एमपी में नए सत्र से घर बैठे होगी पढ़ाई, ऑनलाइन कोर्स से मिलेंगे रेगुलर क्रेडिट
समझें क्या है पूरा मामला
- मध्यप्रदेश के विश्वविद्यालयों में पढ़ाई का तरीका बदलने जा रहा है।
- BU समेत MP के अन्य विश्वविद्यालयों में नए सत्र से ऑनलाइन कोर्स रेगुलर डिग्री में जुड़ेंगे।
- UGC की नई गाइडलाइन के तहत यह बदलाव हो रहा है।
- छात्र कुछ कोर्स ऑनलाइन माध्यम से पूरे कर सकेंगे।
- उच्च शिक्षा विभाग ने कोर्सों की सूची तैयार करना शुरू कर दी है।
क्या बदलेगा नए सत्र में
अब तक छात्रों को डिग्री के लिए सभी कोर्स क्लास में बैठकर करने होते थे। नई व्यवस्था में यह बाध्यता खत्म होगी। कुछ कोर्स छात्र ऑनलाइन माध्यम से पूरे कर सकेंगे। इन कोर्सों का क्रेडिट सीधे उनकी रेगुलर डिग्री में जोड़ा जाएगा।
यानी अब क्लास में बैठकर पढ़ाई के साथ-साथ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी पढ़ाई का विकल्प मिलेगा। दोनों का मिलाजुला फायदा एक ही डिग्री में मिलेगा।
UGC की गाइडलाइन क्या कहती है
UGC यानी विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने देशभर के विश्वविद्यालयों को यह व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए हैं। गाइडलाइन के मुताबिक विश्वविद्यालयों को डिजिटल कोर्सों को अपने पाठ्यक्रम से जोड़ना होगा।
बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी समेत MP में इस बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है। विश्वविद्यालयों को NPTEL (National Programme on Technology Enhanced Learning) जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कोर्सों की सूची तैयार करने के लिए कहा गया है। इन कोर्सों को विवि के पाठ्यक्रम से जोड़ा जाएगा।
छात्रों को क्या-क्या मिलेगा
नई व्यवस्था लागू होने के बाद छात्र मोबाइल या लैपटॉप के जरिए घर बैठे पढ़ाई कर सकेंगे। उन्हें ऑनलाइन सिलेबस, वीडियो लेक्चर, असाइनमेंट और शिक्षकों का गाइडेंस भी डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा।
छात्रों को क्या ध्यान रखना होगा
सभी ऑनलाइन कोर्स मान्य नहीं होंगे। केवल वही कोर्स क्रेडिट में जुड़ेंगे जो विवि के पाठ्यक्रम से जुड़े होंगे और उच्च शिक्षा विभाग की सूची में शामिल होंगे। इसलिए छात्रों को कोर्स चुनने से पहले अपने विश्वविद्यालय से जानकारी लेनी होगी।
MP के लिए यह क्यों जरूरी है
मध्यप्रदेश में बड़ी संख्या में ऐसे छात्र हैं जो ग्रामीण इलाकों से कॉलेज आते हैं। रोज आना-जाना उनके लिए कठिन होता है। ऑनलाइन कोर्स की सुविधा से उन्हें बड़ी राहत मिलेगी।
इसके अलावा जो छात्र पार्ट-टाइम काम करते हैं या किसी कारण से नियमित क्लास नहीं कर पाते, उनके लिए भी यह व्यवस्था बहुत उपयोगी साबित होगी।
आगे क्या होगा
उच्च शिक्षा विभाग ने विश्वविद्यालयों को नई गाइडलाइन के अनुसार व्यवस्था लागू करने की तैयारी शुरू करने के निर्देश दिए हैं। जल्द ही हर विवि की ओर से ऑनलाइन कोर्सेसकी सूची जारी की जाएगी।
छात्रों को सलाह है कि अपने विवि की आधिकारिक वेबसाइट और नोटिस बोर्ड पर नजर रखें। नए सत्र की शुरुआत से पहले पूरी जानकारी ले लें।
FAQ
- MP के विश्वविद्यालयों में ऑनलाइन कोर्स से क्रेडिट कैसे मिलेगा?
UGC की नई गाइडलाइन के तहत छात्र कुछ कोर्स ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर पूरे कर सकेंगे। इन कोर्सों का क्रेडिट सीधे उनकी रेगुलर डिग्री में जोड़ा जाएगा। केवल विवि द्वारा अनुमोदित कोर्स ही मान्य होंगे। - कौन से ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के कोर्स मान्य होंगे?
उच्च शिक्षा विभाग NPTEL जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कोर्सों की सूची तैयार कर रहा है। इन्हें विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम से जोड़ा जाएगा। छात्र केवल इसी सूची के कोर्स का लाभ उठा सकेंगे। - क्या ऑनलाइन कोर्स से पूरी डिग्री मिल सकती है?
नहीं, यह पूरी तरह ऑनलाइन डिग्री नहीं है। छात्र रेगुलर क्लास के साथ-साथ कुछ कोर्स ऑनलाइन माध्यम से पूरे कर सकेंगे। दोनों मिलाकर एक ही रेगुलर डिग्री पूरी होगी।
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