MPPSC के फूड सेफ्टी ऑफिसर और असिस्टेंट प्रोफेसर रिजल्ट पर हाईकोर्ट केस में यह अपडेट
समझें क्या है पूरा मामला...
- MPPSC की फूड सेफ्टी ऑफिसर और असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती के रिजल्ट कोर्ट केस में फंसे हैं।
- जबलपुर हाईकोर्ट में इस संबंध में करीब 30 याचिकाएं लंबित हैं।
- आयोग ने प्रभावित उम्मीदवारों को छोड़कर अन्य रिजल्ट जारी करने की मांग की है।
- हाईकोर्ट ने फिलहाल मंजूरी नहीं दी और सुनवाई 5 जून तक बढ़ा दी है।
- पीएससी मेंस 2025 का मामला भी सुनवाई के दौरान आगे नहीं बढ़ सका है।
मध्यप्रदेश में किसी भी परीक्षा का समय पर पूरा होना और भर्ती प्रक्रिया का समय पर संपन्न होना मुश्किल होता जा रहा है। लगातार याचिकाएं लग रही हैं और भर्ती एजेंसी और शासन इनके जवाब देने में जुटे हुए हैं।
इसी कारण 17 साल बाद हुई फूड सेफ्टी ऑफिसर के 123 पदों का अंतिम रिजल्ट अटका हुआ है। वहीं असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती के कई विषयों के रिजल्ट भी इसी कारण अटके हुए हैं।
शुक्रवार को हुई 10 मिनट बहस, हल नहीं मिला
शुक्रवार, 29 मई को जबलपुर हाईकोर्ट की डबल बेंच के समक्ष आयोग ने अपनी बात रखी। हाईकोर्ट से प्रभावित याचिकाकर्ताओं के रिजल्ट को छोड़कर अन्य उम्मीदवारों के रिजल्ट जारी करने की मांग की गई।
वहीं, बेंच ने इससे इनकार कर दिया है। बेंच ने इस मामले को अब 05 जून को सुनवाई के लिए फिर से रखा है।
आयोग का तर्क है कि यदि मामले में सुनवाई चल रही है तो रिजल्ट जारी करने की अनुमति दी जाए, ताकि आगे की परीक्षाएं और जॉइनिंग प्रभावित न हों।
असिस्टेंट प्रोफेसर रिजल्ट पर यह याचिका
असिस्टेंट प्रोफेसर के रिजल्ट को लेकर अतिथि विद्वान याचिकाकर्ताओं (जनभागीदारी कैटेगरी) की ओर से याचिकाएं दायर की गई हैं।
अतिथि विद्वान दो श्रेणियों में होते हैं। एक वे, जो स्थायी पद रिक्त होने पर शासन द्वारा नियुक्त किए जाते हैं। दूसरे वे, जो जनभागीदारी समिति द्वारा सेल्फ फाइनेंस कोर्स के लिए नियुक्त किए जाते हैं।
शासन ने जनभागीदारी समिति के माध्यम से नियुक्त लोगों को अतिथि विद्वान नहीं माना है। इसके चलते उन्हें कुल पदों में अतिथि विद्वानों के लिए निर्धारित 25 फीसदी आरक्षण का लाभ नहीं मिलता है। इसी नियम को चुनौती दी गई है।
फूड सेफ्टी ऑफिसर को लेकर यह रोक
वहीं एक महिला उम्मीदवार की याचिका में उम्र संबंधी नियम को चुनौती दी गई है। वह उम्र में 10 साल की छूट चाहती हैं, जबकि आयोग का कहना है कि अधिकतम आयु सीमा 45 वर्ष है।
इसी वजह से यह याचिका दायर की गई है। उम्र संबंधी कुछ याचिकाएं असिस्टेंट प्रोफेसर रिजल्ट को लेकर भी लगी हुई हैं।
ऐसे में इस मामले का समाधान होने पर फूड सेफ्टी ऑफिसर के साथ ही कुछ विषयों के असिस्टेंट प्रोफेसर रिजल्ट का रास्ता भी साफ हो सकता है।
पीएससी मेंस 2025 को भी टाल दिया
शुक्रवार को ही डबल बेंच के समक्ष पीएससी मेंस 2025 का मामला भी इन्हीं याचिकाओं के साथ सूचीबद्ध था।
इसमें भी आयोग ने मेंस परीक्षा कराने की मंजूरी मांगी। दलील दी गई कि मेंस 2025 जल्द कराना जरूरी है, क्योंकि सितंबर में मेंस 2026 का शेड्यूल पहले से तय है। बाद में वरिष्ठता का मुद्दा भी सामने आएगा।
वहीं, हाईकोर्ट ने इसे नियमित बेंच के समक्ष ही रखने की बात कही है। इसके बाद सुनवाई की अगली तारीख 15 जून तय कर दी गई है।
ये खबरें भी पढ़िए...
MPPSC राज्य सेवा मेंस 2025 केस रेगुलर बेंच ही सुनेगी, हाईकोर्ट ने आगे बढ़ाई सुनवाई
MPPSC राज्य सेवा मेंस 2025 का मामला: जिस नियम के कारण रूकी, नए संशोधन में हो रहा बदलाव
MPPSC राज्य सेवा मेंस 2025 कैसे जल्द होगी, हाईकोर्ट में संभावित सुनवाई 4 सितंबर लगाई
MPPSC राज्य सेवा मेंस 2025 का क्या होगा, 2023 और असिस्टेंट प्रोफेसर 2024 के रिजल्ट कब आएंगे?