92 करोड़ मिले और बदल गया बायपास का नक्शा, 350 बीघा जमीन पर बड़ा खेल?
Sandeep Kumar | Jul 19, 2026, 16:29 IST
92 करोड़ मिले और बदल गया बायपास का नक्शा
अशोकनगर में 92 करोड़ रुपए मंजूर होते ही बायपास की ड्राइंग बदल दी गई। नए रूट के आसपास पहले ही 350 बीघा जमीन की रजिस्ट्रियां हो चुकी थीं, जिससे अफसरों की मिलीभगत के आरोप लगे हैं।
समझें क्या है पूरा मामला
- अशोकनगर बायपास के लिए पहले 92 करोड़ रुपए मंजूर हुए।
- मंजूरी के बाद बायपास की पुरानी ड्राइंग बदल दी गई।
- नए रूट के आसपास करीब 350 बीघा जमीन खरीदी गई।
- रूट बदलाव से सरकार पर 26 करोड़ अतिरिक्त बोझ पड़ा।
- जमीन खरीदी और ड्राइंग बदलाव को लेकर सवाल उठे।
92 करोड़ की मंजूरी
सिंधिया ने खुद गडकरी से बायपास के लिए राशि स्वीकृत कराई। इसकी जानकारी उन्होंने लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव को पत्र लिखकर दी। यह पत्र 1 सितंबर 2025 को भेजा गया। राशि स्वीकृति की यह सूचना जैसे ही अशोकनगर पहुंची, हलचल शुरू हो गई।
रूट क्यों बदला गया
नया रूट 14.5 किलोमीटर लंबा कर दिया गया। इससे बायपास का दायरा उन इलाकों तक पहुंच गया, जहां पहले से जमीन खरीदने की तैयारी चल रही थी। पुरानी ड्राइंग बनाने वाले इंजीनियरों और पटवारियों से यह काम छीन लिया गया। इसके बाद संदिग्ध तरीके से नई ड्राइंग बनवाकर उसे स्वीकृत करा लिया गया। रूट बदलने से सरकार को करीब 26 करोड़ रुपए का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है।
350 बीघा जमीन का राज
इन खरीदारों में एक मंत्री के अलावा ग्वालियर और कर्नाटक के लोग भी शामिल बताए जा रहे हैं। सवाल यह उठ रहा है कि जब रूट अभी बदला नहीं गया था, तो खरीदारों को नए रूट की जानकारी पहले कैसे मिल गई। इससे शक जताया जा रहा है कि सरकारी तंत्र से ही गोपनीय जानकारी भूमाफिया और दलालों तक लीक हुई।
इन लोगों ने खरीदी जमीन
सत्येंद्र रघुवंशी, रंजीत रघुवंशी और विश्ववीर रघुवंशी के नाम से करीब 1.197 हेक्टेयर जमीन की एक और रजिस्ट्री हुई। बेंगलुरु, कर्नाटक निवासी सुलक्षण कुलश्रेष्ठ ने भी करीब 0.418 हेक्टेयर जमीन खरीदी। 19 दिसंबर 2025 को कुछ और खरीदारों ने भी जमीन की रजिस्ट्री कराई, जिनमें एक जमीन का रकबा करीब 1.250 हेक्टेयर बताया गया है। ये सभी जमीनें ठीक उसी इलाके में हैं, जहां से नया बायपास रूट निकल रहा है।
अफसरों की भूमिका और आरोप
सिंधिया को अंधेरे में रखा गया?
अब आगे क्या होगा
FAQ
- अशोकनगर बायपास के लिए कितनी राशि मंजूर हुई थी?
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने 1 सितंबर 2025 को अशोकनगर बायपास के लिए 92 करोड़ रुपए मंजूर किए थे। यह राशि 12 किलोमीटर लंबे बायपास के लिए तय हुई थी। बाद में रूट बदलकर 14.5 किलोमीटर कर दिया गया। - बायपास की ड्राइंग क्यों बदली गई?
आरोप है कि नए रूट के आसपास पहले से जमीन खरीदने वालों को फायदा पहुंचाने के लिए ड्राइंग बदली गई। रूट बदलने से सरकार पर 26 करोड़ रुपए का अतिरिक्त बोझ पड़ा। मामले की जांच की मांग उठ रही है।
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