टीईटी परीक्षा: डेढ़ लाख शिक्षक असमंजस में, टीईटी की तारीख तय नहीं
समझें क्या है पूरा मामला
- सुप्रीम कोर्ट आदेश के बाद TET अनिवार्य हुआ।
- MP के करीब डेढ़ लाख शिक्षक प्रभावित हैं।
- परीक्षा की तारीख अभी घोषित नहीं हुई है।
- सिलेबस और आवेदन प्रक्रिया स्पष्ट नहीं है।
- शिक्षक संगठनों ने जल्द जानकारी मांगी है।
शिक्षकों की क्या मांग है
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद प्रदेश के शिक्षक टीईटी को लेकर परेशान हैं। उनका कहना है कि पहली परीक्षा जल्द कराई जाए। इससे उन्हें दूसरी परीक्षा देने के लिए भी पर्याप्त समय मिलेगा।
सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षकों को 2028 तक परीक्षा पास करने की मोहलत दी है। साथ ही राज्य सरकार को साल में दो बार परीक्षा कराने के निर्देश भी दिए हैं।
जानकारी न मिलने से भ्रम की स्थिति
शासकीय शिक्षक संगठन मध्यप्रदेश के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र कौशल ने कहा कि परीक्षा की तारीख और सिलेबस को लेकर शिक्षकों में भ्रम है। आवेदन प्रक्रिया और पात्रता को लेकर भी स्थिति साफ नहीं है। उन्होंने बताया कि शिक्षा विभाग की ओर से अब तक कोई विस्तृत दिशा-निर्देश जारी नहीं हुए। इस वजह से शिक्षक परीक्षा की तैयारी भी शुरू नहीं कर पा रहे हैं।
सिलेबस जल्द घोषित करने की मांग
शिक्षक संगठन ने मांग की है कि विभाग जल्द परीक्षा की तारीख और सिलेबस सार्वजनिक करे। परीक्षा पद्धति और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी भी सबको एक साथ मिलनी चाहिए। ट्राइबल टीचर्स वेलफेयर एसोसिएशन सहित अन्य कर्मचारी संगठनों ने भी यही मांग दोहराई है। सभी संगठन चाहते हैं कि स्थिति जल्द स्पष्ट हो।
सार्थक एप पर अधूरी तैयारी
शिक्षकों का कहना है कि सार्थक एप (Sarthak App) के जरिए परीक्षा तैयारी कराने का दावा किया गया था। लेकिन कुछ वीडियो अपलोड करने के अलावा कोई ठोस सामग्री नहीं दी गई।
अभी तक न सिलेबस स्पष्ट है और न परीक्षा की तारीख घोषित हुई है। इससे शिक्षकों में भविष्य को लेकर चिंता बढ़ रही है।
सुप्रीम कोर्ट ने बढ़ाई थी समय सीमा
मई में राज्य सरकार और शिक्षक संगठनों की याचिकाओं पर सुनवाई हुई थी। सुप्रीम कोर्ट ने परीक्षा पास करने की समय सीमा 2027 से बढ़ाकर 2028 कर दी। कोर्ट ने यह भी कहा कि 2028 तक परीक्षा पास करने वाले शिक्षकों की नौकरी सुरक्षित रहेगी। साथ ही साल में दो बार परीक्षा कराने का निर्देश भी दिया गया।
अप्रैल के दावे अब तक अधूरे
स्कूल शिक्षा विभाग ने अप्रैल में कहा था कि पहली परीक्षा जुलाई-अगस्त में होगी। लेकिन अब तक न टाइम टेबल जारी हुआ, न कोई विस्तृत दिशा-निर्देश आया। इस देरी से शिक्षकों की चिंता और बढ़ गई है। वे जल्द से जल्द स्पष्ट जानकारी चाहते हैं।
FAQ
- टीईटी परीक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने क्या आदेश दिया है?
सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षकों को 2028 तक परीक्षा पास करने की मोहलत दी है। कोर्ट ने राज्य सरकार को साल में दो बार परीक्षा कराने का निर्देश भी दिया है। इससे शिक्षकों की नौकरी सुरक्षित रहेगी। - शिक्षकों की मुख्य मांग क्या है?
शिक्षक चाहते हैं कि सरकार जल्द परीक्षा की तारीख और सिलेबस घोषित करे। उनका कहना है कि पहली परीक्षा जल्दी होनी चाहिए। इससे उन्हें दूसरी परीक्षा के लिए भी समय मिलेगा।
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