एमपी में आज 75 सौ मेधावी छात्रों को मिलेगी स्कूटी, जानें क्या हैं नियम

Sandeep Kumar | Sept 13, 2026, 18:01 IST
Share
7500 मेधावी छात्रों को मिलेगी स्कूटी
7500 मेधावी छात्रों को मिलेगी स्कूटी

मध्य प्रदेश के 75 सौ से ज्यादा मेधावी छात्रों को आज 19 सितंबर का इंतजार है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उन्हें स्कूटी की सौगात देंगे। पात्रता के लिए 12वीं में 70 प्रतिशत अंक जरूरी हैं। विद्यार्थी को अपने स्कूल में प्रथम स्थान भी पाना होगा।

समझें क्या है पूरा मामला

  • मुख्यमंत्री मोहन यादव आज 19 सितंबर को छात्रों को स्कूटी देंगे।
  • योजना से 75 सौ से ज्यादा मेधावी विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा।
  • कार्यक्रम भोपाल के शासकीय सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय में आयोजित होगा।
  • बारहवीं में 70 प्रतिशत अंक लाने वाले टॉपर पात्र होंगे।
  • विद्यार्थी तीन वर्षों तक मिली स्कूटी बेच नहीं सकेंगे।
मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में 12वीं कक्षा में शानदार प्रदर्शन करने वाले 7500 से ज्यादा विद्यार्थियों को आज (19 सितंबर) ई-स्कूटी दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भोपाल में मुख्यमंत्री स्कूटी योजना के पात्र विद्यार्थियों को ई-स्कूटी वितरित करेंगे।

राज्य स्तरीय कार्यक्रम शिवाजी नगर स्थित शासकीय सुभाष उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में सुबह 10 बजे शुरू होगा। योजना का लाभ स्कूल शिक्षा और जनजातीय कार्य विभाग के सरकारी स्कूलों में नियमित पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को मिलेगा। सभी संकायों के पात्र विद्यार्थी योजना का लाभ ले सकेंगे। इस साल योजना में नई शर्त जोड़ी गई है।

मुख्यमंत्री स्कूटी योजना पिछले कई सालों से चल रही है। हर साल राज्य के हजारों मेधावी छात्रों को इसका फायदा मिलता है। इस बार पात्रता के नियम थोड़े सख्त किए गए हैं। आइए जानते हैं इस योजना से जुड़ी हर जरूरी बात।

कौन छात्र होंगे पात्र

योजना का लाभ केवल स्कूल टॉपर छात्रों को मिलेगा। छात्र को अपने स्कूल में प्रथम स्थान लाना जरूरी है। साथ ही 12वीं में कम से कम 70% अंक भी चाहिए। यह शर्त 2026 में पहली बार जोड़ी गई है। पहले सिर्फ स्कूल टॉप करना काफी था।

छात्र को शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल का नियमित विद्यार्थी होना चाहिए। परीक्षा पहले प्रयास में देनी जरूरी है। सभी संकायों के छात्र इसमें शामिल हैं। जुलाई 2026 के आदेश में योजना को 2030-31 तक बढ़ाया गया है। इसके लिए सरकार ने 495 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं।

कितनी मिलेगी राशि

पेट्रोल वाहन चुनने पर छात्र को अधिकतम 90 हजार रुपए मिलेंगे। ई-स्कूटी के लिए यह राशि 1 लाख 20 हजार रुपए तक होगी। इस राशि में वाहन की कीमत के साथ कई खर्च शामिल हैं। रजिस्ट्रेशन, इंश्योरेंस और दो हेलमेट की कीमत भी इसी में आएगी। इसके अलावा जरूरी एसेसरीज का खर्च भी शामिल रहेगा।

कैसे खरीदें स्कूटी

छात्र को पहले शोरूम जाकर वाहन पसंद करना होगा। इसके बाद डीलर से कोटेशन लेना जरूरी है। कोटेशन में कीमत, रजिस्ट्रेशन और इंश्योरेंस की पूरी जानकारी होगी। यह कोटेशन स्कूल के प्राचार्य को देना होगा।

प्राचार्य इसे जिला शिक्षा अधिकारी (DEO – District Education Officer) को भेजेंगे। इसके बाद स्वीकृत राशि जारी करने की प्रक्रिया शुरू होगी। छात्र मनमाना वाहन नहीं खरीद सकेंगे। मोटर बाइक जैसे वाहन इस योजना में शामिल नहीं हैं। तय दोपहिया वाहन ही खरीदा जा सकेगा।

पहले पैसा, फिर वाहन

नियम साफ है, राशि आने के बाद ही वाहन खरीदना होगा। अगर छात्र ने पहले वाहन खरीद लिया तो कार्रवाई हो सकती है। ऐसी स्थिति में छात्र, उसके पालक और संबंधित DEO तीनों जिम्मेदार माने जाएंगे। तीनों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की जा सकती है। इसलिए अधिकारियों को सख्त निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।

पैसा कैसे मिलेगा

स्वीकृत राशि सीधे छात्र के बैंक खाते में भेजी जाएगी। अगर छात्र का खाता नहीं है तो राशि पालक को मिलेगी। इसके लिए खाते से आधार नंबर जोड़ा जाना जरूरी है। पासबुक के पहले पेज में खाता नंबर और IFSC कोड (Indian Financial System Code) साफ दिखना चाहिए।

यह जानकारी विभागीय पोर्टल पर भी दर्ज होगी। रजिस्ट्रेशन और इंश्योरेंस की राशि सीधे डीलर के खाते में जाएगी। इसके बाद डीलर को यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इससे छात्रों को अलग से भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी।

तीन साल बेच नहीं सकेंगे

योजना के तहत मिली स्कूटी को छात्र तुरंत बेच नहीं सकेंगे। तीन साल तक इसे किसी और को ट्रांसफर करना भी मना है। इसके लिए वाहन के रजिस्ट्रेशन के समय एक खास प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

तीन साल के लिए मध्यप्रदेश सरकार के नाम हाइपोथिकेशन दर्ज होगा। यानी वाहन की RC (Registration Certificate) में सरकार का हित भी दर्ज रहेगा।

समारोह में ही मिलेगा वाहन

अधिकारियों को निर्देश है कि समारोह के दिन ही वाहन उपलब्ध कराया जाए। इसके लिए राशि जारी होने के तुरंत बाद डीलर को भुगतान करना होगा। राशि जारी होने और वाहन मिलने के बीच देरी नहीं होनी चाहिए। इसकी जिम्मेदारी जिला अधिकारियों और डीलरों दोनों पर रहेगी।

निगरानी करेगी समिति

पूरी प्रक्रिया पर नजर रखने के लिए एक समिति बनाई जाएगी। इसकी अध्यक्षता जिला कलेक्टर करेंगे। समिति में जिला परिवहन अधिकारी और जिला कोषालय अधिकारी सदस्य होंगे। DEO इस समिति के सदस्य सचिव होंगे। यह समिति वाहन चयन से लेकर वितरण तक हर चरण देखेगी।

अब तक कितना खर्च

मुख्यमंत्री स्कूटी योजना नई नहीं है। अब तक प्रदेश के 23 हजार से ज्यादा छात्र इसका लाभ ले चुके हैं। इस पर सरकार अब तक करीब 246 करोड़ रुपए खर्च कर चुकी है। योजना का मकसद मेधावी छात्रों को आगे पढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना है।

साथ ही उन्हें कॉलेज आने-जाने की सुविधा देना भी है। प्रदेश के दूर-दराज इलाकों के छात्रों के लिए कॉलेज आना-जाना अक्सर मुश्किल होता है। स्कूटी मिलने से उनकी यह परेशानी कम होगी। इससे शासकीय स्कूलों के मेधावी छात्र बिना रुकावट आगे की पढ़ाई जारी रख सकेंगे।

FAQ

  1. मुख्यमंत्री स्कूटी योजना का लाभ किसे मिलेगा?
    यह लाभ शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल के टॉपर छात्रों को मिलेगा। छात्र को 12वीं में कम से कम 70% अंक लाने जरूरी हैं। साथ ही स्कूल में प्रथम स्थान भी जरूरी है।
  2. स्कूटी के लिए कितनी राशि मिलेगी?
    पेट्रोल वाहन के लिए अधिकतम 90 हजार रुपए मिलेंगे। ई-स्कूटी के लिए यह राशि 1 लाख 20 हजार रुपए तक होगी। इसमें रजिस्ट्रेशन और इंश्योरेंस भी शामिल है।

ये भी पढ़ें...

लाड़ली बहना योजना की 40वीं किस्त जारी, CM ने सिंगल क्लिक से जारी किए 1,835 करोड़

MP सरकार देगी पढ़ाई और कोचिंग का खर्च, जल्द शुरू होगी 7500 वाली श्रीमेधा योजना

कोचिंग इंस्टिट्यूट हटाने की पैरवी करने वाले एडवोकेट आर डी रस्तोगी को जान से मारने की धमकी

एमपी की 22 हजार राशन दुकानों पर मंडराया संकट, 899 अन्नदूत ट्रकों ने बंद किया परिवहन

Tags:
  • मुख्यमंत्री मोहन यादव
  • मध्य प्रदेश
  • स्कूटी
  • ई-स्कूटी
  • मुख्यमंत्री स्कूटी योजना
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत कारंजा ही क्यों जा रहे? बालासाहेब देवरस के गांव में सेवा की नई कसौटी

By Ramanand Tiwari

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत कारंजा ही क्यों जा रहे? बालासाहेब देवरस के गांव में सेवा की नई कसौटी
MP Engineering College में 41 हजार सीटें खाली, छात्र अब डिग्री नहीं प्लेसमेंट और फैकल्टी देखकर चुन रहे कॉलेज

By Ramanand Tiwari

MP Engineering College में 41 हजार सीटें खाली, छात्र अब डिग्री नहीं प्लेसमेंट और फैकल्टी देखकर चुन रहे कॉलेज
आयुष्मान योजना में फर्जीवाड़े के आरोप में भोपाल के सृष्टि हॉस्पिटल संचालक के खिलाफ EOW ने दर्ज किया केस

By Sandeep Kumar

आयुष्मान योजना में फर्जीवाड़े के आरोप में भोपाल के सृष्टि हॉस्पिटल संचालक के खिलाफ EOW ने दर्ज किया केस
प्रेमी को फोन कर मिलने बुलाया, फिर पति के साथ मिलकर काटा गला, बलरामपुर वसीम हत्याकांड में चौंकाने वाला खुलासा, पति-पत्नी पहुंचे जेल

By Umeshwari Baghel

प्रेमी को फोन कर मिलने बुलाया, फिर पति के साथ मिलकर काटा गला, बलरामपुर वसीम हत्याकांड में चौंकाने वाला खुलासा, पति-पत्नी पहुंचे जेल
MP ADPO और IBPS Law Mains की तारीख टकराई, अभ्यर्थी अब किसे चुनें? MPPSC से बदलाव की गुहार

By Sandeep Kumar

MP ADPO और IBPS Law Mains की तारीख टकराई, अभ्यर्थी अब किसे चुनें? MPPSC से बदलाव की गुहार
लॉरेंस बिश्नोई के नाम 50 करोड़ की फिरौती मांगने वाला शोएब ढेबर फरार, पता बताने वाले को पुलिस देगी 5 हजार रुपए

By VINAY VERMA

लॉरेंस बिश्नोई के नाम 50 करोड़ की फिरौती मांगने वाला शोएब ढेबर फरार, पता बताने वाले को पुलिस देगी 5 हजार रुपए
MP Top News : मध्य प्रदेश की बड़ी खबरें, MP शिक्षक भर्ती पर गरमाई सियासत, कूनो में फिर गूंजी किलकारी...

By Sandeep Kumar

MP Top News : मध्य प्रदेश की बड़ी खबरें, MP शिक्षक भर्ती पर गरमाई सियासत, कूनो में फिर गूंजी किलकारी...