एमपी पुलिस भर्ती बोर्ड में पेंच: पहले होगी लिखित परीक्षा या फिजिकल? ऐसे चार सवालों पर उलझा मामला
बोर्ड में कहां फंसा पेंच
मध्यप्रदेश में पुलिस भर्ती बोर्ड के गठन की तैयारी अंतिम दौर में है। लेकिन पुलिस भर्ती बोर्ड में पेंच भी बना हुआ है। चार अहम सवालों पर अब तक फैसला नहीं हो सका है।
पहला सवाल परीक्षा के क्रम का है। लिखित परीक्षा पहले होगी या फिजिकल टेस्ट। दूसरा सवाल बोर्ड के दर्जे का है। बोर्ड स्वतंत्र रहेगा या गृह विभाग के अधीन काम करेगा।
तीसरा सवाल भर्ती के दायरे का है। क्या बोर्ड सिर्फ पुलिस की भर्ती करेगा। या दूसरे वर्दीधारी विभाग भी इसमें शामिल होंगे। चौथा सवाल सबसे अहम है। पुलिस भर्ती बोर्ड का चेयरमैन कौन बनेगा।
विकल्प तय, फैसला बाकी
गृह विभाग ने इन मुद्दों पर कुछ विकल्प तय किए हैं। वहीं, अंतिम निर्णय अभी नहीं हुआ है। मंथन अब भी चल रहा है।
मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल 22-23 अक्टूबर को ड्राफ्ट की समीक्षा कर सकते हैं। इसके बाद प्रस्ताव कैबिनेट में भेजने की तैयारी है। यानी समीक्षा के बाद ही मामला कैबिनेट पहुंचेगा।
सीएम के ऐलान से अब तक का सफर
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 15 अगस्त 2025 को बोर्ड बनाने की घोषणा की थी। ऐलान को एक साल से ज्यादा हो चुका है। MP police recruitment board अब तक बन नहीं पाया है।
फिलहाल पुलिस भर्ती मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) के जरिए होती है। ईएसबी (ESB – Employees Selection Board) ही परीक्षा कराता है।
अपर मुख्य सचिव का बयान
गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय शुक्ला ने प्रक्रिया की स्थिति बताई।
अपर मुख्य सचिव गृह संजय शुक्ला के मुताबिक तैयारी पूरी होने को है। लेकिन चार सवालों पर अंतिम फैसला बाकी है।
चल रही भर्तियों पर क्या असर पड़ सकता है
ईएसबी के कैलेंडर में पुलिस की दो बड़ी भर्तियां शामिल हैं। पहली 7500 आरक्षक पदों की है। दूसरी 1000 आरक्षक चालक पदों की है। बोर्ड का गठन पहले हो गया तो इन परीक्षाओं की व्यवस्था बदल सकती है।
7500 आरक्षक भर्ती परीक्षा का आवेदन 22 सितंबर से 6 अक्टूबर 2026 तक चला था। इनमें विशेष सशस्त्र बल (SAF) के 700 पद हैं। जिला पुलिस बल के 6800 पद हैं। लिखित परीक्षा 19 नवंबर 2026 से ऑनलाइन होगी। इसके लिए 13 शहरों में केंद्र बनेंगे।
आवेदनों की संख्या इस बार घटी है। MP police constable recruitment में करीब साल लाख 51 हजार आवेदन आए हैं। वहीं, 2025 में यह संख्या करीब नौ लाख 76 हजार थी। पदों की संख्या दोनों साल बराबर रही।
आरक्षक चालक के 1000 पदों के आवेदन 15 से 29 अक्टूबर 2026 तक चलेंगे। इनमें 200 पद एसएएफ और 800 पद जिला पुलिस बल के हैं। ये पद सिर्फ पुरुषों के लिए हैं। परीक्षा 4 जनवरी 2027 से संभावित है।
उम्मीदवारों के लिए क्यों अहम है यह फैसला
इस बार साल लाख 51 हजार उम्मीदवारों ने आरक्षक पदों के लिए आवेदन किया है। उनके लिए परीक्षा का क्रम मायने रखता है। लिखित पहले हो या फिजिकल, तैयारी की रणनीति इसी से बदलती है।
MP police bharti 2026 के उम्मीदवारों की नजर इसी फैसले पर है। गृह विभाग ने अब तक क्रम तय नहीं किया है। बोर्ड बना तो उसका असर परीक्षा की व्यवस्था पर दिख सकता है।
अब आगे क्या होगा
सबसे पहले 22-23 अक्टूबर को ड्राफ्ट की समीक्षा होने की संभावना है। उसके बाद प्रस्ताव कैबिनेट में जाएगा। कैबिनेट की मंजूरी के बाद ही बोर्ड का स्वरूप साफ होगा।
चार सवालों के जवाब अंतिम निर्णय के बाद ही मिलेंगे। चेयरमैन कौन होगा, यह भी तभी साफ होगा। अभी एमपी पुलिस भर्ती बोर्ड का फैसला लंबित है। इसी वजह से 22-23 अक्टूबर की समीक्षा पर सबकी नजर रहेगी।