एमपी में 8 हजार 720 पदों की भर्ती में केवल 2901 पर नियुक्ति, भटक रहे 5800 शिक्षक
News in short
- 8720 पदों पर निकली भर्ती लेकिन 2901ही हुईं नियुक्ति।
- 70 हजार से ज्यादा पद अतिथि शिक्षकों के भरोसे।
- प्रतीक्षा सूची में शामिल 5800 चयनित अभ्यर्थी परेशान।
- चयन परीक्षा के परिणाम के बाद 2 साल से लगा रहे चक्कर।
- स्कूलों में शिक्षक न होने से पढ़ाई पर पढ़ रहा बुरा असर।
News in Detail
मध्यप्रदेश शिक्षक भर्ती (MP Teacher Recruitment) को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। 8720 पदों के लिए भर्ती निकली थी, लेकिन केवल 2901 अभ्यर्थियों को नियुक्ति मिली है। जबकि शिक्षा विभाग में एक लाख से अधिक पद खाली हैं। इसके बावजूद प्रतीक्षा सूची (Waiting List Candidates) में शामिल अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं मिल रही है, जिससे असंतोष लगातार बढ़ रहा है।
शिक्षक भर्ती की यह है स्थिति
मध्यप्रदेश शिक्षक भर्ती (MP Teacher Recruitment) की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। साल 2023 की भर्ती के लिए 8720 पदों का नोटिफिकेशन जारी किया गया था। चयन परीक्षा के बाद नियुक्ति शुरू करने में महीनों बिताने के बाद भी केवल 2901 शिक्षक ही विभागीय सेवा में शामिल किए जा सके हैं। बाकी 5800 अभ्यर्थी चयन और प्रतिक्षा सूची लेकर मंत्री से लेकर डीपीआई के अनगिनत चक्कर लगा चुके हैं।
विभागीय बेरुखी बढ़ा रही नाराजगी
शिक्षक वर्ग 1 की भर्ती परीक्षा में चयनित अभ्यर्थी दो साल से नियुक्ति को लेकर भटक रहे हैं। उन्हें स्कूल शिक्षा विभाग से कोई जानकारी नहीं दी जा रही है। वहीं डीपीआई भी स्थिति स्पष्ट नहीं कर रहा है। इस वजह से अब अभ्यर्थी चयन परीक्षा और विभाग की नीयत पर सवाल उठा रहे हैं।
खाली पदों की स्थिति पर विभाग मौन
शिक्षा विभाग में करीब एक लाख शिक्षकों के पद खाली हैं। स्थिति स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था और अधिकारियों की गंभीरता उजागर करने वाली है। चयन परीक्षा और खाली पदों पर नियुक्ति न देने से नए शैक्षणिक सत्र में भी सरकारी स्कूलों में बदहाल रहने की हालत बनी रहना तय है।
चयनित शिक्षक उठा रहे सवाल
स्कूल शिक्षा विभाग और लोक शिक्षण संचालनालय से वर्ग 1 के चयनित अभ्यर्थी निराश हैं। दो साल में उन्हें नोटिफिकेशन के आधार पर जारी पदों पर नियुक्ति मिली न ही वेटिंग सूची उजागर की गई है। इससे 2023 की भर्ती के पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया की पारदर्शिता पर संदेह जताया जा रहा है।
चयनित शिक्षक देवेश पालीवाल, मनोज दंडोतिया और नीरज द्विवेदी का कहना है चयन सूची के बाद विभाग को नियुक्ति सूची और वेटिंग लिस्ट भी जारी करना चाहिए। यह भी स्पष्ट करना जरूरी है आखिर 5800 से ज्यादा पदों पर नियुक्ति क्यों अटकाकर रखी गई है। अभ्यर्थियों ने इसके लिए स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह को ज्ञापन भी सौंपा है।
FAQ
- एमपी शिक्षक भर्ती में देरी क्यों हो रही है?
मध्यप्रदेश शिक्षक भर्ती (MP Teacher Recruitment) में प्रशासनिक प्रक्रियाओं और नीति निर्णयों के कारण देरी हो रही है। इससे चयनित अभ्यर्थियों को समय पर नियुक्ति नहीं मिल रही है। - प्रतीक्षा सूची अभ्यर्थियों को कब तक नियुक्ति मिलेगी?
प्रतीक्षा सूची अभ्यर्थी (Waiting List Candidates) सरकार के निर्णय पर निर्भर हैं। यदि सरकार खाली पदों को भरने का निर्णय लेती है, तो उन्हें जल्द नियुक्ति मिल सकती है।
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