मध्य प्रदेश बार काउंसिल चुनाव: शांतिपूर्ण मतदान के बाद बवाल, वकीलों में चले लात-घूंसे और कुर्सियां
शॉर्ट में समझें क्या है पूरा मामला
- पूरे मध्य प्रदेश में स्टेट बार काउंसिल चुनाव के लिए मतदान संपन्न हुए।
- जबलपुर में 9 हजार 819 अधिवक्ताओं के लिए हाईकोर्ट और जिला अदालत में मतदान केंद्र बनाए गए।
- शाम 5 बजे के आसपास दो पक्षों के समर्थकों के बीच विवाद के बाद मारपीट शुरू हो गई।
- वीडियो बनाने वाले कुछ अधिवक्ताओं के साथ भी कथित तौर पर धक्का-मुक्की हुई।
- मतगणना 16 जून से शुरू होगी, 121 प्रत्याशियों की किस्मत बैलेट बॉक्स में कैद हुए।
मध्य प्रदेश स्टेट बार काउंसिल चुनाव के लिए मंगलवार 12 मई को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान कराया गया। पूरे प्रदेश में करीब 87 हजार अधिवक्ताओं ने मतदान प्रक्रिया में हिस्सा लिया।
जबलपुर में अकेले 9819 अधिवक्ता वोट डालने के लिए पंजीकृत थे, जिनके लिए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट और जिला अदालत परिसर में मतदान केंद्र बनाए गए थे। दिनभर मतदान शांतिपूर्ण तरीके से चलता रहा और सुरक्षा व्यवस्था भी पूरी तरह सक्रिय दिखाई दी।
कैंडिडेट शांत रहे, समर्थकों के बीच हुआ विवाद
चुनाव के दौरान प्रत्याशी अपने-अपने समर्थकों के साथ कोर्ट परिसरों में डटे रहे। मतदान की जानकारी देने के लिए अलग-अलग टेंट लगाए गए थे, जहां अधिवक्ताओं की भीड़ लगातार बनी रही। लेकिन शाम करीब 5 बजे मतदान समाप्ति के आसपास माहौल अचानक बिगड़ गया।
जानकारी के अनुसार एक पक्ष के समर्थक अधिवक्ता और दूसरे पक्ष के प्रत्याशी के भतीजे के बीच किसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ। पहले कहासुनी हुई और फिर मामला हाथापाई तक पहुंच गया।
लात-घूंसे और कुर्सियां तक चली
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई। लात-घूंसे चलने के साथ कुर्सियां फेंके जाने की भी चर्चा रही। बताया जा रहा है कि इस दौरान कुछ अधिवक्ता वीडियो रिकॉर्डिंग कर रहे थे, जिनके साथ भी कथित रूप से धक्का-मुक्की भी की गई।
हालांकि इस पूरे घटनाक्रम के फोटो या वीडियो अब तक सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं। वरिष्ठ अधिवक्ताओं के हस्तक्षेप के बाद मामले में शिकायत नहीं की जा रही है।
कोर्ट परिसर में रही भारी पुलिस व्यवस्था
जबलपुर हाईकोर्ट और जिला अदालत दोनों जगह पुलिस की चाक-चौबंद व्यवस्था तैनात थी। सुरक्षा बल पूरे दिन हालात पर नजर बनाए हुए थे। बावजूद इसके मतदान खत्म होने के अंतिम समय में विवाद की खबर सामने आ गई।
हालांकि मामले को लेकर आधिकारिक स्तर पर ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है। अदालत परिसरों में होने वाली घटनाओं की तरह इस मामले में भी अंदर की बातें बाहर कम ही निकल पाईं।
एक रात पहले शहर में हुई थीं चुनावी पार्टियां
चुनाव से एक दिन पहले शहर में अलग-अलग स्थानों पर अधिवक्ता मिलन समारोह और चुनावी पार्टियों का दौर चला। इन आयोजनों में बड़ी संख्या में समर्थक जुटे और देर रात तक माहौल चुनावी रंग में डूबा रहा।
सोमवार की रात शहर के बड़े-बड़े होटलों में जमकर जाम छलके थे। अधिवक्ताओं के बीच चर्चा यह भी रही कि किस प्रत्याशी के कार्यक्रम में कितनी भीड़ और कितना प्रभाव दिखाई दिया। इन्हीं चर्चाओं के आधार पर चुनावी समीकरणों का अनुमान लगाया जाता रहा।
धन्य कुमार जैन का मामला भी बना चर्चा का केंद्र
इस चुनाव में धन्य कुमार जैन का मामला भी लगातार चर्चा में रहा। उम्मीदवारों की अंतिम सूची में 122 नाम शामिल थे, लेकिन एक प्रत्याशी ने उनका समर्थन करते हुए अपना नाम वापस ले लिया था।
आपको बता दें कि हाईकोर्ट बार काउंसिल के पदाधिकारी होने के आधार पर धन्य कुमार जैन सहित कई पदाधिकारियों के नामांकन निरस्त कर दिए गए। इस विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट तक मामला पहुंचा, जहां धूलिया कमेटी को लेकर कथित टिप्पणियों पर नाराजगी जताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने जवाब तलब भी किया था।
इसके बाद धन्य कुमार जैन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। मंगलवार सुबह से ही वे हाईकोर्ट के पास अंबेडकर चौक पर धरने पर बैठे रहे। उन्होंने बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष नमन जैन पर खुद दो पदों का लाभ उठाने का आरोप लगाया।
इसके साथ ही उन्होंने अधिवक्ताओं की हड़ताल रोके जाने को भी अधिवक्ताओं की स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति का दमन बताया। उनका कहना है कि जब हर कर्मचारी और संगठन हड़ताल कर सकता है तो यह आजादी अधिवक्ताओं से क्यों छीन ली गई।
अब 16 जून से होगी मतगणना
एमपी स्टेट बार काउंसिल चुनाव का मतदान अब पूरी तरह संपन्न हो चुका है। पूरे प्रदेश में बनाए गए 244 मतदान केंद्रों पर अधिवक्ताओं ने मतदान किया। चुनाव मैदान में कुल 121 प्रत्याशी हैं। अब सभी की नजर 16 जून से शुरू होने वाली मतगणना पर टिकी हुई है, जिसके बाद नई कार्यकारिणी का गठन किया जाएगा।
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