एमपी में बारिश: एक तरफ बाढ़ जैसे हालात, दूसरी तरफ 37 जिलों को तरसा रहे बादल

Jitendra Shrivastava | Sept 05, 2026, 18:58 IST
Photograph: (thesootr)
BHOPAL. मध्य प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी के बीच CM मोहन यादव ने कलेक्टरों को हाई अलर्ट किया। वहीं 37 जिले अब भी सामान्य से कम बारिश से जूझ रहे हैं।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • एक तरफ बाढ़ जैसे हालात, दूसरी तरफ सूखे के निशान।
  • CM मोहन यादव ने कलेक्टरों को किया हाई अलर्ट।
  • 37 जिलों में अब भी सामान्य से कम बारिश दर्ज।
  • सोन नदी उफान पर, पूर्वी MP अब भी प्यासा।
  • पिछले साल की तुलना में इस बार बारिश का बड़ा अंतर।

एमपी में बारिश का मिजाज इस समय दो अलग-अलग तस्वीरें दिखा रहा है। मौसम विभाग ने प्रदेश में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी दी है।



इसे देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सभी कलेक्टरों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। यह चेतावनी 4 सितंबर 2026 को जारी हुई। खासतौर पर उत्तरी मध्य प्रदेश के 9 जिलों में अति भारी बारिश की आशंका जताई गई है।



वहीं दूसरी तरफ सोन नदी में उफान की खबरें भी आ रही हैं। भोपाल और इंदौर सहित कई शहरों में लगातार बारिश हो रही है। रायसेन, छिंदवाड़ा, बैतूल, सीहोर, शाजापुर, देवास और आगर-मालवा जैसे जिलों को खास तौर पर अलर्ट पर रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों से कहा है कि जरूरी संसाधन पहले से जुटाकर रखें।



mp rain


फिर भी 37 जिले अब तक सूखे

हैरानी की बात यह है कि इतनी बारिश के बावजूद प्रदेश के बड़े हिस्से में अब भी पानी की कमी बनी हुई है। हाल के आंकड़ों के मुताबिक मध्य प्रदेश के 37 जिले अब भी सामान्य से कम बारिश की स्थिति में हैं।



पूर्वी मध्य प्रदेश में यह कमी सबसे ज्यादा है। यहां जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश की कमी करीब 19 प्रतिशत तक पहुंच गई है। पश्चिमी हिस्से में यह कमी करीब 12 प्रतिशत दर्ज की गई है।



mp rain (2)


किन जिलों में हालात सबसे खराब

जुलाई महीने में स्थिति और ज्यादा गंभीर थी। उस समय 39 जिलों में सूखे जैसे हालात बने हुए थे और प्रदेश में कुल मिलाकर 17 प्रतिशत कम बारिश दर्ज हुई थी। पूर्वी मध्य प्रदेश के अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़ और उमरिया जैसे जिलों में बारिश की कमी 1 से 46 प्रतिशत तक दर्ज की गई। इससे खरीफ फसलों पर भी सीधा असर पड़ा है।



सबसे ताजा आंकड़ों की बात करें तो प्रदेश में अब तक 707.1 मिमी बारिश दर्ज हुई है, जबकि इस समय तक सामान्य बारिश 791.7 मिमी होनी चाहिए थी। यानी अभी भी करीब 84.6 मिमी बारिश की कमी बनी हुई है। यह कमी करीब 11 प्रतिशत के आसपास बैठती है।



पिछले साल से कितना अलग है यह मानसून

पिछले साल यानी 2025 के मानसून सीजन की तुलना में इस बार तस्वीर काफी अलग है। 2025 में मध्य प्रदेश में मानसून लगातार मजबूत बना रहा था। अगस्त 2025 तक ही प्रदेश में सामान्य से 22 प्रतिशत ज्यादा बारिश दर्ज हो चुकी थी। पूरे देश में भी 2025 का मानसून लंबी अवधि के औसत का 108 प्रतिशत दर्ज हुआ, जो बीते 75 वर्षों में सिर्फ चार बार ही देखने को मिला है।



भोपाल के आंकड़े भी इस अंतर को साफ दिखाते हैं। साल 2024 में भोपाल में सीजन की कुल बारिश 1608 मिमी रही थी, जो सामान्य से 533.7 मिमी ज्यादा थी। वहीं साल 2023 में यह आंकड़ा 919.9 मिमी था, जो सामान्य से 144.5 मिमी कम था। इस तरह हर साल मध्य प्रदेश में बारिश के पैटर्न में बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।



असमान बारिश बनी बड़ी चुनौती

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक इस साल की सबसे बड़ी समस्या बारिश का असमान वितरण है। जहां कुछ जिलों में बादल जमकर बरस रहे हैं और नदियां उफान पर हैं।



वहीं दूसरी तरफ कई जिले अब भी पानी की कमी झेल रहे हैं। पूर्वी मध्य प्रदेश में जून महीने में बारिश बेहद कम हुई थी, जिससे शुरुआती घाटा काफी बड़ा हो गया था। बाद में कुछ सुधार जरूर हुआ, लेकिन कुल कमी अब भी बनी हुई है।



IMD के मुताबिक सितंबर में देशभर में सामान्य से कम बारिश का अनुमान है, लेकिन बंगाल की खाड़ी में बने लो प्रेशर सिस्टम की वजह से उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में तेज बारिश का दौर चल रहा है। यही वजह है कि एक तरफ अलर्ट जारी हो रहे हैं और दूसरी तरफ सूखे जिलों की चिंता भी बनी हुई है।



आगे क्या होगा

सीएम मोहन यादव ने साफ कहा है कि किसी भी विषम परिस्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार रहे। सरकार के साथ-साथ सामाजिक संगठन भी पिछले दिनों की बारिश से प्रभावित लोगों की मदद में जुटे हैं।



वहीं सूखा प्रभावित जिलों के लिए अभी कोई अलग राहत योजना सामने नहीं आई है। आने वाले दिनों में बारिश का यह असंतुलन कम होता है या बढ़ता है, यह प्रदेश के किसानों और आम लोगों दोनों के लिए अहम रहेगा।



FAQ

  1. मध्य प्रदेश में अभी बारिश की क्या स्थिति है?
    प्रदेश में अब तक 707.1 मिमी बारिश हुई है, जबकि सामान्य आंकड़ा 791.7 मिमी है। यानी अभी भी करीब 11 प्रतिशत बारिश की कमी है।
  2. किस हिस्से में सूखे जैसे हालात सबसे ज्यादा हैं?
    पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश की कमी सबसे ज्यादा है। यहां घाटा करीब 19 प्रतिशत तक पहुंच गया है।
  3. CM मोहन यादव ने कलेक्टरों को क्यों अलर्ट किया है?
    मौसम विभाग ने भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी दी है। इसी को देखते हुए CM मोहन यादव ने सभी कलेक्टरों को हाई अलर्ट पर रहने और संसाधन पहले से जुटाने के निर्देश दिए हैं।

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