एमपी को मिलेंगे 13 और आईएएस अफसर, 39 SAS अधिकारियों में से होगा चयन
मध्य प्रदेश के अफसरों के लिए 25 जून का दिन खास रहा। भोपाल स्थित मंत्रालय में UPSC की DPC (Departmental Promotion Committee) बैठक हुई। इसमें 27 SPS (State Police Service) अफसरों के नामों पर विचार किया गया। इनमें से 8 अफसरों को IPS में पदोन्नति (IPS Promotion) की मंजूरी दे दी गई।
अब इन 8 अफसरों को जल्द ही mp IPSकैडर आवंटन की आधिकारिक अधिसूचना जारी होगी। वहीं अब IAS अवॉर्ड DPC की तैयारी है।
IAS अवॉर्ड DPC की तैयारी
SPS से IPS पदोन्नति के साथ-साथ IAS अवॉर्ड की DPC की तैयारी भी लगभग पूरी हो चुकी है। SAS से IAS अवॉर्ड के लिए कुल 13 पद निर्धारित हैं। जानकारी के अनुसार, इसके लिए 2008-09 बैच तक के 39 SAS अधिकारियों के नामों की सूची तैयार की गई है।
यह सूची उच्च स्तर पर मंजूरी के लिए भेज दी गई है। शासन की स्वीकृति मिलते ही UPSC से DPC की तारीख ली जाएगी। इस पूरी प्रक्रिया के जुलाई के पहले पखवाड़े में पूरी होने की संभावना है।
किस बैच के अफसरों को मिलेगा IAS?
सूत्रों के अनुसार 2008 बैच तक के 13 SAS अधिकारियों को IAS अवॉर्ड (आईएएस प्रमोशन) मिलने की उम्मीद है। यानी जिन अफसरों ने राज्य सेवा में वर्षों तक काम किया और 2008 बैच तक हैं, उनके लिए यह DPC निर्णायक साबित हो सकती है। बाकी नामों का फैसला समिति की बैठक में होगा।
39 नामों की सूची में से 13 का चयन होगा। ऐसे में इन अफसरों के लिए यह बैठक करियर की सबसे अहम घड़ी होगी।
DPC क्या होती है और क्यों जरूरी है?
DPC यानी विभागीय पदोन्नति समिति वह प्रक्रिया है जिसके जरिए राज्य सेवा के अफसरों को केंद्रीय सेवाओं में पदोन्नत किया जाता है। SPS से IPS और SAS (State Administrative Service) से IAS (Indian Administrative Service) में पदोन्नति के लिए UPSC की यह बैठक अनिवार्य होती है। इसमें अफसर का सेवा रिकॉर्ड, वरिष्ठता और योग्यता देखी जाती है।
मध्यप्रदेश में हर साल इस प्रक्रिया से दर्जनों राज्य सेवा अफसरों को अखिल भारतीय सेवाओं में मौका मिलता है। इस बार 27 में से 8 का चयन हुआ, जो सामान्य अनुपात के हिसाब से है।
इन आठ अधिकारियों को IPS अवॉर्ड
बैठक के बाद जिन अधिकारियों (MP State Police Service) के नामों को IPS प्रमोशन के लिए स्वीकृति मिली है, उनमें एक 1997 बैच और सात 1998 बैच के अधिकारी शामिल हैं।
चयनित अधिकारियों की सूची
- सीताराम सदभैया (1997 बैच)
- निमिषा पांडे (1998 बैच)
- मलय जैन (1998 बैच)
- अमित सक्सेना (1998 बैच)
- मनीषा पाठक सोनी (1998 बैच)
- सुमन गुर्जर (1998 बैच)
- एस.एस. सराफ (1998 बैच)
- समर वर्मा (1998 बैच)
समिति ने इन सभी नामों को हरी झंडी दे दी है। अब आगे की औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन्हें IPS कैडर अलॉट कर दिया जाएगा।
अधिसूचना का इंतजार
IPS पदोन्नति पाने वाले 8 अफसरों (MP Bureaucracy News) के लिए अब कैडर आवंटन की अधिसूचना का इंतजार है। यह अधिसूचना केंद्र सरकार की तरफ से जारी होती है और इसमें तय होता है कि कौन सा अफसर किस कैडर में काम करेगा। मध्यप्रदेश के मामले में यह प्रक्रिया जल्द पूरी होने की उम्मीद है।
वहीं MP IASअवॉर्ड की DPC के लिए शासन की मंजूरी आते ही UPSC से तारीख तय होगी। जुलाई के पहले पखवाड़े में यह बैठक होने की संभावना अधिकारियों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।
FAQ
- सवाल: DPC बैठक में SPS से IPS पदोन्नति की प्रक्रिया कैसे होती है?
जवाब: DPC यानी Departmental Promotion Committee की बैठक UPSC की अध्यक्षता में होती है। इसमें राज्य सरकार के प्रतिनिधि और UPSC के सदस्य शामिल होते हैं। अफसरों की वरिष्ठता, सेवा रिकॉर्ड और गोपनीय प्रविष्टियां देखी जाती हैं। पात्र SPS अफसरों में से एक तय अनुपात में IPS पदोन्नति दी जाती है। UPSC की मंजूरी के बाद केंद्र सरकार कैडर आवंटन की अधिसूचना जारी करती है। - सवाल: IAS अवॉर्ड और सीधी IAS भर्ती में क्या फर्क है?
जवाब: सीधी IAS भर्ती UPSC की सिविल सेवा परीक्षा के जरिए होती है। वहीं IAS अवॉर्ड वह प्रक्रिया है जिसमें राज्य प्रशासनिक सेवा यानी SAS के अनुभवी अफसरों को उनके सेवा रिकॉर्ड के आधार पर IAS में पदोन्नत किया जाता है। इसके लिए भी UPSC की DPC बैठक जरूरी होती है। यह अफसर सीधी भर्ती वाले IAS से अलग कैडर में गिने जाते हैं लेकिन अधिकार और जिम्मेदारियां समान होती हैं। - सवाल: मध्यप्रदेश में इस बार IPS पदोन्नति के लिए कितने अफसर पात्र थे और कितनों को मिली?
जवाब: 25 जून 2026 को हुई UPSC की DPC बैठक में मध्यप्रदेश के 27 SPS अफसरों के नामों पर विचार किया गया। इनमें से 8 अफसरों को IPS पदोन्नति की मंजूरी दी गई। बाकी 19 अफसर इस बार चयन से बाहर रहे। IPS कैडर आवंटन की अधिसूचना जल्द जारी होगी जिसके बाद यह पदोन्नति आधिकारिक रूप से लागू होगी।
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