क्रूज हादसा: SOP पर उठे सवाल, लाइफ जैकेट पर MP के पर्यटन विभाग का अजीब दावा
News in Short
- बरगी डैम में क्रूज हादसे में 13 पर्यटकों की मौत हुई।
- हादसा तेज हवा और बवंडर के कारण हुआ, लाइफ जैकेट नहीं थे।
- पर्यटन विभाग ने कहा, लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य नहीं था।
- मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने लापरवाही मानी और कार्रवाई का वादा किया।
- नई एसओपी लागू करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
News in Detail
मध्य प्रदेश के बरगी डैम में हुए क्रूज हादसे में 13 पर्यटकों की मौत के बाद पर्यटन विभाग पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस हादसे ने राज्य के पर्यटन और सुरक्षा मानकों की बुरी स्थिति को उजागर किया है। अधिकारियों का दावा है कि सभी सुरक्षा उपाय किए थे। इस मामले में एसओपी की कमी पर चिंता जताई जा रही है। मौसम चेतावनियों की उपेक्षा भी गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
क्या थी दुर्घटना की वजह?
बरगी डैम में हुए क्रूज हादसे में तेज हवा और बवंडर के कारण क्रूज का संतुलन बिगड़ा। इस दौरान डेक पर मौजूद पर्यटकों को लाइफ जैकेट नहीं पहनाई गई थी। जब तेज हवा चली और क्रूज लड़खड़ाया, तो पर्यटक निचले डेक पर पहुंचे। यहां भी उन्हें समय रहते लाइफ जैकेट नहीं दी जा सकी। यह लापरवाही हादसे का बड़ा कारण बनी।
अनिवार्य नहीं था लाइफ जैकेट पहनना?
पर्यटन विभाग ने इस घटना के बाद दावा किया कि क्रूज में लाइफ जैकेट पर्याप्त मात्रा में थे, लेकिन उन्हें पहनना अनिवार्य नहीं था। नेवल कमांडर राजेंद्र निगम (मध्यप्रदेश पर्यटन के जल क्रीड़ा सलाहकार) ने कहा कि राज्य में चलने वाली नावों पर पर्यटकों के लिए लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य नहीं है। यह अंतरराष्ट्रीय मानक है कि जब मौसम खराब हो या तूफान आने का खतरा हो, तब ही क्रूज के चालक को यात्रियों को लाइफ जैकेट पहनने की सलाह देनी चाहिए।
मौसम अलर्ट को अनदेखा किया
मौसम विभाग ने पहले ग्रीन अलर्ट जारी किया था। बाद में यलो अलर्ट जारी किया गया। मौसम अचानक बदलने के कारण हादसा हुआ। विभाग का कहना है कि यलो अलर्ट में कोई रोक नहीं थी। केवल सावधानी बरतने की सलाह दी गई थी। यह चूक बड़ी घटना का कारण बनी। अधिकारियों का कहना है कि तूफान के बाद क्रूज चालक ने यात्रियों को लाइफ जैकेट पहनने की सलाह दी। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
टूरिज्म विभाग का बयान
पर्यटन विभाग के अधिकारी यह दावा कर रहे हैं कि मौसम की स्थिति स्पष्ट थी और कोई लापरवाही नहीं की गई। हालांकि, क्रूज के संचालन के लिए स्पष्ट एसओपी की कमी और सुरक्षा मानकों की उपेक्षा का मामला गंभीर है। इस हादसे ने यह सवाल खड़ा किया है कि जब तक स्थानीय स्तर पर उचित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) लागू नहीं होगी, तब तक पर्यटन और सुरक्षा से जुड़े हादसों की संभावना बनी रहेगी।
मंत्री ने लापरवाही को स्वीकार किया
पर्यटन राज्य मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने हादसे पर लापरवाही मानी। उन्होंने कहा कि जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी। एसओपी को सुनिश्चित करने के लिए नई प्रक्रिया शुरू की जाएगी। मंत्री ने वादा किया कि एसओपी जल्द जारी होंगे। इनकी निगरानी भी की जाएगी, ताकि भविष्य में हादसे न हों।
क्या होने चाहिए सुरक्षा उपाय?
इस हादसे से यह स्पष्ट हुआ कि क्रूज संचालन के लिए राज्य में सुरक्षा मानकों और संबंधित प्रक्रियाओं का कड़ा पालन किया जाना चाहिए। मौसम चेतावनियों का सही तरीके से पालन करना, यात्रियों के लिए लाइफ जैकेट अनिवार्य करना और स्टाफ को इमरजेंसी में कार्य करने के लिए प्रशिक्षित करना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
क्या कदम उठाए जाएंगे?
मंत्री ने कहा कि इस हादसे के बाद सरकार नई एसओपी लागू करेगी और भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए सभी संबंधित अधिकारियों और क्रूज संचालकों को उचित दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।
क्या है SOP
पर्यटन में SOP का अर्थ स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर (Standard Operating Procedure) है। यह लिखित निर्देशों का समूह होता है। यह पर्यटन उद्योग में सुरक्षा, गुणवत्ता और निरंतरता बनाए रखने के लिए चरण-दर-चरण प्रक्रिया का वर्णन करता है।
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