MPPSC महाआंदोलन में पूरी रात क्या हुआ और क्या मिला, क्यों जरूरी था खत्म करना

Sanjay Gupta | Dec 22, 2024, 13:17 IST
MPPSC PROTEST INDORE
मप्र लोक सेवा आयोग (पीएससी) के बाहर बुधवार सुबह 11 बजे से चल रहे महाआंदोलन की समाप्ति रविवार सुबह चार बजे हो गया है। मोटे तौर पर तीन बातें मानी गई हैं।

मप्र लोक सेवा आयोग (पीएससी) के बाहर बुधवार सुबह 11 बजे से चल रहे महाआंदोलन की समाप्ति रविवार सुबह चार बजे हो गया है। मोटे तौर पर तीन बातें मानी गई हैं, जिसकी औपचारिक घोषणा रविवार को किसी भी समय सीएम डॉ. मोहन यादव द्वारा कर दी जाएगी। अब आंदोलन से जुड़े युवाओं के मन में सवाल है कि हमें इससे मिला क्या है और धरना क्यों यह खत्म हुआ। सीएम डॉ. मोहन यादव ने भी सकारात्मक रुख दिखाते हुए लगातार अधिकारियों से बात कर इसमें रास्ता निकालने के आदेश दिए थे जो सफल हो गया।



सीएम से मिला प्रतिनिधिमंडल

बता दें कि सीएम डॉ. मोहन यादव के साथ प्रतिनिधिमंडल की चर्चा रविवार सुबह हुई। इसमें औपचारिक तौर पर नेशनल एजुकेटेड यूथ यूनियन (एनईवाययू) ने अपनी मांग पत्र सीएम को सौंपा। सीएम ने सभी की बातें आराम से सुनी। यूनियन की ओर से बताया गया कि सीएम के साथ बैठक हो चुकी है और उन्होंने आंदोलन की सभी मांगों, जैसे अधिकतम पोस्ट, पीएससी की भर्ती प्रक्रिया में सुधार (इंटरव्यू) 87-13 का शीघ्र निराकरण आदि सभी मांगों को पूर्ण करने का आश्वासन दिया है, साथ ही मप्र की सर्भी भर्ती प्रक्रियाओं में सुधार का आश्वासन दिया है। प्रतिनिधिमंडल में राधे जाट, रणजीत किशनवंशी, कुलदीप व अन्य मौजूद थे। उधर एक और सदस्य अरविंद भदौरिया को जाना था लेकिन आमरण अनशन से बिगड़े स्वास्थ्य के बाद वह आईसीयू में भर्ती है।



METTING


गरीब छात्रों के लिए सिर्फ एक एग्जाम से मिलेगी PSC की फ्री कोचिंग



छात्रों के संघर्ष की जीत...

  • 87% वाले सभी छात्रों की कॉपी दिखाई जाएगी।
  • अधिकतम पोस्ट पर भर्ती होगी।
  • इंटरव्यू के मार्क्स कम होगे एवं बिना पहचान के आयोजित होंगे।
  • 87/13 का शीघ्र निराकरण होगा।
  • MPPSC में सुधार हेतु एक कमेटी का निर्माण होगा। (एक सदस्य छात्रों की ओर से रहेगा) देश के सभी राज्य आयोग के नियमों का परीक्षण करके
  • MPPSC में युक्तियुक्त सुधार किए जाएंगे।
  • सहायक प्राध्यापक के साक्षात्कार जल्द आयोजित होंगे।
  • सरकार भर्ती प्रक्रिया में सुधार हेतु एक पोर्टल बनाएगी, जिसमें छात्रों से सुझाव लिए जाएंगे।

रात भर में यह घनाक्रम हुआ

MPPSC के काले कारनामों पर रविवार को गरमागरम डिबेट करेंगे देशभर के दिग्गज



क्या मिला महाआंदोलन से?

यह महाआंदोलन सफल कहा जाएगा। सबसे बड़ी बात करीब 88 घंटे सतत चले इस आंदोलन में सभी एकजुट रहे और किसी तरह का उपद्रव नहीं हुआ और गांधीवादी तरीके से बात हुई। जो कॉपियां 2019 से देखने को नहीं मिल रही थी वह देखने को मिलेगी। दबाव इतना हो चुका है कि अब अधिक से अधिक पद दिए ही जाएंगे, क्योंकि सीएम का सीधा आदेश विभागों को रिक्त पद भेजने का रहेगा। यह 700 ना सही लेकिन बेहतर स्थिति ही होगी। प्री की गलतियां, इंटरव्यू के अंक इन सभी को लेकर मांग उच्च स्तर तक हो चुकी है, समिति के जरिए आने वाले दिनों में इस पर निश्चित ही काम होगा, हालांकि इसमें अभी समय लगेगा। अप्रत्यक्ष तौर पर इसकी गूंज भोपाल तक रही है। ऐसे में युवाओं की मांग को आगे अनसुना करना संभव नहीं होगा।



MPPSC LOK


क्या नहीं मिला और क्यों नहीं

सबसे बड़ी बात थी कि 87-13 फीसदी का दंश, यह खत्म नहीं होगा। द सूत्र ने पहले ही कहा था कि यह राजनीतिक इच्छाशक्ति का मामला है और इसमें कानूनी बाध्यता जैसी बात नहीं है। हालांकि इसे सब ज्यूडियिश मामला बताकर मामला ठंडा किया गया, क्योंकि सरकार 27 फीसदी आरक्षण की जगह 14 फीसदी ओबीसी आरक्षण पर 100 फीसदी रिजल्ट देने के लिए तैयार नहीं है, यानी यह चलता रहेगा। इस पर सरकार पूरी तरह अडिग थी कि यह नहीं सुनेंगे। बाकी मांगे असिस्सेंट प्रोफेसर की भर्ती जल्द हो, मेंस 2023 के रिजल्ट जल्द हो, इन सब पर चर्चा हुई और यह आयोग व शासन के संज्ञान में लाया गया है। हालांकि यह प्रक्रियागत मुद्दे हैं, जिसमें आयोग ने कहा है कि असिस्टेंट प्रोफेसर के इंटरव्यू भी शेड्यूल होंगे और 2023 के रिजल्ट पर हाईकोर्ट का केस है। माना जा रहा है कि सात जनवरी की सुनवाई में यह मुद्दा निपट सकता है।



MPPSC अभ्यर्थियों का महाआंदोलन खत्म, CM मोहन यादव 3 मांगों पर हुए सहमत



आंदोलन खत्म करना क्यों था जरूरी?

सरकार के लिए यह आंदोलन खत्म करना जरूरी था, कारण था कि अब इसमें कांग्रेस नेता सीधे पहुंचने लगे थे, पहले प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी, फिर उमंग सिंघार, हीरालाल के साथ निर्दलीय कमलेशवर डोडियार यह सब जा चुके थे। मामला बीजेपी के खिलाफ हो रहा था।



प्रशासन के लिए-जिला प्रशासन व पुलिस को लगातार चार दिन हो चुके थे, 24 घंटे ड्यूटी लग रही थी, अप्रिय घटना नहीं हो जाए, इसकी आशंका लगातार थी। बच्चों की सुरक्षा और खासकर बच्चियों की सुरक्षा लगातार संवेदनशील मुद्दा था। इसलिए जल्द से जल्द खत्म कराना था।



ANDOLAN


चार दिन चला आंदोलन

आंदोलनकारियों के लिए-चार दिन लंबा समय होता है और शांति से आंदोलन हो रहा था। काफी मांगे माना जा रही थी, साथ ही भविष्य के लिए भी आयोग और शासन पर दबाव आ चुका था। अगर खत्म नहीं करते तो दूसरे तरीके से भी कराया जा सकता था। ऐसे में सभी युवाओं की हिम्मत टूटती और जो मिल रहा है वह भी नहीं मिलने की आशंका भी थी। ऐसे में सभी ने समझदारी से कदम उठाया और इस आंदोलन को सफलता के साथ समाप्ति की घोषणा की। सीएम डॉ. मोहन यादव ने भी सकारात्मक रूख दिखाते हुए लगातार अधिकारियों से बात कर इसमें रास्ता निकालने के आदेश दिए थे जो सफल हुए।



thesootr links

द सूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट के साथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें



Tags:
  • MP News
  • एमपी न्यूज
  • सीएम मोहन यादव
  • इंदौर न्यूज
  • MP
  • जीतू पटवारी
  • मध्य प्रदेश
  • उमंग सिंघार
  • मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग
  • मप्र लोक सेवा आयोग रिजल्ट पर सवाल
  • मप्र लोक सेवा आयोग परीक्षा
  • मध्य प्रदेश समाचार
  • इंदौर कलेक्टर आशीष सिंह
  • mppsc