27% आरक्षण पर सरकार को घेरने की तैयारी, जबलपुर के भेड़ाघाट में दो दिन जुटेंगे OBC संगठन

Neel Tiwari | Oct 17, 2026, 24:08 IST
27% OBC आरक्षण और आगे की रणनीति पर चर्चा के लिए जबलपुर के भेड़ाघाट में दो दिवसीय पिछड़ा वर्ग संगम आयोजित होगा।
जबलपुर के भेड़ाघाट में 17 और 18 अक्टूबर को दो दिवसीय पिछड़ा वर्ग संगम आयोजित किया जाएगा। सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक होने वाले इस अधिवेशन में मध्य प्रदेश में 27% OBC आरक्षण के मुद्दे पर चर्चा होगी। आयोजकों के मुताबिक, न्यायपालिका, कार्यपालिका और विधायिका में पिछड़ा वर्ग को समुचित प्रतिनिधित्व दिलाने के साथ-साथ आरक्षण से जुड़े कानूनी और सामाजिक सवालों पर भी विचार किया जाएगा।
two-day OBC convention in Bhedaghat, Jabalpur, will discuss 27% reservation and the organisations’ future strategy.

हाई कोर्ट के फैसले और सरकार की पैरवी पर उठेंगे सवाल

आयोजकों ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के आरक्षण संबंधी फैसले की समीक्षा को अधिवेशन का प्रमुख मुद्दा बनाया है। उनका आरोप है कि राज्य सरकार, विधि विभाग और महाधिवक्ता कार्यालय की कमजोर पैरवी के कारण OBC वर्ग के आरक्षण को नुकसान पहुंचा है। अधिवेशन में इन आरोपों, सरकार की भूमिका और आरक्षण के कानूनी पक्ष पर चर्चा की जाएगी। ये आरोप आयोजकों के हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि इस प्रेस नोट में नहीं की गई है।



कई जातीय महासभाओं और सामाजिक संगठनों की भागीदारी

इस संगम में अखिल भारतीय तेली साहू महासभा, अखिल भारतीय लोधी महासभा, पिछड़ा वर्ग लोधी महासभा, कुशवाहा-मौर्य महासभा, यादव महासभा, कुर्मी महासभा और सेन महासभा के प्रतिनिधियों के शामिल होने की जानकारी दी गई है। इसके अलावा OBC क्रांति सेना, सरदार पटेल सेना, कुश सेना, पिछड़ा वर्ग संयुक्त मोर्चा, OBC/SC/ST विकास समिति, OBC महासभा और अखिल भारतीय OBC महासभा सहित कई संगठनों को आमंत्रित किया गया है।



अधिवक्ताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं की भी रहेगी मौजूदगी

प्रेस नोट के अनुसार, अपाक्स संघ, अजाक्स संघ, अखिल भारतीय आदि सनातन महासभा और OBC फ्रंट ऑफ इंडिया के प्रतिनिधि भी कार्यक्रम में शामिल होंगे। OBC एडवोकेट्स वेलफेयर एसोसिएशन तथा हाई कोर्ट प्रोग्रेसिव एडवोकेट्स एसोसिएशन से जुड़े अधिवक्ताओं की भागीदारी भी प्रस्तावित है। दलित, पिछड़ा और आदिवासी महासंघ (DPS महासंघ) के पदाधिकारी दामोदर यादव के भी विशेष रूप से शामिल होने की जानकारी दी गई है।



महाधिवक्ता की भूमिका और कानूनी रणनीति पर होगी चर्चा

आयोजकों ने महाधिवक्ता कार्यालय की कार्यप्रणाली और आरक्षण के मामले में सरकार की कानूनी रणनीति पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि प्रभावित वर्ग के हितों की प्रभावी पैरवी नहीं होने से आरक्षण का मुद्दा गंभीर स्थिति में पहुंच गया है। अधिवेशन में इस बात पर चर्चा होगी कि कानूनी स्तर पर आगे क्या कदम उठाए जाएं और OBC वर्ग के अधिकारों की रक्षा के लिए किस तरह की रणनीति तैयार की जाए।



230 विधानसभा क्षेत्रों तक आंदोलन ले जाने की तैयारी

संगम का घोषित नारा ‘आरक्षण बचाओ, संविधान के अधिकार बचाओ’ रखा गया है। आयोजकों के मुताबिक, अधिवेशन में चर्चा के बाद मध्य प्रदेश के सभी 230 विधानसभा क्षेत्रों में चरणबद्ध तरीके से अभियान चलाने की योजना है। इसके तहत भाजपा सरकार को आरक्षण के मुद्दे पर घेरने और लोगों के बीच अपना पक्ष रखने की तैयारी की जाएगी। इस तरह भेड़ाघाट का दो दिवसीय आयोजन आरक्षण पर चर्चा के साथ-साथ आगे की राजनीतिक और सामाजिक रणनीति तय करने का मंच भी बन सकता है।

Tags:
  • Jabalpur
  • MP OBC Reservation
  • मध्य प्रदेश हाई कोर्ट
  • OBC
  • ओबीसी संगम
  • भेड़ाघाट
  • जबलपुर
  • 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण
  • पिछड़ा वर्ग संगम
  • मध्य प्रदेश