डीएलएड रिजल्ट अटका, चयनित शिक्षकों की नौकरी पर संकट, अभ्यर्थी आए सड़क पर
समझें क्या है पूरा मामला...
- चयनित शिक्षकों की नौकरी पर संकट।
- रिजल्ट अटका तो भोपाल में शुरू हुआ तीन दिवसीय धरना।
- 10 अगस्त से सत्यापन, पर डीएलएड रिजल्ट अब तक नहीं।
- 50 दिन से रुका परिणाम, अभ्यर्थियों में गुस्सा और चिंता।
- समय पर रिजल्ट नहीं आया तो आंदोलन होगा तेज।
मध्यप्रदेश में शिक्षक बनने का सपना देख रहे हजारों अभ्यर्थियों के सामने नई मुश्किल खड़ी हो गई है। प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा 2025 में चयनित अभ्यर्थियों का डीएलएड अंतिम वर्ष का रिजल्ट अब तक जारी नहीं हुआ है।
इससे उनकी नियुक्ति पर संकट मंडरा रहा है। नाराज अभ्यर्थियों ने भोपाल में तीन दिवसीय धरना शुरू कर दिया है। 10 अगस्त से दस्तावेज सत्यापन शुरू होना है।
भोपाल में शुरू हुआ धरना
प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा 2025 में चयनित अभ्यर्थियों ने मंगलवार से माध्यमिक शिक्षा मंडल यानी माशिमं के भोपाल परिसर में धरना शुरू कर दिया है। यह धरना तीन दिन तक शांतिपूर्ण तरीके से चलाया जाएगा।
अभ्यर्थियों का कहना है कि डीएलएड अंतिम वर्ष का परीक्षा परिणाम जारी नहीं होने से उनकी नियुक्ति खतरे में पड़ गई है। उन्होंने माशिमं से जल्द परिणाम घोषित करने की मांग की है।
10 अगस्त से शुरू होगा सत्यापन
चयनित अभ्यर्थियों के मुताबिक स्कूल शिक्षा विभाग और जनजातीय कार्य विभाग 10 अगस्त के बाद दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया शुरू करेंगे। इस सत्यापन के दौरान डीएलएड अंतिम वर्ष का परिणाम दिखाना जरूरी होगा।
अगर तब तक परिणाम नहीं आया, तो हजारों अभ्यर्थी पात्र होने के बावजूद सत्यापन से वंचित रह सकते हैं। यही डर अभ्यर्थियों को सड़क पर ले आया है।
50 दिन से अटका है नतीजा
धरने पर बैठे अभ्यर्थियों का कहना है कि डीएलएड परीक्षा को खत्म हुए करीब 50 दिन बीत चुके हैं। मूल्यांकन का काम भी पूरा हो चुका है।
इसके बावजूद माध्यमिक शिक्षा मंडल ने अब तक परिणाम घोषित नहीं किया है। इतनी देरी से चयनित अभ्यर्थियों में असमंजस और चिंता का माहौल बन गया है।
2000 अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में
अभ्यर्थियों के अनुसार प्रदेशभर के लगभग दो हजार चयनित उम्मीदवारों का डीएलएड अंतिम वर्ष का परिणाम अभी लंबित है। उनका कहना है कि अगर समय पर परिणाम नहीं आया, तो पूरी नियुक्ति प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। प्रदर्शनकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि अगर जल्द परिणाम घोषित नहीं हुआ, तो वे अपना आंदोलन और तेज करेंगे।
यह देरी क्यों अहम है
शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में पहले भी कई बार लंबी देरी देखी गई है। हाल ही में एक अन्य भर्ती में चयन परिणाम के करीब दो साल बाद नियुक्ति आदेश जारी हुए थे।
ऐसे में अभ्यर्थियों को डर है कि यह मामला भी लंबा खिंच सकता है। समय पर रिजल्ट न आने से न सिर्फ नियुक्ति में देरी होगी, बल्कि पात्र अभ्यर्थियों के दस्तावेज सत्यापन से बाहर होने का खतरा भी बना रहेगा।
अब आगे क्या होगा
अभ्यर्थियों की मांग है कि माध्यमिक शिक्षा मंडल 10 अगस्त से पहले डीएलएड अंतिम वर्ष का परिणाम घोषित कर दे। इससे सत्यापन प्रक्रिया में उन्हें कोई दिक्कत नहीं होगी। फिलहाल मंडल की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। अगले कुछ दिनों में स्थिति साफ होने की उम्मीद है।
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