पटवारियों पर FIR से पहले होगी जांच, कलेक्टरों को निर्देश, हड़ताल रहेगी जारी

Jitendra Shrivastava | Aug 04, 2026, 16:18 IST
Photograph: (THESOOTR)
BHOPAL. मध्यप्रदेश में पटवारियों पर अब सीधे FIR नहीं होगी। प्रमुख सचिव राजस्व ने सभी कलेक्टरों को पत्र लिखकर पहले जांच के निर्देश दिए हैं। हड़ताल अब भी जारी है।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • पटवारियों पर अब सीधे नहीं होगी FIR, सरकार का बड़ा फैसला।
  • हड़ताल के बीच सरकार झुकी, पहले होगी जांच फिर कार्रवाई।
  • 23 हजार पटवारी अब भी हड़ताल पर, मांगें अधूरी।
  • प्रमुख सचिव का पत्र, कलेक्टरों को सख्त निर्देश जारी।
  • वसीयत विवादों में पटवारियों को मिलेगी बड़ी राहत।

मध्यप्रदेश में पटवारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। सरकार ने पटवारियों पर सीधे FIR न करने का फैसला लिया है। प्रमुख सचिव राजस्व ने सभी कलेक्टरों को पत्र लिखा है। पत्र में पहले जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बावजूद पटवारी अभी भी हड़ताल पर डटे हैं।



सरकार ने बदला रुख

मध्यप्रदेश में पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी है। इस बीच राज्य सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। अब पटवारियों के खिलाफ सीधे FIR दर्ज नहीं होगी। प्रमुख सचिव, राजस्व विभाग ने सभी कलेक्टरों को इस बारे में पत्र लिखा है।



पत्र में साफ कहा गया है कि पटवारियों के विरुद्ध कोई भी FIR दर्ज करने से पहले पूरे मामले की प्रारंभिक जांच करानी होगी। जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी। हालांकि, इस आदेश के बावजूद पटवारी हड़ताल से वापस नहीं लौटे हैं। उनकी बाकी मांगें अब भी अधूरी हैं।



प्रमुख सचिव से मिला था प्रतिनिधिमंडल

सोमवार को हड़ताली पटवारियों का एक प्रतिनिधिमंडल मंत्रालय पहुंचा। यह दल प्रमुख सचिव राजस्व ई. रमेश कुमार से मिला। पटवारियों ने बिना जांच FIR दर्ज न करने की मांग रखी थी।



उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें कानून के तहत सुरक्षा दी जाए। सरकार ने इस एक मांग को मान लिया। इसके तुरंत बाद सभी कलेक्टरों को पत्र भेज दिया गया।



क्यों उठी यह मांग

पटवारी संघ ने 20 जुलाई को एक ज्ञापन सौंपा था। इसमें बताया गया था कि वसीयत जैसे राजस्व न्यायालयीन मामलों में पटवारी सिर्फ प्रारंभिक रिपोर्ट देता है।



इसी रिपोर्ट के आधार पर आगे का फैसला होता है। लेकिन कुछ मामलों में पटवारियों पर सीधे FIR दर्ज कर दी गई। संघ ने इसे गलत बताया था।अब सरकार ने तय किया है कि भविष्य में ऐसे मामलों में पहले जांच होगी। तभी FIR दर्ज करने पर विचार किया जाएगा।



patwari fir order strike


कब से चल रही है हड़ताल

प्रदेश के करीब 23 हजार पटवारी जुलाई से आंदोलन कर रहे हैं। शुरुआत 15 से 17 जुलाई के सामूहिक अवकाश से हुई थी। इसके बाद दो दिन सरकारी छुट्टी के कारण भी काम रुका रहा। फिर पटवारी सरकारी व्हाट्सएप ग्रुप से बाहर हो गए।



उन्होंने अधिकारियों के क्विक एक्शन निर्देशों का पालन करना भी बंद कर दिया। सरकार ने फिर भी मांगों पर फैसला नहीं लिया। आखिरकार 3 अगस्त से पटवारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। यह हड़ताल अब भी जारी है।



आगे क्या होगा

FIR वाला मुद्दा हल हो गया है, लेकिन कैडर रिव्यू और पदोन्नति जैसी मांगें अब भी बाकी हैं। जब तक इन पर फैसला नहीं होता, हड़ताल जारी रहने की आशंका है।



राजस्व से जुड़े कई काम इस हड़ताल से प्रभावित हो रहे हैं। जमीन के दस्तावेज, नामांतरण और अन्य सेवाएं रुकी हुई हैं। आम लोगों को परेशानी हो रही है।



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