अब 2 महीने के भीतर करना होगा जमानत याचिकाओं का निपटारा, हाईकोर्ट का नया नोटिफिकेशन जारी

Harrison Masih | Nov 03, 2026, 17:09 IST
Share
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का फैसला: 2 महीने में निपटाने होंगे जमानत के मामले, नया नोटिफिकेशन जारी
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का फैसला: 2 महीने में निपटाने होंगे जमानत के मामले, नया नोटिफिकेशन जारी

रायपुर। जमानत के लिए अब लोगों को लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने जमानत याचिकाओं के जल्द निपटारे के लिए नया नोटिफिकेशन जारी किया है। इसके अनुसार, जमानत याचिकाओं पर पहली सुनवाई की तारीख से अधिकतम दो महीने के भीतर फैसला करने का प्रयास किया जाएगा। हाईकोर्ट के प्रभारी रजिस्ट्रार जनरल ने यह अधिसूचना जारी की है।

इसके साथ ही छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट नियम, 2007 में संशोधन किया गया है। नया नियम तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।

हाईकोर्ट ने नियम 120 में किया बदलाव

अधिसूचना के अनुसार, संविधान के अनुच्छेद 225 और 227 के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए हाईकोर्ट के नियमों में बदलाव किया गया है। इसके तहत नियम 120 के मौजूदा उप-नियम (3) की जगह नया उप-नियम जोड़ा गया है।

नए नियम के मुताबिक, जिस बेंच में जमानत याचिका पर सुनवाई होगी, वहां पहली सुनवाई की तारीख से अधिकतम दो महीने के भीतर फैसला सुनाने का प्रयास किया जाएगा। इसका उद्देश्य जमानत के मामलों में होने वाली देरी को कम करना है।

शादी के झूठे वादे पर हाईकोर्ट का अहम फैसला: हर अधूरा वादा दुष्कर्म नहीं, जानिए क्या है कानूनी अंतर | High Court's Important Verdict on False Marriage Promise: Not Every Unfulfilled Promise is Rape, Know the Legal Difference
शादी का वादा पूरा नहीं करना हर मामले में दुष्कर्म नहीं, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का अहम फैसला, आरोपी की रिहाई बरकरार
03 Nov 2026 ,
By Umeshwari Baghel
बिलासपुर। शादी का वादा कर शारीरिक संबंध बनाने और बाद में विवाह से इनकार करने से जुड़े एक मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि शादी का हर अधूरा वादा दुष्कर्म की श्रेणी में नहीं आता। इसके लिए यह साबित होना जरूरी है कि आरोपी ने शुरुआत से ही शादी करने का कोई इरादा नहीं रखा था
बिलासपुर। शादी का वादा कर शारीरिक संबंध बनाने और बाद में विवाह से इनकार करने से जुड़े एक मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि शादी का हर अधूरा वादा दुष्कर्म की श्रेणी में नहीं आता। इसके लिए यह साबित होना जरूरी है कि आरोपी ने शुरुआत से ही शादी करने का कोई इरादा नहीं रखा था

अग्रिम जमानत पर छह सप्ताह में फैसले का प्रयास

सुप्रीम कोर्ट ने भी देश की सभी अदालतों को जमानत याचिकाओं के जल्द निपटारे के निर्देश दिए हैं। इसके अनुसार, नियमित जमानत आवेदनों को पहली बार अदालत में पेश किए जाने की तारीख से दो महीने के भीतर निपटाने का प्रयास किया जाना चाहिए।

वहीं, अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) के आवेदनों पर छह सप्ताह के भीतर फैसला करने का प्रयास करने को कहा गया है। अग्रिम जमानत उस स्थिति में मांगी जाती है, जब किसी व्यक्ति को गिरफ्तारी की आशंका होती है।

हाईकोर्ट का फैसला: स्टेट टैक्स इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा रद्द, नई प्रक्रिया जल्द शुरू करने का निर्देश | High Court's Decision: State Tax Inspector Recruitment Exam Cancelled, Directive to Start New Process Soon
स्टेट टैक्स इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा रद्द करने के खिलाफ सभी याचिकाएं खारिज, नए सिरे से होगी भर्ती
03 Nov 2026 ,
By Harrison Masih
स्टेट टैक्स इंस्पेक्टर बनने का सपना देख रहे कर्मचारियों को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। साल 2021 और 2022 में हुई विभागीय भर्ती परीक्षा को रद्द करने के सरकार के फैसले को हाईकोर्ट ने सही माना है। परीक्षा में गंभीर गड़बड़ियां सामने आने के बाद राज्य सरकार ने इसे निरस्त कर दिया था।
स्टेट टैक्स इंस्पेक्टर बनने का सपना देख रहे कर्मचारियों को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। साल 2021 और 2022 में हुई विभागीय भर्ती परीक्षा को रद्द करने के सरकार के फैसले को हाईकोर्ट ने सही माना है। परीक्षा में गंभीर गड़बड़ियां सामने आने के बाद राज्य सरकार ने इसे निरस्त कर दिया था।

सात साल से कम सजा वाले मामलों में गिरफ्तारी पर निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस अधिकारियों को गिरफ्तारी के नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश भी दिए हैं। सात साल से कम सजा वाले मामलों में पहले CrPC की धारा 41 और 41ए के प्रावधान लागू होते थे। अब भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (BNSS) की धारा 35 के तहत संबंधित प्रावधान लागू हैं।

इनका पालन करना जरूरी है। इसका उद्देश्य बिना पर्याप्त कारण किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी रोकना है।

शादी का झांसा देकर ACS के PA ने युवती से बनाए संबंध, पुलिस ढूंढती रही, वो सचिवालय में करता रहा काम | ACS's PA made relations with a girl by promising marriage, police kept searching, he kept working in the secretariat
शादी का झांसा देकर ACS के PA ने युवती से बनाए संबंध, पुलिस बाहर ढूंढती रही, वो मंत्रालय में करता रहा काम
03 Nov 2026 ,
By Aman Vaishnav
मध्य प्रदेश के मंत्रालय (सचिवालय) से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां पदस्थ एक अपर मुख्य सचिव यानी एसीएस के पीए दीपक अहिरवार पर 27 साल की एक युवती ने बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। युवती का कहना है कि दीपक ने शादी का झूठा वादा करके उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए और बाद में मुकर गया।
मध्य प्रदेश के मंत्रालय (सचिवालय) से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां पदस्थ एक अपर मुख्य सचिव यानी एसीएस के पीए दीपक अहिरवार पर 27 साल की एक युवती ने बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। युवती का कहना है कि दीपक ने शादी का झूठा वादा करके उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए और बाद में मुकर गया।

जांच में सहयोग करने पर जबरन गिरफ्तारी जरूरी नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि अगर आरोपी जांच में पूरा सहयोग कर रहा है, तो उसे हर स्थिति में गिरफ्तार करना जरूरी नहीं है। चार्जशीट दाखिल करते समय या अदालत में पेशी के दौरान भी उसे जबरन गिरफ्तार करने की आवश्यकता नहीं है।

अदालत ने कहा है कि गिरफ्तारी अंतिम विकल्प होना चाहिए। पुलिस को इसके लिए उचित कानूनी आधार और जरूरी कारणों का ध्यान रखना होगा।

WhatsApp नोटिस को लेकर भी निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने WhatsApp और सोशल मीडिया के जरिए भेजे जाने वाले नोटिस पर भी स्थिति स्पष्ट की है। मनमाने तरीके से भेजे गए ऐसे नोटिस हर परिस्थिति में कानूनी रूप से मान्य नहीं होते। पुलिस को नोटिस जारी करते समय निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन करना होगा।

कुल मिलाकर, हाईकोर्ट के नए संशोधन और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का उद्देश्य जमानत मामलों में देरी कम करना और गिरफ्तारी की प्रक्रिया को कानूनी दायरे में रखना है। इससे न्यायिक प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है।

MP में अफसरों का हत्यारा माफिया: ड्यूटी पर निकले, मौत मिली! कितने मामलों में हुई सजा? | MP's Officer Killer Mafia: Went on Duty, Met Death! How Many Cases Resulted in Conviction?
ड्यूटी पर निकले, मौत मिली! MP में अफसरों का हत्यारा माफिया! कितने मामलों में हुई सजा?
02 Nov 2026 ,
By Atul Dwivedi
देवास के खातेगांव में शराब माफिया ने एक पुलिस अफसर की जान ले ली। टीआई दिलीप पुरी को शराब माफिया ने गाड़ी से कुचल दिया। वे करीब दो घंटे तक जिंदगी और मौत से लड़ते रहे, लेकिन आखिरकार उनकी मौत हो गई। बता दें कि दिलीप पुरी माफिया के हाथों जान गंवाने वाले मध्य प्रदेश के पहले अफसर नहीं हैं।
देवास के खातेगांव में शराब माफिया ने एक पुलिस अफसर की जान ले ली। टीआई दिलीप पुरी को शराब माफिया ने गाड़ी से कुचल दिया। वे करीब दो घंटे तक जिंदगी और मौत से लड़ते रहे, लेकिन आखिरकार उनकी मौत हो गई। बता दें कि दिलीप पुरी माफिया के हाथों जान गंवाने वाले मध्य प्रदेश के पहले अफसर नहीं हैं।

यह खबर क्यों जरूरी है?

जमानत की सुनवाई में देरी का असर सीधे उस व्यक्ति की आजादी और परिवार पर पड़ता है, जिसे अभी दोषी साबित नहीं किया गया है। संविधान का अनुच्छेद 21 जीवन और निजी स्वतंत्रता की रक्षा करता है। गिरफ्तारी को अंतिम विकल्प बनाने की बात इसी अधिकार से जुड़ी है। इसलिए जमानत और गिरफ्तारी के नियमों में बदलाव आम नागरिकों के लिए भी अहम है।

  1. हाईकोर्ट ने जमानत याचिकाओं को लेकर क्या नया फैसला लिया है?
    हाईकोर्ट ने जमानत याचिकाओं पर पहली सुनवाई की तारीख से दो महीने के भीतर फैसला करने का प्रयास करने का नियम लागू किया है।
  2. जमानत याचिका पर कितने दिनों में फैसला होगा?
    नई व्यवस्था के अनुसार, जमानत याचिका पर अधिकतम दो महीने के भीतर फैसला सुनाने का प्रयास किया जाएगा।
  3. छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का नया जमानत नियम कब से लागू हुआ है?
    हाईकोर्ट की अधिसूचना के अनुसार, नियम में किया गया संशोधन तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।
Tags:
  • जमानत के नए नियम
  • bnss
  • anticipatory bail) , crpc
  • छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
  • जमानत याचिका निपटारा
  • cg high court
  • सुप्रीम कोर्ट
शादी का वादा पूरा नहीं करना हर मामले में दुष्कर्म नहीं, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का अहम फैसला, आरोपी की रिहाई बरकरार

By Umeshwari Baghel

शादी का वादा पूरा नहीं करना हर मामले में दुष्कर्म नहीं, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का अहम फैसला, आरोपी की रिहाई बरकरार
राजस्थान पंचायत चुनाव का तीसरा चरण: कांग्रेस के 6 सांसद, 15 विधायक और 9 पूर्व मंत्रियों की साख दांव पर

By Jyoti Mahender Bhardwaj

राजस्थान पंचायत चुनाव का तीसरा चरण: कांग्रेस के 6 सांसद, 15 विधायक और 9 पूर्व मंत्रियों की साख दांव पर
राजस्थान में दूसरे राज्यों की निजी गाड़ियों से टैक्स वसूली पर हाईकोर्ट की रोक, 90 याचिकाओं पर फैसला

By Mukesh Sharma

राजस्थान में दूसरे राज्यों की निजी गाड़ियों से टैक्स वसूली पर हाईकोर्ट की रोक, 90 याचिकाओं पर फैसला
एमपी राज्यसभा उपचुनाव में सियासी घमासान: दो निर्दलीयों के नामांकन खारिज, भाजपा प्रत्याशी हरदीप पुरी की उम्मीदवारी पर कांग्रेस की आपत्ति

By Amresh Kushwaha

एमपी राज्यसभा उपचुनाव में सियासी घमासान: दो निर्दलीयों के नामांकन खारिज, भाजपा प्रत्याशी हरदीप पुरी की उम्मीदवारी पर कांग्रेस की आपत्ति
राजस्थान फसल बीमा भुगतान में दूसरे नंबर पर, किसानों को मिले 8 हजार 697 करोड़ रुपए; 800 करोड़ से ज्यादा के दावे अब भी लंबित

By Jyoti Mahender Bhardwaj

राजस्थान फसल बीमा भुगतान में दूसरे नंबर पर, किसानों को मिले 8 हजार 697 करोड़ रुपए; 800 करोड़ से ज्यादा के दावे अब भी लंबित
राजस्थान के सरकारी स्कूलों में छुट्टियों का भी डिजिटल रिकॉर्ड, रोजाना दोपहर 1:30 बजे तक दर्ज करनी होगी उपस्थिति

By Jyoti Mahender Bhardwaj

राजस्थान के सरकारी स्कूलों में छुट्टियों का भी डिजिटल रिकॉर्ड, रोजाना दोपहर 1:30 बजे तक दर्ज करनी होगी उपस्थिति
दो करोड़ को समझाया, फिर भी 161 करोड़ लुटाए, जागरुकता अभियान के बाद भी 10 महीने में साइबर ठगों ने लगाई चपत

By Arun Tiwari

दो करोड़ को समझाया, फिर भी 161 करोड़ लुटाए, जागरुकता अभियान के बाद भी 10 महीने में साइबर ठगों ने लगाई चपत