MPPSC मामले पर सरकार को सुप्रीम कोर्ट की फटकार, कहा- बिना कारण चयन प्रक्रिया खत्म नहीं की जा सकती
सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग ( mppsc ) के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए फटकार लगाई। यह मामला 2021 का है, जब एमपी-पीएससी ने शासकीय और अर्ध-शासकीय कॉलेजों में सहायक प्राध्यापक (Assistant professor) के खाली पदों को भरने के लिए भर्ती प्रक्रिया (Recruitment process) शुरू की थी।
आयोग ने विज्ञापन (Advertisement) जारी किया। परीक्षाएं भी आयोजित की गईं, लेकिन जब इंटरव्यू प्रक्रिया (Interview process) की बारी आई, तो बिना किसी ठोस कारण के नियुक्ति प्रक्रिया को रोक दिया गया और पदों को समाप्त कर दिया गया।
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जानें क्या है पूरा मामला
सुप्रीम कोर्ट का फैसला
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सुधांशु धूलिया ( Sudhanshu Dhulia ) और जस्टिस ए. अमानुल्लाह ( A Amanullah ) की खंडपीठ ने अपने फैसले में कहा कि एमपी-पीएससी को चयन प्रक्रिया शुरू करने के बाद बिना किसी ठोस कारण के उसे समाप्त करने का कोई अधिकार नहीं है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि किसी पद के लिए चयन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, तो उसे बिना ठोस कारण के समाप्त नहीं किया जा सकता।
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