एमपी स्टेट बार काउंसिल चुनाव विवाद खत्म : सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, 12 मई को वोटिंग

मध्यप्रदेश स्टेट बार काउंसिल चुनाव के विवाद को सुप्रीम कोर्ट की कमेटी ने सुलझाया। चुनाव अब जस्टिस प्रीतिंकर दिवाकर की अध्यक्षता वाली कमेटी के अंतर्गत होंगे। 12 मई को मतदान होगा।

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Neel Tiwari
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MP State Bar Council election dispute ends

Photograph: (the sootr)

News in short

  • सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित जस्टिस धूलिया कमेटी ने दिया अंतिम फैसला
  • बार काउंसिल ऑफ इंडिया की चुनाव प्रक्रिया में भूमिका खत्म
  • जस्टिस प्रीतिंकर दिवाकर कमेटी कराएगी चुनाव
  • जस्टिस एस.के. पालो बनाए गए अधिकृत चुनाव अधिकारी
  • 12 मई को मतदान और 16 जून को मतगणना

News in Detail

मध्यप्रदेश स्टेट बार काउंसिल चुनाव को लेकर पिछले दो दिनों से चल रहा असमंजस अब पूरी तरह खत्म हो गया है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित कमेटी ने साफ कर दिया है कि चुनाव प्रक्रिया में अब बार काउंसिल ऑफ इंडिया की कोई भूमिका नहीं रहेगी। अब जस्टिस दिवाकर की अध्यक्षता वाली कमेटी ही पूरे चुनाव की जिम्मेदारी संभालेगी।

सुप्रीम कमेटी का साफ आदेश, खत्म हुआ विवाद

एमपी स्टेट बार काउंसिल चुनाव को लेकर चल रहा टकराव आखिरकार थम गया। सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित जस्टिस सुधांशु धूलिया कमेटी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि अब चुनाव प्रक्रिया में BCI (बार काउंसिल ऑफ इंडिया) का कोई दखल नहीं रहेगा। यह फैसला आने के बाद वकीलों के बीच चल रही असमंजस की स्थिति समाप्त हो गई है।

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दिवाकर कमेटी को मिली पूरी जिम्मेदारी

अब चुनाव की पूरी कमान जस्टिस दिवाकर की अध्यक्षता वाली कमेटी के हाथ में रहेगी। सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही इस कमेटी का गठन किया था, लेकिन चुनाव अधिकारी की नियुक्ति को लेकर दो पक्षों में टकराव हो गया था। ताजा आदेश के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि दिवाकर कमेटी ही अधिकृत निकाय है।

दो दिन चला नियुक्ति पर घमासान

मंगलवार से चुनाव अधिकारी को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई थी। एक तरफ जस्टिस धूलिया कमेजस्टिस एसके पालो को चुनाव अधिकारी नियुक्त किया था। वहीं, दूसरी ओर BCI ने जस्टिस एनके मोदी को नियुक्त कर दिया था। इस दोहरी नियुक्ति से वकीलों में असमंजस की स्थिति पैदा हो गई थी। बुधवार रात ऑनलाइन सुनवाई के दौरान जस्टिस धूलिया ने सभी पक्षों को सुनने के बाद जस्टिस मोदी की नियुक्ति को निरस्त कर दिया और जस्टिस पालो की नियुक्ति को वैध ठहराया।

27 फरवरी से शुरू होगी चुनाव प्रक्रिया

निर्वाचन अधिकारी जस्टिस पालो ने चुनाव का विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया है। 27 फरवरी को आधिकारिक अधिसूचना जारी होगी। 16 मार्च को प्रारंभिक मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी और आपत्तियों के निराकरण के बाद 1 अप्रैल को अंतिम मतदाता सूची जारी होगी। नामांकन प्रक्रिया 8 से 10 अप्रैल तक चलेगी, जिससे उम्मीदवारों के लिए तैयारी का समय तय हो गया है।

12 मई को मतदान, 16 जून को मतगणना

चुनाव कार्यक्रम के अनुसार 22 अप्रैल शाम 4 बजे तक नाम वापस लिए जा सकेंगे, जिसके बाद उम्मीदवारों की अंतिम सूची जारी होगी। सबसे अहम तारीख 12 मई होगी, जब प्रदेशभर के अधिवक्ता मतदान करेंगे। मतगणना 16 जून को की जाएगी।

इस फैसले के साथ अब यह साफ हो गया है कि मध्यप्रदेश स्टेट बार काउंसिल के नए सदस्यों के चुनाव की राह पूरी तरह साफ हो चुकी है और प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में तय कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ेगी।

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