इलेक्ट्रिसिटी एक्ट-2025 देने वाला है झटका, स्मार्ट मीटर खुद ही बढ़ा देंगे बिजली लोड
5 प्वाइंट में समझें क्या है पूरा मामला
- केंद्र के इलेक्ट्रिसिटी एक्ट-2025 में स्मार्ट मीटर को नई ताकत दी गई है।
- साल में तीन बार ज्यादा बिजली खपत होने पर लोड अपने आप बढ़ जाएगा।
- लोड बढ़ते ही हर महीने का फिक्स्ड चार्ज भी बढ़ जाएगा।
- इसके लिए ग्राहक को कोई आवेदन या सूचना नहीं दी जाएगी।
- एमपी के लाखों घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं पर इसका सीधा असर पड़ेगा।
बिजली बिल का नया तरीका क्या है?
मध्यप्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी खबर आई है। नए इलेक्ट्रिसिटी एक्ट-2025 के तहत बिल बढ़ाने का एक नया तरीका आ गया है। अब स्मार्ट मीटर खुद देखेगा कि आपने कितनी बिजली खर्च की। अगर आपने तीन बार अपने स्वीकृत लोड से ज्यादा बिजली इस्तेमाल की, तो लोड अपने आप बढ़ जाएगा।
इसकी सूचना देने के लिए न कोई कर्मचारी आएगा, ना ही आपको कोई आवेदन देना होगा। स्मार्ट मीटर चुपचाप यह काम कर देगा। यानी जोर का झटका धीरे से लगेगा…
फिक्स्ड चार्ज क्या होता है?
फिक्स्ड चार्ज वह रकम है जो बिजली कंपनी हर महीने लेती है। यह चार्ज आपके स्वीकृत लोड पर आधारित होता है। इसके लिए चाहे आप बिजली इस्तेमाल करें या न करें, यह चार्ज देना जरूरी है।
उदाहरण के लिए अगर आपका लोड 2 किलोवॉट है और फिक्स्ड चार्ज 100 रुपए प्रति किलोवॉट है, तो आपको 200 रुपए देने होंगे। लोड जितना बढ़ेगा, फिक्स्ड चार्ज भी उतना बढ़ेगा। यही इस नए नियम की असली मार है।
घरेलू उपभोक्ताओं पर कितना असर?
अभी 150 यूनिट तक खपत पर 129 रुपए फिक्स्ड चार्ज लगता है। 151 से 300 यूनिट खपत पर हर 15 यूनिट पर 28 रुपए और जुड़ते हैं।
मान लीजिए आपका एक किलोवॉट का कनेक्शन है। आपने हर महीने 300 यूनिट बिजली खर्च की, तो आपको 129 रुपए बेस चार्ज और 280 रुपए ऊपर से देने होंगे। यानी कुल 409 रुपए सिर्फ फिक्स्ड चार्ज में जाएंगे।
ज्यादा खपत पर लोड ऑटोमेटिक बढ़ेगा
मान लीजिए आपका स्वीकृत लोड 2 किलोवॉट है। लेकिन आपने गर्मियों में तीन बार 5 किलोवॉट बिजली इस्तेमाल की, तो साल के अंत में लोड खुद ब खुद 5 किलोवॉट हो जाएगा। अब 2 किलोवॉट की जगह 5 किलोवॉट पर फिक्स्ड चार्ज लगेगा।
पहले आप 72 रुपए फिक्स्ड चार्ज देते थे। लोड बढ़ने पर यही चार्ज 280 रुपए हो जाएगा। यह फर्क हर महीने आपकी जेब से जाएगा।
नए टैरिफ में 15 फीसदी बढ़ोतरी का प्रस्ताव
संस्थाओं और व्यवसायों (एमपी में बिजली समस्या) के लिए अभी 10 किलोवॉट तक 161 रुपए प्रति किलोवॉट फिक्स्ड चार्ज है। नए टैरिफ में इसे 15 फीसदी तक बढ़ाने का प्रस्ताव है।
बड़े संस्थानों में 10 किलोवॉट तक लोड पर 162 रुपए प्रति किलोवॉट फिक्स्ड चार्ज लगेगा। यानी कुल फिक्स्ड चार्ज 1620 रुपए होगा।
10 से 11 किलोवॉट होने पर 281 रुपए प्रति किलोवॉट अलग से जुड़ेगा। यह बिना किसी सुनवाई के चुपचाप बढ़ाया जाएगा।
शादी-समारोह वाले भी नहीं बचेंगे
मैरिज गार्डन और सामाजिक कार्यक्रमों के लिए अस्थायी कनेक्शन पर भी नया नियम लागू होगा। अभी एक किलोवॉट पर 82 रुपए प्रति किलोवॉट फिक्स्ड चार्ज है।
नए नियम में यह भी बढ़ सकता है। यानी शादियों और कार्यक्रमों का खर्च और बढ़ जाएगा। जो लोग पहले से बजट बनाकर चलते हैं, उन्हें अब नए सिरे से हिसाब लगाना होगा।
सरकार क्या कह रही है?
एमपीईआरसीयानी मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग के सचिव उमाकांत पांडा ने इस पर सफाई दी है। उनका कहना है कि केंद्रीय नियम एक तय प्रक्रिया से बनाए जाते हैं।
पहले लोगों के सुझाव और आपत्तियां ली जाती हैं। उन्होंने कहा कि नियामक आयोग उन्हीं के अनुसार प्रावधान करेगा। लेकिन यह भरोसा आम उपभोक्ता को राहत देने के लिए काफी नहीं लगता।
आम आदमी को क्या करना चाहिए?
सबसे पहले अपने बिजली कनेक्शन (mp electricity bill) का स्वीकृत लोड जानें। फिर हर महीने की खपत उसी के अनुसार रखने की कोशिश करें।
अगर आप गर्मियों में एसी चलाते हैं तो पहले से लोड बढ़वा लेना बेहतर रहेगा। वरना स्मार्ट मीटर खुद लोड बढ़ाएगा और बिल भारी होगा।
बिजली बचाना अब सिर्फ पर्यावरण की जरूरत नहीं है। यह आपकी जेब बचाने का तरीका भी बन गया है।
सोर्स: इलेक्ट्रिसिटी एक्ट 2025, केंद्र सरकार — नीतिगत संदर्भ
FAQ
- MP में स्मार्ट मीटर से बिजली लोड कैसे अपने आप बढ़ेगा?
नए इलेक्ट्रिसिटी एक्ट-2025 के तहत अगर कोई उपभोक्ता साल में तीन बार अपने स्वीकृत लोड से ज्यादा बिजली इस्तेमाल करता है, तो स्मार्ट मीटर अपने आप उसके कनेक्शन का लोड अपडेट कर देगा। इसके लिए न कोई आवेदन देना होगा, न कोई बिजली कर्मचारी आएगा। स्मार्ट मीटर खुद यह बदलाव कर देगा। लोड बढ़ते ही उपभोक्ता का फिक्स्ड चार्ज भी तुरंत बढ़ जाएगा। यह नियम घरेलू और व्यावसायिक दोनों तरह के उपभोक्ताओं पर लागू होगा। इसीलिए गर्मियों में एसी या भारी उपकरण चलाने से पहले अपना स्वीकृत लोड जांचना जरूरी है। - बिजली बिल में फिक्स्ड चार्ज क्या होता है और यह कैसे बढ़ता है?
फिक्स्ड चार्ज वह रकम है जो बिजली कंपनी हर महीने आपके कनेक्शन के स्वीकृत लोड के आधार पर वसूलती है। चाहे आप बिजली इस्तेमाल करें या न करें, यह चार्ज देना जरूरी होता है। अभी घरेलू उपभोक्ता के लिए 150 यूनिट तक की खपत पर 129 रुपए फिक्स्ड चार्ज तय है। इसके ऊपर हर 15 यूनिट पर 28 रुपए और जुड़ते हैं। जैसे-जैसे स्वीकृत लोड बढ़ता है, फिक्स्ड चार्ज भी बढ़ता है। नए नियम के तहत स्मार्ट मीटर जब लोड बढ़ाएगा, तो फिक्स्ड चार्ज खुद ब खुद ज्यादा हो जाएगा। यह बदलाव बिना किसी सूचना के होगा।
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