पुलिस आरक्षक भर्ती 2026 में EWS अभ्यर्थियों को हाई कोर्ट की राहत, परीक्षा में बैठने की मिली अनुमति
उम्र सीमा ने रोका भर्ती का रास्ता
मध्य प्रदेश पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा 2026 में EWS अभ्यर्थियों के लिए उम्र सीमा का विवाद अब हाई कोर्ट पहुंच गया है। राजेश कुमार सहित 13 अभ्यर्थियों ने जबलपुर हाई कोर्ट में याचिका दायर कर भर्ती विज्ञापन की उम्र संबंधी शर्तों को चुनौती दी। उनका कहना है कि EWS वर्ग को अन्य आरक्षित वर्गों की तरह उम्र में छूट नहीं दी गई। इसके कारण वे योग्यता होने के बावजूद भर्ती प्रक्रिया में आवेदन नहीं कर पा रहे थे।
1 जनवरी 2026 से उम्र गणना की भी मांग
याचिका में केवल EWS उम्र छूट का मुद्दा नहीं उठाया गया। अभ्यर्थियों ने उम्र की गणना भर्ती वर्ष की 1 जनवरी 2026 से करने की मांग भी की है। उनका दावा है कि वर्तमान भर्ती नियमों में उम्र निर्धारण का तरीका वर्ष 2013 में बनाए गए नियमों के अनुरूप नहीं है। इसी आधार पर उन्होंने विज्ञापन के संबंधित क्लॉज को मनमाना बताते हुए उसे निरस्त करने की मांग की है।
पहले के आदेशों को बनाया आधार
याचिकाकर्ताओं ने हाई कोर्ट के पहले के अंतरिम आदेशों को भी अपना आधार बनाया है। याचिका में बताया गया कि उदय शंकर पाठक मामले में 7 अगस्त 2023 को डिवीजन बेंच ने पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा में अभ्यर्थियों को शामिल होने की राहत दी थी। इसके अलावा 15 सितंबर 2026 को EWS अभ्यर्थियों को अन्य आरक्षित वर्गों के समान उम्र लाभ देने का आदेश दिया गया था।
SI भर्ती के आदेश का भी हवाला
अभ्यर्थियों ने MP SI भर्ती परीक्षा 2026 से जुड़े मामले का भी उल्लेख किया है। उनका कहना है कि उम्र की गणना भर्ती वर्ष की 1 जनवरी से किए जाने के सवाल पर भी हाई कोर्ट पहले अंतरिम राहत दे चुका है। इसी आधार पर पुलिस आरक्षक भर्ती में भी समान राहत देने की मांग की गई।
हाई कोर्ट ने परीक्षा में बैठने की दी अनुमति
इस याचिका पर 7 अक्टूबर को जस्टिस विवेक कुमार सिंह की सिंगल बेंच में सुनवाई हुई। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता दिनेश सिंह चौहान ने पक्ष रखा, जबकि राज्य की ओर से शासकीय अधिवक्ता स्वाति असीम जॉर्ज उपस्थित हुईं। कोर्ट ने मामले में अंतरिम राहत देते हुए MP ESB को निर्देश दिया कि याचिकाकर्ताओं को पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाए।
अंतिम फैसला आने तक रहेगी राहत
कोर्ट ने साफ किया है कि अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होने की अनुमति इस रिट याचिका में आने वाले अंतिम आदेश के अधीन रहेगी। यानी फिलहाल 13 याचिकाकर्ता भर्ती परीक्षा की प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे। उनकी अंतिम पात्रता और उम्र संबंधी विवाद का फैसला याचिका के अंतिम निपटारे के दौरान होगा।
अब नोटिस के बाद होगी आगे की सुनवाई
कोर्ट ने कहा कि याचिका में विचार के लिए तथ्य और कानून के समान प्रश्न उठते हैं। इसलिए संयुक्त याचिका दायर करने की अनुमति दी जाती है। नोटिस की तामीली पूरी होने के बाद मामले को आगे सुनवाई के लिए बेंच के समक्ष सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया गया है।