MP Top News : मध्य प्रदेश की बड़ी खबरें, MP का पहला अनुपूरक बजट 21 को
मोहन कैबिनेट बैठक में आज UCC और मेडिकल यूनिवर्सिटी समेत कई विधेयकों पर लगी मुहर
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के जगदीशपुर में रविवार, 19 जुलाई को कैबिनेट बैठक हुई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में यह बैठक हुई। मुख्यमंत्री ने खुद बैठक की पूरी जानकारी दी है। इस बैठक में समान नागरिक संहिता सहित कई बड़े फैसले लिए गए। सरकार ने इसे राज्य के लिए बड़ा और ऐतिहासिक कदम बताया है। कई विभागों से जुड़े अहम विधेयकों को भी मंजूरी दी गई। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें...
21 जुलाई को पेश होगा MP का पहला अनुपूरक बजट, 7000 करोड़ में विकास का दावा
मध्यप्रदेश सरकार का पहला अनुपूरक बजट 21 जुलाई को विधानसभा में पेश होगा, जिसमें पूंजीगत निवेश और अधोसंरचना विकास पर जोर दिया जाएगा, कम राशि के बावजूद विकास को रफ्तार मिलने का दावा किया जा रहा है। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें...
मध्य प्रदेश में प्रशासनिक फेरबदल, दो जिलों के एसपी बदले, भोपाल में भी अहम जिम्मेदारी
मध्य प्रदेश सरकार ने पुलिस प्रशासन में सीमित, लेकिन महत्वपूर्ण फेरबदल किया है। इस आदेश में दो जिलों (श्योपुर और टीकमगढ़) के पुलिस अधीक्षकों की अदला-बदली की गई है। वहीं टीकमगढ़ के एसपी को पुलिस मुख्यालय भोपाल में सहायक पुलिस महानिरीक्षक (AIG) की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसे प्रशासनिक संतुलन और फील्ड अनुभव के नए उपयोग के तौर पर देखा जा रहा है। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें...
1000 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोपी महेंद्र गोयनका रिमांड पर, उजागर होंगे कई राज
रायपुर निवासी महेंद्र गोयनका को 1000 करोड़ की धोखाधड़ी के आरोप में दिल्ली से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसे कोलकाता कोर्ट में पेश किया, जहां कोर्ट ने उसे दस दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। यह मामला विधायक संजय पाठक के परिवार की कंपनियों से जुड़ा है। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें...
एमपी में अवैध प्लॉटिंग पर लगेगा ब्रेक,सरकार ला रही नया नियम, ड्राफ्ट तैयार
मध्य प्रदेश में अवैध कॉलोनियों और अनियोजित प्लॉटिंग की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। इसे रोकने के लिए राज्य सरकार अब बड़ा कदम उठाने जा रही है। मप्र कॉलोनी अधिनियम-2026 का ड्राफ्ट तैयार हो गया है। इसके साथ एक डिजिटल पोर्टल भी विकसित किया जा रहा है। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें...
MP प्राइमरी शिक्षक भर्ती: कल तक दस्तावेज अपलोड नहीं किए तो हजारों अभ्यर्थी होंगे बाहर
मध्य प्रदेश में प्राइमरी टीचर भर्ती के लिए अभ्यर्थियों को सिर्फ तीन दिन में दस्तावेज अपलोड करने का आदेश दिया गया है। इसमें 18 से 20 जुलाई की समय सीमा तय है। इससे अभ्यर्थियों में नाराजगी है। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें...
MP मेडिकल एजुकेशन का नया ब्लूप्रिंट! अब बदलेगा मेडिकल कॉलेजों का पूरा कंट्रोल सिस्टम
मध्यप्रदेश सरकार चिकित्सा शिक्षा व्यवस्था का सबसे बड़ा प्रशासनिक बदलाव करने जा रही है। मेडिकल कॉलेजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रदेश की मौजूदा मेडिकल यूनिवर्सिटी का पुनर्गठन कर दो अलग-अलग मेडिकल यूनिवर्सिटी बनाने का ड्राफ्ट तैयार हो चुका है। कैबिनेट की मंजूरी मिलते ही प्रदेश का मेडिकल एजुकेशन मैप बदल सकता है। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें...
दतिया में मंच से भाषण दे रहे पटवारी ने भाजपा प्रत्याशी आशुतोष को देख गले लगाया
दतिया उपचुनाव की रैली में कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बीजेपी प्रत्याशी आशुतोष तिवारी को मंच पर बुलाया। दोनों नेता गले मिले, तस्वीर वायरल हुई। 30 जुलाई को वोटिंग, 3 अगस्त को नतीजे आएंगे। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें...
MP में UCC को कैबिनेट की मंजूरी, अब दूसरी शादी का लड्डू होगा मुश्किल
मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम बढ़ाया है। राज्य मंत्रिमंडल ने UCC के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। सरकार का दावा है कि इससे सभी नागरिकों के लिए समान वैवाहिक नियमों की दिशा में व्यवस्था मजबूत होगी और कानून के समक्ष समानता का सिद्धांत और प्रभावी बनेगा। जिसमें बहुविवाह, लिव-इन रिलेशनशिप और तलाक से जुड़े नियम शामिल हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें...
92 करोड़ मिले और बदल गया बायपास का नक्शा, 350 बीघा जमीन पर बड़ा खेल?
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने 1 सितंबर 2025 को अशोकनगर बायपास के लिए 92 करोड़ रुपए मंजूर किए थे। यह मांग केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की ओर से लंबे समय से की जा रही थी। अशोकनगर शहर के लिए बायपास की जरूरत काफी समय से महसूस हो रही थी। स्थानीय जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता भी बार-बार सिंधिया से इस मांग को दोहराते रहे। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें...
परिवहन विभाग की प्राथमिकता पर सवाल! वसूली में रफ्तार, जनता के कार्ड पर दो साल की चुप्पी
एमपी टॉप न्यूज:मध्यप्रदेश परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। विभाग लगातार राजस्व वसूली, जांच और दूसरे मामलों को लेकर सुर्खियों में रहा, लेकिन आम नागरिकों से जुड़ा सबसे बुनियादी काम-आरसी और ड्राइविंग लाइसेंस की हार्डकॉपी उपलब्ध कराना-करीब दो साल तक अटका रहा। सवाल यह है कि जब जनता से शुल्क लगातार लिया जा रहा था, तब व्यवस्था सुधारने की पहल समय पर क्यों नहीं हुई? पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें...