नरेंद्र सिंह तोमर ने मांगी माफी: कुशवाह समाज को लेकर दिए बयान पर बोले- अपने शब्द वापस लेता हूं
मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने आखिरकार कुशवाह समाज से अपने बयान को लेकर माफी मांग ली है।
मुरैना में एक कार्यक्रम के दौरान तोमर के कुशवाह समाज गुलाटी मारता है वाले बयान पर काफी विवाद हुआ था। कुशवाह समाज ने इसे अपने सम्मान से जोड़ते हुए आपत्ति जताई थी।
अब दतिया में भाजपा की हार के बाद बदले सियासी माहौल के बीच नरेंद्र तोमर की यह माफी सामने आई है। यह पूरा मामला एक बार फिर दिखाता है कि चुनावी दौर में नेताओं के शब्द कितने अहम होते हैं और उनका असर नतीजों तक दिखाई दे सकता है।
क्या बोले तोमर
उन्होंने एक पत्र जारी कर कहा कि उनके मन में कुशवाह समाज के प्रति कभी कोई गलत भावना नहीं रही है।
तोमर ने लिखा कि वह मुरैना भाजपा जिलाध्यक्षकमलेश कुशवाह के घर एक पारिवारिक कार्यक्रम में गए थे। उसी दौरान बातचीत के बीच कुछ बातें हुई थीं। उन्होंने कहा कि कुशवाह समाज के साथ उनके पुराने और पारिवारिक संबंध हैं और वह हमेशा समाज का सम्मान करते रहे हैं।
तोमर ने कहा कि अगर उनके शब्दों से किसी को तकलीफ पहुंची है तो वह अपने शब्द वापस लेते हैं और इसके लिए खेद व्यक्त करते हैं।
मुरैना में दिया था विवादित बयान
विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर मुरैना पहुंचे थे। वहां उन्होंने कुशवाह समाज के एक कार्यक्रम को संबोधित किया था। उन्होंने कहा था कि भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) हमेशा समाज के प्रति समर्पित रही है। वहीं, कुशवाह समाज बीच-बीच में इधर-उधर होता रहा है। इसी वजह से समाज की विश्वसनीयता कमजोर हुई है।
यह कार्यक्रम शुक्रवार, 31 जुलाई को शिवनगर इलाके में हुआ था। भाजपा जिलाध्यक्ष कमलेश कुशवाह के घर पर अभिनंदन समारोह रखा गया था। तोमर का यह बयान वहीं दिया गया था। कार्यक्रम का वीडियो कुछ ही घंटों में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसके बाद से यह मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है।
कालीचरण का दिया उदाहरण
विधानसभा अध्यक्ष तोमर ने अपनी बात समझाने के लिए एक उदाहरण दिया था। उन्होंने भाजपा नेता कालीचरण का जिक्र किया
था। कहा था कि कालीचरण ने पार्टी में अपना खूंटा गाड़कर रखा। इसी वजह से पार्टी ने उन पर भरोसा दिखाया। कालीचरण को तीन बार विधायक का टिकट मिला, यह बात तोमर ने याद दिलाई।
तोमर ने आगे कहा कि निष्ठा रखने वालों को सम्मान जरूर मिलता है। जो कार्यकर्ता संगठन के प्रति वफादार रहता है, उसका कद बढ़ता है। उनके अनुसार निधन के बाद भी ऐसे लोगों की पहचान बनी रहती है। यही बात उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को समझाई।
जिलाध्यक्ष ने दी सफाई
बयान वायरल होते ही सियासी हलचल तेज हो गई। कई नेताओं ने इस पर सवाल उठाना शुरू कर दिया। इसके बाद भाजपा जिलाध्यक्ष कमलेश कुशवाह सामने आए। उन्होंने कहा कि तोमर का आशय पूरे समाज से नहीं था।
कुशवाह ने साफ किया कि यह संदेश सिर्फ पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए था। उनका कहना था कि संगठन के प्रति समर्पण जरूरी होता है। जो कार्यकर्ता निष्ठा से काम करता है, उसे ही पद मिलता है। यही बात तोमर कहना चाहते थे, ऐसा उन्होंने बताया।
इसके बावजूद कई लोगों ने सफाई को पूरी तरह स्वीकार नहीं किया। सोशल मीडिया पर लोग अलग-अलग तरह की प्रतिक्रिया देते रहे। कुछ लोगों ने सफाई को सही ठहराया, तो कुछ ने इसे बहाना बताया।
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