगत रूप से जमा करना जरूरी था।
लोहानी ने आरोप लगाया कि उनके वकील ने गलती सुधारने के लिए समय मांगा था, लेकिन मौका नहीं मिला। दूसरी ओर, भाजपा को आपत्तियों का जवाब देने के लिए अतिरिक्त समय दिया गया। लोहानी ने इसे पक्षपातपूर्ण कार्रवाई बताया।
कांते सायन्ना का नामांकन भी खारिज
अब कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी
फिलहाल, हरदीप सिंह पुरी के नामांकन पर कांग्रेस की सभी आपत्तियां खारिज हो चुकी हैं, जबकि दो निर्दलीय उम्मीदवारों के पर्चे निरस्त किए गए हैं। अब कांग्रेस की ओर से न्यायालय जाने की घोषणा के बाद मामला कानूनी स्तर पर आगे बढ़ सकता है।
बांसवाड़ा की आशा देवी ने 455 वोटों के अंतर से जीता सरपंच चुनाव, कभी मनरेगा में करती थीं मजदूरी
By Jageshwar Prasad
जैसलमेर में सेना के आधुनिकीकरण पर मंथन, 2029 तक 3 लाख करोड़ का रक्षा उत्पादन लक्ष्य
By Ashish Bhardwaj
महादेव ऐप का मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर रायपुर पहुंचा, कल CBI कोर्ट में होगी पेशी; 6000 करोड़ के सट्टेबाजी नेटवर्क की खुलेगी परतें
By VINAY VERMA
अध्यक्ष की कुर्सी खाली, 608 अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में, इंटरव्यू और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन की नई तारीख का इंतजार
By Umeshwari Baghel
मध्य प्रदेश के आईपीएस अनुराग सुजानिया ने दिया इस्तीफा, 4 दिन पहले सागर SP पद से हटाए गए थे
By Amresh Kushwaha
अब 2 महीने के भीतर करना होगा जमानत याचिकाओं का निपटारा, हाईकोर्ट का नया नोटिफिकेशन जारी
By Harrison Masih
शादी का वादा पूरा नहीं करना हर मामले में दुष्कर्म नहीं, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का अहम फैसला, आरोपी की रिहाई बरकरार
By Umeshwari Baghel