ओबीसी महासभा के समर्थकों ने सीएम मोहन यादव से की मुलाकात।
MP OBC Reservation: ओबीसी महासभा का सरकार को तीन दिन का अल्टीमेटम, 28 अक्टूबर को प्रदेशभर में आंदोलन की चेतावनी
Sandeep Kumar | Oct 16, 2026, 16:07 IST
एमपी ओबीसी आरक्षण पर सरकार को 3 दिन का अल्टीमेटम
मध्य प्रदेश में ओबीसी आरक्षण का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। ओबीसी महासभा ने सरकार को दो से तीन दिन का समय देते हुए 13 प्रतिशत होल्ड पदों पर भर्ती और लंबित नियुक्तियों को लेकर ठोस निर्णय लेने की मांग की है। शुक्रवार, 16 अक्टूबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात के बाद संगठन ने आंदोलन की चेतावनी दी।
मुख्यमंत्री से मुलाकात में क्या हुआ?
महासभा के अनुसार, मुख्यमंत्री ने बताया कि मामले की कानूनी समीक्षा की जा रही है। साथ ही, अतिरिक्त पदों के माध्यम से भर्ती की संभावनाएं तलाशने का आश्वासन दिया। हालांकि, संगठन ने स्पष्ट किया कि वह केवल आश्वासन के बजाय ठोस निर्णय चाहता है।
क्या है 13 प्रतिशत होल्ड पदों का मामला?
हाईकोर्ट के फैसले का भर्ती पर क्या असर पड़ा?
महाधिवक्ता के अनुसार, अदालत ने लंबित पदों को अनारक्षित चयन सूची से भरने और संबंधित भर्ती संस्थाओं को तीन महीने के भीतर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इस प्रक्रिया में मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) और कर्मचारी चयन मंडल शामिल हैं।
हालांकि, होल्ड पदों पर नियुक्तियों को लेकर अभ्यर्थियों की चिंताएं बनी हुई हैं। महासभा अतिरिक्त पदों के जरिए भर्ती का रास्ता निकालने और प्रभावित उम्मीदवारों को राहत देने की मांग कर रही है।
हजारों पदों पर भर्ती प्रभावित
इनमें राज्य सेवा, इंजीनियरिंग और आयुष से संबंधित भर्तियां शामिल हैं। हालांकि, इन आंकड़ों का आधिकारिक विभागवार सत्यापन और लंबित नियुक्तियों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है।
28 अक्टूबर को ज्ञापन, फिर आंदोलन की तैयारी
महासभा ने मुख्यमंत्री को 14 सूत्रीय मांगपत्र भी सौंपा है। इसमें आरक्षण विवाद पर कानूनी विशेषज्ञों का पैनल बनाने, सुप्रीम कोर्ट में अपील की संभावनाओं पर विचार करने और लंबित भर्तियों की समीक्षा कराने जैसी मांगें शामिल हैं।
सामाजिक-आर्थिक सर्वे और नए कानून की मांग
इसके अलावा, महासभा ने आरक्षण से संबंधित कानूनी विकल्पों पर विचार करने और लंबित भर्तियों की निगरानी के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने की मांग भी रखी है। हालांकि, किसी नए कानून या अतिरिक्त पदों के जरिए भर्ती का प्रस्ताव संवैधानिक और कानूनी कसौटियों पर खरा उतरना जरूरी होगा।
अब सरकार के अगले कदम पर नजर
फिलहाल, अभ्यर्थियों को सरकार के आधिकारिक निर्णय का इंतजार है। यदि तय समय में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो संगठन 28 अक्टूबर से आंदोलन का अगला चरण शुरू करने की तैयारी में है।
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