प्रमोशन में SC-ST आरक्षण को लेकर 3 IAS अफसरों ने उठाए सवाल, CS बोले-सवाल नहीं उठाना चाहिए

Rohit Sahu | Jun 27, 2025, 09:24 IST
sc st reservation
पदोन्नति नीति पर प्रेजेंटेशन के दौरान तीन वरिष्ठ IAS अफसरों ने एससी-एसटी आरक्षण घटाने के प्रावधान पर सवाल उठाए। मुख्य सचिव ने कहा कि सभी को समान अवसर मिलेगा और नीति पर राजनीतिक निर्णय पहले ही लिया जा चुका है।

मध्य प्रदेश राज्य सचिवालय में गुरुवार को आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में पदोन्नति में आरक्षण नीति को लेकर IAS अफसरों ने तीखे सवाल उठाए। अपर मुख्य सचिव (मुख्य) जेएन कंसोटिया, एसीएस (खाद्य) रश्मि अरुण शमी और प्रमुख सचिव (जनजातीय कार्य) गुलशन बामरा ने प्रमोशन में आरक्षण को लेकर सवाल उठाए। इन वरिष्ठ अधिकारियों ने आपत्ति जताई कि प्रस्तावित पदोन्नति नीति में अनुसूचित जाति (SC) के लिए 16% और अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए 20% आरक्षण को "पद उपलब्धता" के आधार पर घटाने की बात की गई है, लेकिन उसमें इसे बढ़ाने की कोई संभावना नहीं दिखाई है।



नीति में संतुलन की बात करें: अफसर

मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा- यह पॉलसी डिसीजन है, बदलाव नहीं संभव

मुख्य सचिव अनुराग जैन ने अधिकारियों के सवालों पर स्पष्ट कहा कि यह एक पॉलिसी डिसीजन है और इसे लेकर सवाल नहीं उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस पर पहले ही विचार कर निर्णय लिया गया है। लंबी प्रतीक्षा के बाद नीति तैयार की गई है। अब इस पर विवाद उचित नहीं। उन्होंने सभी अफसरों को आश्वस्त किया कि सबको समान अवसर मिलेगा और नीति में किसी के साथ भेदभाव नहीं होगा।



31 जुलाई तक पहली डीपीसी पूरी करने के निर्देश

मुख्य सचिव ने सभी विभाग प्रमुखों को निर्देश दिए कि 31 जुलाई 2025 तक पहली डीपीसी प्रक्रिया पूरी कर ली जाए। उन्होंने कहा कि दूसरी डीपीसी दिसंबर में होगी। ऊर्जा और पीडब्ल्यूडी विभाग के एसीएस नीरज मंडलोई ने कहा कि इंजीनियरिंग कैडर में कई श्रेणियां हैं। सबसे बड़े कैडर में डीपीसी कर लेंगे। इस पर सीएस ने कहा कि मंडलोई विभाग ने पहले भी समय से पहले कार्य किए हैं, उम्मीद है डीपीसी भी समय पर पूरी होगी।



यह भी पढ़ें...मप्र में 27% OBC आरक्षण लागू करने की मांग, सुप्रीम कोर्ट ने इंदिरा साहनी केस की बात कही, सरकार से मांगा जवाब



पुलिस विभाग में 'दंड' की प्रक्रिया पर डीजीपी की आपत्ति

डीजीपी कैलाश मकवाना ने बैठक में कहा कि पुलिस में एक बार दंड लगने पर उसका प्रभाव 5 सालों तक रहता है, जबकि सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) में ऐसा नहीं होता। एक साल की वेतन वृद्धि रोकने का असर सिर्फ उसी साल तक सीमित होता है। इस पर सीएस ने कहा कि यूनिफॉर्म सर्विस की अलग प्रकृति है। डीपीसी के लिए रेग्यूलेशन में बदलाव किया जा सकता है।



यह भी पढ़ें...पदोन्नति में आरक्षण पर सपाक्स की सख्त मांग, कहा- SC-ST को - आरक्षण से आपत्ति नहीं लेकिन....



अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें



📢🔃 🤝💬👩‍👦👨‍👩‍👧‍👧



thesootr links



MP News | मध्यप्रदेश में प्रमोशन में आरक्षण | पदोन्नति नियम



Tags:
  • MP News
  • मध्य प्रदेश
  • मध्यप्रदेश में प्रमोशन में आरक्षण
  • पदोन्नति नियम
  • प्रमोशन में आरक्षण
  • अनुराग जैन