OBC आरक्षण पर महासंग्राम की तैयारी, 15 अक्टूबर से आंदोलन; नवंबर में भोपाल में लाखों लोगों को जुटाने का लक्ष्य
तीन चरणों में होगा प्रदेशव्यापी आंदोलन
ओबीसी महासभा की राष्ट्रीय कोर कमेटी के सदस्य लोकेंद्र गुर्जर ने वीडियो संदेश के जरिए आंदोलन की रूपरेखा घोषित की है। संगठन के अनुसार, पहले चरण में 15 अक्टूबर को सभी जिलों में प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपे जाएंगे। दूसरे चरण में 28 अक्टूबर को संभाग स्तर पर धरना-प्रदर्शन होंगे। तीसरे चरण में नवंबर में भोपाल में विशाल महाआंदोलन आयोजित करने की तैयारी है। इसमें प्रदेशभर से लाखों लोगों को जुटाने का लक्ष्य रखा गया है। भोपाल में होने वाले कार्यक्रम की निश्चित तारीख बाद में घोषित की जाएगी।
27% आरक्षण के लिए नया कानून बनाने की मांग
ओबीसी महासभा ने राज्य सरकार से 27 प्रतिशत आरक्षण की बहाली के लिए मजबूत संवैधानिक और कानूनी आधार तैयार करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि इसके लिए ओबीसी वर्ग की सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक परिस्थितियों का वैज्ञानिक अध्ययन कराया जाए। साथ ही पर्याप्त और विश्वसनीय क्वांटिफाएबल डेटा जुटाने की प्रक्रिया भी शुरू की जाए।
विशेषज्ञ समिति और आयोग गठित करने की मांग
संगठन के मुताबिक, सरकार को विशेषज्ञ समिति या उपयुक्त आयोग गठित कर आरक्षण से जुड़े जरूरी आंकड़े जुटाने चाहिए। उपलब्ध आंकड़ों और संवैधानिक प्रावधानों के आधार पर कानूनी कमियों को दूर करने की पहल की जाए। महासभा ने नए कानून या अन्य उपयुक्त विधायी समाधान की मांग करते हुए कहा कि केवल आश्वासन देने से काम नहीं चलेगा। सरकार को स्पष्ट कार्ययोजना बनाकर समयबद्ध कार्रवाई करनी चाहिए।
13% होल्ड से प्रभावित अभ्यर्थियों को राहत देने की मांग
27% आरक्षण के साथ ओबीसी महासभा ने 13% होल्ड से प्रभावित अभ्यर्थियों का मुद्दा भी उठाया है। संगठन का कहना है कि इन अभ्यर्थियों को राहत दिलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में उपलब्ध कानूनी विकल्पों का इस्तेमाल किया जाएगा। महासभा तत्काल अंतरिम राहत के लिए प्रयास करने के साथ ओबीसी वर्ग के लंबित बैकलॉग पदों को भरने की मांग भी करेगी।
अब आश्वासन नहीं, ठोस समाधान चाहिए
लोकेंद्र गुर्जर ने कहा कि 27% ओबीसी आरक्षण (OBC Reservation) का मुद्दा लाखों युवाओं के भविष्य और सामाजिक न्याय से जुड़ा है। उनके मुताबिक, संगठन अब केवल आश्वासनों के भरोसे नहीं बैठेगा। सरकार को पर्याप्त डेटा जुटाने, जरूरी अध्ययन कराने और आरक्षण के लिए मजबूत कानूनी आधार तैयार करने की दिशा में कदम उठाने होंगे। उन्होंने 13% होल्ड से प्रभावित अभ्यर्थियों के मामले में भी सुप्रीम कोर्ट में प्रभावी पैरवी की मांग की।
युवाओं और सामाजिक संगठनों से आंदोलन में शामिल होने की अपील
ओबीसी महासभा ने आंदोलन को लोकतांत्रिक, शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से चलाने की बात कही है। संगठन ने प्रदेश के युवाओं, विद्यार्थियों, कर्मचारियों, सामाजिक संगठनों और जागरूक नागरिकों से इसमें शामिल होने की अपील की है। महासभा ने दोहराया कि 27% आरक्षण की बहाली, प्रभावित अभ्यर्थियों को राहत दिलाने और ओबीसी वर्ग के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए कानूनी संघर्ष और आंदोलन साथ-साथ जारी रहेंगे।