हिमाचल-गोवा को पछाड़ एमपी बना देशी पर्यटकों की पहली पसंद, 2025 में बना नया रिकॉर्ड
समझें क्या है पूरा मामला
- मध्य प्रदेश में देशी पर्यटकों की संख्या में 446 प्रतिशत का बड़ा उछाल आया है।
- साल 2025 में हिमाचल प्रदेश जाने वाले घरेलू पर्यटकों की संख्या में गिरावट आई।
- गोवा के मुकाबले मध्य प्रदेश में करीब 13 गुना ज्यादा कुल पर्यटक पहुंचे हैं।
- राज्य में रोजाना औसतन 3.82 लाख देशी और 500 विदेशी सैलानी आ रहे हैं।
- धार्मिक स्थल, नेशनल पार्क और ऐतिहासिक जगहें पर्यटकों की पहली पसंद बनी हैं।
एमपी ने पर्यटन में रचा नया इतिहास
MP Tourism: मध्य प्रदेश अब सिर्फ भारत का नक्शा ही नहीं, बल्कि घूमने-फिरने का भी सबसे बड़ा सेंटर बन चुका है। कभी लोग छुट्टियों में गोवा के बीचेस या हिमाचल के पहाड़ों की तरफ भागते थे। लेकिन अब ट्रेंड पूरी तरह बदल चुका है।
हर दिन लाखों लोग देश के दिल यानी मध्य प्रदेश की खूबसूरती देखने पहुंच रहे हैं। खूबसूरत जंगल, पुराने किले और अध्यात्म का यह संगम सबको खूब भा रहा है। यही वजह है कि एमपी टूरिज्म ने इस बार सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।
टूरिज्म के मामले में मध्य प्रदेश ने एक ऐसा बड़ा मुकाम हासिल कर लिया है। अब यह राज्य सिर्फ देखने की जगह नहीं, बल्कि एक बड़ा अनुभव बन चुका है। आइए जानें कि आखिर कैसे एमपी ने सबको पीछे छोड़ दिया।
एमपी में पर्यटकों की भारी भीड़
संसद में पेश हुए नए आंकड़े बताते हैं कि मध्य प्रदेश ने टूरिज्म में नया रिकॉर्ड बनाया है। राज्यसभा में सरकार द्वारा दी गई रिपोर्ट ने सबको चौंका दिया है। साल 2025 में मध्य प्रदेश में करीब 14 करोड़ कुल सैलानी पहुंचे।
इनमें से ज्यादातर संख्या देश के अलग-अलग राज्यों से आए पर्यटकों की थी। अब लोग समुद्र किनारे या ठंडे पहाड़ों की जगह एमपी के जंगलों में जाना पसंद कर रहे हैं।
राज्य के पुराने इतिहास और धार्मिक स्थलों का जादू लोगों पर चल रहा है। मध्य प्रदेश की यह शानदार बढ़त केवल एक इत्तेफाक बिल्कुल भी नहीं है। इसके पीछे बेहतर सुविधाएं, सुरक्षित माहौल और आसान सफर जैसे कई बड़े कारण हैं।
कैसे मिली यह बड़ी बढ़त
मध्यप्रदेश में धार्मिक स्थलों की भरमार है। उज्जैन, ओंकारेश्वर और चित्रकूट जैसे स्थान श्रद्धालुओं को खींचते हैं। इसके अलावा राज्य में कई राष्ट्रीय उद्यान और वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी हैं।
वहीं, कान्हा, बांधवगढ़ और पेंच जैसे टाइगर रिजर्व देश-विदेश में मशहूर हैं। खजुराहो जैसी ऐतिहासिक धरोहर भी पर्यटकों को आकर्षित करती है। कम खर्च और बेहतर कनेक्टिविटी ने भी बड़ी भूमिका निभाई।
सड़क और रेल कनेक्टिविटी में सुधार से पर्यटकों का आना आसान हुआ है। राज्य सरकार (मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग)की पर्यटन नीतियों ने भी निवेश को बढ़ावा दिया है। पर्यटकों की संख्या बढ़ने से स्थानीय होटल और परिवहन कारोबार को भी फायदा मिलता है।
5 सालों में 446% की बढ़त
पिछले पांच सालों के आंकड़े (MP Tourism Board)देखें तो एमपी ने टूरिज्म में लंबी छलांग लगाई है।2021 से 2025 के बीच यहां घरेलू टूरिस्ट 446 प्रतिशत तक बढ़ गए।
साल 2021 में जहां केवल 2.55 करोड़ देशी पर्यटक आए थे, वहीं आंकड़ा अब बदल गया। साल 2025 में यह संख्या बढ़कर 13.95 करोड़ के पार पहुंच गई है। अगर हर दिन का हिसाब निकालें तो एमपी में 3.82 लाख देशी सैलानी आते हैं।
इसके साथ ही हर दिन करीब 500 विदेशी पर्यटक भी मध्य प्रदेश पहुंच रहे हैं। इस शानदार आंकड़े के दम पर एमपी देश के टॉप टूरिज्म राज्यों में शामिल है। यह राज्य मजबूती के साथ नौवें स्थान पर अपनी जगह बनाए हुए है।
| राज्य | 2021 | 2022 | 2023 | 2024 | 2025 |
| मध्य प्रदेश | 2,55,54,067 | 3,58,48,781 | 11,19,46,409 | 13,31,76,410 | 13,95,96,049 |
| हिमाचल प्रदेश | 56,32,270 | 1,50,70,944 | 1,59,42,118 | 1,80,41,929 | 1,44,11,327 |
| गोवा | 33,08,089 | 70,11,992 | 81,75,460 | 99,41,286 | 1,03,14,548 |
| राज्य | 2021 | 2022 | 2023 | 2024 | 2025 |
| मध्य प्रदेश | 41,601 | 2,04,454 | 1,82,685 | 1,67,535 | 1,81,743 |
| हिमाचल प्रदेश | 4,932 | 29,333 | 62,806 | 82,765 | 84,828 |
| गोवा | 22,128 | 1,74,799 | 4,52,692 | 4,67,911 | 5,51,272 |
हिमाचल और गोवा टूरिज्म का हाल
हिमाचल प्रदेश में पिछले कुछ समय से मौसम का मिजाज काफी बदला हुआ है। वहां लगातार हो रहे भूस्खलन और प्राकृतिक आपदाओं ने पर्यटकों को डरा दिया है।
इस वजह से हिमाचल जाने वाले देशी टूरिस्ट्स की संख्या में भारी कमी आई है। साल 2024 के मुकाबले 2025 में वहां करीब 36 लाख टूरिस्ट कम हुए। दूसरी तरफ गोवा भी अपनी चमक धीरे-धीरे खोता हुआ नजर आ रहा है।
वहां का सफर काफी महंगा हो चुका है, जिससे बजट ट्रैवलर्स पीछे हट रहे हैं। गोवा अब भी विदेशी सैलानियों की पहली पसंद बना हुआ है। लेकिन देशी पर्यटकों के मामले में वह मध्य प्रदेश से बहुत पीछे छूट गया है।
एमपी में क्यों आ रहे टूरिस्ट
जबलपुर का भेड़ाघाट और धुआंधार जलप्रपात पर्यटकों को बहुत ज्यादा पसंद आता है। वहां की सफेद संगमरमर की चट्टानें देखकर लोग हैरान रह जाते हैं। इसके अलावा चौसठ योगिनी मंदिर भी लोगों की आस्था का एक बड़ा केंद्र है।
खजुराहो के मंदिर और महाकाल लोक भी लोगों को बहुत आकर्षित करते हैं। बांधवगढ़ और कान्हा जैसे नेशनल पार्क वाइल्डलाइफ लवर्स की पहली पसंद बन चुके हैं।
यहां टाइगर्स को आसानी से देखने का मौका पर्यटकों को मिलता है। एमपी का सफर काफी बजट फ्रेंडली है, जिससे परिवार आसानी से घूम पाते हैं। कम खर्च में ज्यादा विविधता मिलना ही एमपी की सबसे बड़ी ताकत है।
FAQ
- वर्ष 2025 में मध्य प्रदेश में कितने घरेलू पर्यटक आए?
वर्ष 2025 में मध्य प्रदेश में कुल 13.95 करोड़ से अधिक घरेलू पर्यटक आए। राज्य में हर रोज औसतन 3.82 लाख से ज्यादा देशी सैलानियों ने विजिट किया, जो कि एक नया रिकॉर्ड है। - हिमाचल प्रदेश और गोवा के मुकाबले मध्य प्रदेश टूरिज्म क्यों आगे निकला?
एमपी में विविधता, धार्मिक स्थल, वाइल्डलाइफ और किफायती सफर की वजह से पर्यटक ज्यादा आ रहे हैं। जबकि हिमाचल में मौसम और आपदाओं के डर से, और गोवा में महंगे सफर के कारण टूरिस्ट घटे हैं। - मध्य प्रदेश में पर्यटकों के मुख्य आकर्षण के केंद्र कौन से हैं?
उज्जैन का महाकाल लोक, जबलपुर का भेड़ाघाट व धुआंधार जलप्रपात, खजुराहो के मंदिर, और कान्हा व बांधवगढ़ जैसे नेशनल पार्क पर्यटकों के मुख्य आकर्षण के केंद्र हैं।
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