प्रमोशन में आरक्षण मामले की सुनवाई फिर टली, अब 26 अगस्त को होगी

Neel Tiwari | Aug 18, 2026, 17:55 IST
Photograph: (THESOOTR)
JABALPUR. मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में प्रमोशन आरक्षण मामले की सुनवाई फिर टल गई। सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी लंबित होने से अब अगली सुनवाई 26 अगस्त 2026 को होगी।

ऐसे समझें पूरा मामला...

  • प्रमोशन आरक्षण मामले की हाई कोर्ट में सुनवाई फिर टली।
  • अगली सुनवाई अब 26 अगस्त 2026 को होगी।
  • सुप्रीम कोर्ट में संबंधित एसएलपी अभी लंबित है।
  • फैसले का असर 2025 के प्रमोशन नियमों पर पड़ सकता है।
  • सामान्य वर्ग ने आरक्षण व्यवस्था पर कई सवाल उठाए हैं।

जबलपुर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में प्रमोशन में आरक्षण से जुड़े मामले की सुनवाई आज मंगलवार को फिर टल गई। जस्टिस विनय सराफ और जस्टिस विवेक अग्रवाल की स्पेशल डिविजनल बेंच में मामले की सुनवाई होनी थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट में लंबित एसएलपी की सुनवाई अब तक नहीं हो सकी है।



इसी वजह से हाई कोर्ट भी मामले में आगे की सुनवाई नहीं कर सका। कोर्ट ने अब मामले को 26 अगस्त 2026 के लिए टाल दिया है। यानी प्रमोशन में आरक्षण को लेकर हाई कोर्ट में चल रही कानूनी प्रक्रिया फिलहाल सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई का इंतजार कर रही है।



सुप्रीम कोर्ट के फैसले से जुड़ा है पूरा मामला

पिछली सुनवाई में करीब एक घंटे तक दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गई थीं। इसी दौरान सुप्रीम कोर्ट में लंबित एसएलपी क्रमांक 13954/2016 का मुद्दा सामने आया था। कोर्ट को बताया गया था कि इस मामले का असर 2016 के बाद की पदोन्नतियों पर पड़ सकता है।



2025 में लागू किए गए नए प्रमोशन नियम भी इससे प्रभावित हो सकते हैं। राज्य की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सीएस वैद्यनाथन ने कहा था कि लंबित मामला राज्य की नियम बनाने की शक्ति को खत्म नहीं करता।



हालांकि, सुप्रीम कोर्ट का फैसला 2025 के नियमों के असर को तय कर सकता है। इसी कारण हाई कोर्ट ने पहले दोनों पक्षों को सुप्रीम कोर्ट में जल्द सुनवाई मांगने को कहा था।



सामान्य वर्ग ने प्रमोशन में आरक्षण पर उठाए थे सवाल

सुप्रीम कोर्ट की लंबित याचिका का मुद्दा सामने आने से पहले भी बहस हुई थी। सामान्य वर्ग की ओर से प्रमोशन में आरक्षण को लेकर कई सवाल उठाए गए थे। कोर्ट को बताया गया था कि कई जगह आरक्षित वर्ग का प्रतिनिधित्व पूरा है। इसके बावजूद प्रमोशन में आरक्षण का लाभ दिया जा रहा है।



मेरिट से चयनित आरक्षित वर्ग के कर्मचारियों को लेकर भी आपत्ति जताई गई थी। दलील थी कि ऐसे कर्मचारियों को प्रमोशन में फिर पिछड़ी सूची में जोड़ा जा रहा है।



अब इन सभी सवालों पर हाई कोर्ट की सुनवाई 26 अगस्त को आगे बढ़ सकती है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामले की स्थिति स्पष्ट होना जरूरी माना जा रहा है।



जस्टिस विवेक अग्रवाल ने पहले ही स्पष्ट की थी स्थिति

पिछली सुनवाई की शुरुआत में जस्टिस विवेक अग्रवाल ने अपनी स्थिति स्पष्ट की थी। उन्होंने बताया था कि सीपी माथुर मामले में वह वकील रह चुके हैं। उन्होंने उस मामले में प्रशासनिक अधिकरण और हाई कोर्ट में पैरवी की थी। इसके अलावा वह सुप्रीम कोर्ट में भी याचिकाकर्ताओं के वकील रहे थे।



इस जानकारी के बाद दोनों पक्षों से उनकी राय पूछी गई थी। दोनों पक्षों ने उनकी मौजूदगी पर कोई आपत्ति नहीं जताई थी। पक्षकारों ने पीठ पर पूरा भरोसा भी जताया था। इसके बाद उनकी सहमति से मामले की सुनवाई आगे बढ़ी थी।



अब 26 अगस्त पर टिकी सबकी नजर

फिलहाल हाई कोर्ट में प्रमोशन में आरक्षण मामले की सुनवाई फिर रुक गई है। अगली तारीख 26 अगस्त 2026 तय की गई है। तब तक सुप्रीम कोर्ट में लंबित एसएलपी की स्थिति सामने आ सकती है।



सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई होने पर हाई कोर्ट को आगे बढ़ने में मदद मिलेगी। इसके बाद 2025 के प्रमोशन नियमों और पुरानी पदोन्नतियों पर बहस आगे बढ़ सकती है। अब इस मामले में अगली महत्वपूर्ण तारीख 26 अगस्त बन गई है।



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