प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा 2025: रिजल्ट में गड़बड़ियों को लेकर छात्रों का विरोध, नियमों में विसंगतियों पर उठे सवाल

Pawan Modiya | Mar 20, 2026, 17:35 IST
Photograph: (the sootr)
मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल द्वारा आयोजित प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा 2025 का रिजल्ट जारी होते ही विवादों में घिर गया है। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने रिजल्ट में गड़बड़ी, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी और नियमों की अनदेखी के आरोप लगाए हैं।

भोपाल। मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) द्वारा आयोजित प्राथमिक शिक्षक भर्ती परीक्षा 2025 के हाल ही में जारी परिणाम को लेकर छात्रों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। अभ्यर्थियों का आरोप है कि रिजल्ट में कई गंभीर विसंगतियां हैं, जिससे योग्य उम्मीदवारों का चयन प्रभावित हुआ है। छात्रों ने इन मुद्दों को लेकर आपत्ति दर्ज कराते हुए निष्पक्ष जांच और सुधार की मांग की है।



अतिथि शिक्षकों को लेकर असंतुलन का आरोप

छात्रों का कहना है कि परीक्षा में अतिथि शिक्षकों को 4060 पद दिए गए, जबकि गैर-अतिथि शिक्षकों के लिए 4440 पद निर्धारित किए गए। हालांकि राज्य सरकार द्वारा अतिथि शिक्षकों को 50% आरक्षण देने की बात कही गई थी, लेकिन परिणाम में इसका संतुलन स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देता। अभ्यर्थियों का आरोप है कि इस व्यवस्था से सामान्य उम्मीदवारों के अवसर प्रभावित हुए हैं।



बैकलॉग पदों में केवल ST वर्ग को लाभ

रिजल्ट में बैकलॉग के सभी पद केवल ST वर्ग को दिए जाने पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। छात्रों का कहना है कि अन्य आरक्षित वर्गों के उम्मीदवारों के साथ यह अन्याय है और यह नीति पारदर्शी नहीं लगती।



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अनुभव प्रमाण पत्र को लेकर भ्रम

छात्रों ने नियमों में सबसे बड़ी गड़बड़ी अनुभव प्रमाण पत्र को लेकर बताई है। रिजल्ट से जुड़े नियम (बिंदु 12.7) के अनुसार आवेदन की अंतिम तिथि तक 3 सत्र और 200 दिन का अनुभव मान्य होना चाहिए था।



आरोप है कि जिन अभ्यर्थियों के तीन सत्र पूरे नहीं थे, उन्हें भी लाभ दिया गया। बाद में भी कई उम्मीदवारों को इस आधार पर चयन सूची में शामिल कर लिया गया। छात्रों का कहना है कि यह जबलपुर हाईकोर्ट के हालिया फैसले के विपरीत है, जिसमें स्पष्ट समयसीमा तय की गई थी।



योग्यता शर्तों में ढील का आरोप

रिजल्ट में यह भी सामने आया है कि कुछ अभ्यर्थियों के पास D.Ed/B.Ed की योग्यता पूरी नहीं थी, फिर भी उन्हें चयन सूची में शामिल कर लिया गया। नियमों के अनुसार आवेदन की अंतिम तिथि तक सभी शैक्षणिक योग्यताएं पूरी होना अनिवार्य था, लेकिन छात्रों का आरोप है कि इस नियम का पालन नहीं किया गया।



EWS वर्ग में भी गड़बड़ी के आरोप

EWS वर्ग के परिणाम को लेकर भी असंतोष सामने आया है।



  • अतिथि शिक्षक EWS वर्ग में केवल 151 पदों पर चयन हुआ
  • वहीं गैर-अतिथि EWS वर्ग में 210 पदों पर रिजल्ट जारी किया गया

छात्रों का कहना है कि यह अनुपात और चयन प्रक्रिया स्पष्ट नहीं है और इसमें पारदर्शिता की कमी है।



छात्रों की मांग- रिजल्ट की पुनः जांच हो

अभ्यर्थियों ने मांग की है कि पूरे रिजल्ट की निष्पक्ष जांच की जाए। गलत तरीके से चयनित उम्मीदवारों को हटाया जाए और योग्य अभ्यर्थियों को न्याय दिया जाए। छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।



प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा 2025 का रिजल्ट अब विवादों में घिरता नजर आ रहा है। नियमों की अस्पष्टता और कथित अनियमितताओं ने छात्रों के भरोसे को झटका दिया है। अब देखना होगा कि मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल इस पूरे मामले पर क्या रुख अपनाता है और क्या अभ्यर्थियों को न्याय मिल पाता है या नहीं।



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