मध्य प्रदेश की 10 महिला अफसरों को मिलेगा IAS कैडर, दिल्ली डीपीसी बैठक में बनी सहमति
Aman Vaishnav | Oct 20, 2026, 08:34 IST
दिल्ली में आयोजित डीपीसी बैठक में मध्यप्रदेश के 13 राज्य प्रशासनिक सेवा अफसरों को आईएएस अवॉर्ड देने पर सहमति बनी
नवरात्रि के पावन पर्व पर मध्यप्रदेश के राज्य प्रशासनिक सेवा के 13 अफसरों को IAS अवॉर्ड देने पर लगभग सहमति बन गई है। इनमें 10 महिला अफसर शामिल हैं। इन अफसरों के नाम तय करने के लिए सोमवार को दिल्ली में DPC की बैठक हुई थी। बैठक में कुल 39 अफसरों के नाम पर विचार किया गया। इनमें से 13 अफसरों को IAS बनने के लिए योग्य माना गया है।
दिल्ली में डीपीसी की बैठक
बता दें कि बैठक में मध्य प्रदेश के कुल 39 अफसरों के नामों पर चर्चा हुई थी। इनमें से 13 अफसरों को IAS बनने के लिए योग्य माना गया है। हालांकि सरकार की ओर से अंतिम आदेश जारी होने तक नामों में थोड़ा बदलाव हो सकता है। इसके लिए नियमों और अफसरों की योग्यता को ध्यान में रखा जाएगा।
किन-किन अफसरों के नामों पर बनी है सहमति?
इन 10 महिला अफसरों के नाम हैं शामिल
- निमिषा पांडेय (साल 2007 बैच)
- इला तिवारी (साल 2007 बैच)
- सपना एम लोवंशी (साल 2007 बैच)
- नीता राठौर (साल 2007 बैच)
- रानी पासी (साल 2007 बैच)
- रंजना देवड़ा (साल 2007 बैच)
- माधवी नागेंद्र (साल 2007 बैच)
- वर्षा सोलंकी (साल 2007 बैच)
- प्रियंका गोयल (साल 2008 बैच)
- निधि सिंह राजपूत (साल 2008 बैच)
सूची में शामिल 3 पुरुष अफसर
- शैलेंद्र सिंह सोलंकी (साल 2007 बैच)
- अभिषेक दुबे (साल 2008 बैच)
- नरोत्तम प्रसाद भार्गव (साल 2008 बैच)
सीनियर होने के बाद भी ये अफसर क्यों पीछे?
इन अधिकारियों के नाम छूटने की अलग-अलग वजहें सामने आई हैं। जानकारी के मुताबिक कुछ अधिकारी उम्र की सीमा पार कर चुके हैं और उम्रदराज हो गए हैं। वहीं कुछ अधिकारियों की गोपनीय चरित्रावली यानी सीआर (Confidential Report) ठीक नहीं पाई गई। इसके अलावा कुछ अफसरों के कानूनी मामले अभी भी अदालत में विचाराधीन हैं, जिसकी वजह से उनके नामों पर मुहर नहीं लग सकी।
FAQ
1. मध्य प्रदेश के कितने अफसरों को
राज्य प्रशासनिक सेवा के कुल 13 अफसरों को आईएएस अवॉर्ड देने पर सहमति बनी है। इनमें 10 महिला और 3 पुरुष अफसर शामिल हैं।
2. दिल्ली में हुई डीपीसी बैठक में मध्य प्रदेश की ओर से कौन शामिल हुआ था?
इस महत्वपूर्ण बैठक में मध्य प्रदेश शासन का प्रतिनिधित्व मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल ने किया था।
3. दिल्ली में हुई डीपीसी बैठक में कुछ अफसर रेस से बाहर क्यों हो गए?
जयेंद्र विजयवत, मनोज मालवीय, कमलचंद्र नागर और मीना मसराम जैसे अधिकारियों के बाहर होने के मुख्य कारण उनकी अधिक उम्र, खराब गोपनीय चरित्रावली (CR) और कोर्ट में लंबित कानूनी मामले रहे हैं।
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