MP सिया बैठक विवाद: 24 दिन बाद भी फैसले पोर्टल पर नहीं, अध्यक्ष ने ACS-केंद्रीय सचिव को लिखा पत्र

Amresh Kushwaha | May 29, 2026, 13:25 IST
mp seiaa meeting decisions not uploaded portal
मध्यप्रदेश सिया की बैठकों के फैसले 24 दिन बाद भी पोर्टल पर अपलोड नहीं हुए हैं। अध्यक्ष शिवनारायण सिंह चौहान ने ACS और केंद्रीय सचिव को पत्र लिखकर गंभीर आपत्ति दर्ज कराई है।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • सिया की बैठकों के फैसले पोर्टल पर अपलोड नहीं किए गए हैं।
  • 4 मई की बैठक के 24 दिन बाद भी कार्रवाई विवरण नहीं चढ़ा है।
  • अध्यक्ष ने ACS और केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय सचिव को पत्र लिखा है।
  • केंद्र के निर्देश हैं कि हर 15 दिन में सिया की एक बैठक जरूरी हो।
  • मई में यह नियम भी नहीं माना गया, बैठकें समय पर नहीं हुईं है।

सिया के फैसले पोर्टल पर नहीं

मध्यप्रदेश सिया (SEIAA) की बैठकों में लिए गए फैसलों को सार्वजनिक नहीं किए जाने पर विवाद खड़ा हो गया है। सिया अध्यक्ष शिवनारायण सिंह चौहान ने पर्यावरण विभाग के एसीएस (आईएएस अशोक बर्णवाल) और केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय के सचिव तन्मय कुमार को पत्र लिखकर गंभीर आपत्ति जताई है। उनकी शिकायत है कि 04 मई को हुई बैठक के 24 दिन बीत जाने के बाद भी कार्रवाई विवरण पोर्टल पर अपलोड नहीं किया गया है।



948वीं बैठक में 27 मामले, 7 पर मतभेद

4 मई को सिया की 948वीं बैठक हुई थी। इस बैठक में कुल 27 मामलों पर चर्चा हुई थी। इनमें से 20 मामलों में सर्वसम्मति से निर्णय हुआ था। वहीं, सात मामलों में सदस्य सचिव और अन्य सदस्यों के बीच मतभेद रहे।



अंततः नोटिफिकेशन के तहत अध्यक्ष और सदस्य डॉ. सुनंदा सिंह रघुवंशी ने बहुमत के आधार पर फैसले लिए थे। इसके बावजूद ये निर्णय अब तक पोर्टल पर अपलोड नहीं किए गए हैं।



15 दिन में बैठक का नियम भी नहीं माना

केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने 19 मई को एक मेमोरेंडम जारी करके मध्यप्रदेश समेत सभी राज्यों को निर्देश दिए थे। इनके मुताबिक, सिया और सिएक (SEAC: State Expert Appraisal Committee) की हर 15 दिन में कम से कम एक बैठक अनिवार्य रूप से करानी होगी। वहीं, मध्यप्रदेश में इस निर्देश का पालन नहीं हो रहा है।



मई माह में सिया की आखिरी बैठक 4 मई को हुई थी। अप्रैल में बैठक रिशेड्यूल होने की वजह से देर हुई थी। इसके बाद 11 और 12 मई की बैठकें इसलिए नहीं हो सकीं क्योंकि सदस्य सचिव सुधीर कोचर ट्रेनिंग पर चले गए थे। उनकी जगह किसी अन्य अधिकारी को प्रभार नहीं दिया गया। 4 मई के बाद से 24 दिन बीत चुके है, लेकिन कोई बैठक नहीं हुई है।



पारदर्शिता पर सवाल

पर्यावरण मंजूरी जैसे संवेदनशील मामलों में फैसलों का समय पर सार्वजनिक होना बेहद जरूरी है। पोर्टल पर अपलोड न होने से न सिर्फ पारदर्शिता पर सवाल उठता है, बल्कि प्रभावित पक्षों को भी समय पर जानकारी नहीं मिलती। अध्यक्ष का पत्र इस लापरवाही को लेकर उच्च अधिकारियों तक पहुंचाई गई औपचारिक शिकायत है।



FAQ

  1. सिया क्या है और इसका काम क्या होता है?
    सिया यानी स्टेट एनवायरमेंट इम्पैक्ट असेसमेंट अथॉरिटी राज्य स्तर की एक सरकारी संस्था है। यह छोटे और मध्यम आकार के उद्योगों और परियोजनाओं को पर्यावरण मंजूरी देने का काम करती है। इसके फैसले सार्वजनिक पोर्टल पर अपलोड होने चाहिए ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

ये खबरें भी पढ़िए...



MP News: सिया में ठप हुईं बैठकें, सचिव ट्रेनिंग पर, अध्यक्ष बेखबर



मप्र सिया चेयरमैन बने चौहान, राकेश श्रीवास्तव को बनाया सेक का चेयरमैन



एमपी में पर्यावरण मंजूरी को लेकर विवाद: आमने-सामने आए ACS और सिया चेयरमैन!



SEIAA के घमासान में thesootr के सवालों पर सिया चेयरमैन एसएस चौहान ने दिए बेबाक जवाब



Tags:
  • MP News
  • मध्यप्रदेश
  • आईएएस अशोक बर्णवाल
  • SEIAA
  • सिया
  • शिवनारायण सिंह चौहान
  • केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय
  • जलवायु परिवर्तन मंत्रालय