नर्मदा परिक्रमा रास्ता होगा अतिक्रमण मुक्त, अन्न क्षेत्र के साथ लगेंगे साइन बोर्ड
ऐसे समझें क्या है पूरा मामला...
- परिक्रमा मार्ग होगा पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त।
- मंदिरों में खुलेंगे अन्न क्षेत्र और रसोई।
- नमन मिशन को 100 करोड़ का सालाना फंड।
- अमरकंटक में बनेगा जैव विविधता संस्थान।
- 21 शहरों में 35 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट।
मध्य प्रदेश सरकार ने नर्मदा नदी (Narmada River) के समग्र विकास के लिए बड़ा रोडमैप तैयार किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में एक बैठक हुई।
बैठक में परिक्रमा मार्ग को अतिक्रमण मुक्त बनाने, मंदिरों में अन्न क्षेत्र खोलने और नमन मिशन (Naman Mission) के लिए सालाना 100 करोड़ रुपए के फंड का प्रस्ताव रखा गया। यह मिशन नदी संरक्षण के साथ-साथ घाटी क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी गति देगा।
नर्मदा परिक्रमा मार्ग होगा अतिक्रमण मुक्त
मध्य प्रदेश में नर्मदा परिक्रमा मार्ग (Narmada Parikrama Marg) को लेकर बड़ा निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं।
परिक्रमा पथ को हर हाल में अतिक्रमण मुक्त बनाया जाएगा। इससे परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं को राहत मिलेगी। मार्ग पर जगह-जगह संकेतक और सूचना पट्टिकाएं भी लगाई जाएंगी।
इससे श्रद्धालुओं को रास्ता समझने में आसानी होगी। सरकार का लक्ष्य है कि परिक्रमा वासियों को हर आवश्यक सुविधा मिले। यह कदम धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा देगा।
मंदिरों में बनेंगे अन्न क्षेत्र
बैठक में एक अहम फैसला अन्न क्षेत्र को लेकर लिया गया। परिक्रमा मार्ग पर स्थित मंदिरों में अन्न क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। जहां जरूरत होगी वहां दीनदयाल रसोई भी शुरू की जाएगी। इसका मकसद श्रद्धालुओं को निःशुल्क भोजन उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मां नर्मदा प्रदेश की जीवनरेखा है। यह नदी 33 प्रतिशत से अधिक आबादी का सहारा है। इसे स्वच्छ और अविरल बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है। अब हर महीने नर्मदा समग्र मिशन की बैठक होगी।
नमन मिशन से मिलेगी नई दिशा
नदी संरक्षण के लिए 'नमन मिशन' (Naman Mission) तैयार किया गया है। इसे पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने बनाया है। मिशन का उद्देश्य नर्मदा जल को निर्मल रखना है। साथ ही घाटी क्षेत्र का समग्र विकास भी इसका लक्ष्य है।
राज्य सरकार हर साल 100 करोड़ रुपए का अनुदान देगी। वर्ष 2026-27 के लिए विस्तृत रोडमैप भी तैयार हो चुका है। यह फंड नदी सफाई और विकास कार्यों में खर्च होगा।
अमरकंटक में जैव विविधता संस्थान
नर्मदा नदी का उद्गम स्थल अमरकंटक (Amarkantak) है। यहां जैव विविधता प्रबंधन संस्थान स्थापित किया जाएगा। इसके लिए 32 लाख रुपए का प्रस्ताव तैयार हुआ है।
वन विभाग नर्मदा घाटी क्षेत्र में पौधरोपण भी करेगा। करीब 415 हेक्टेयर भूमि पर पौधे लगाए जाएंगे। कुल 2.70 लाख पौधे रोपने का लक्ष्य रखा गया है। यह कदम पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में मदद करेगा।
नमन मिशन का प्रस्तावित ढांचा
बैठक में नर्मदा नमन मिशन का पूरा प्रारूप भी सामने रखा गया। मुख्यमंत्री इस मिशन की साधारण सभा के अध्यक्ष होंगे। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री उपाध्यक्ष की भूमिका निभाएंगे। मुख्य सचिव को मिशन का सचिव बनाया जाएगा।
अपर मुख्य सचिव सह-सचिव के रूप में काम करेंगे। जल संसाधन, वन, पर्यावरण और पर्यटन विभाग भी जुड़ेंगे। कृषि, वित्त, राजस्व और संस्कृति विभाग भी शामिल होंगे। इसके अलावा 10 विशेषज्ञ भी मिशन का हिस्सा बनेंगे।
नर्मदा कोष पोर्टल और एसटीपी परियोजनाएं
शहरी क्षेत्रों में घाटों को स्वच्छ रखने की योजना बनी है। इसके लिए 'नर्मदा कोष पोर्टल' तैयार किया जा रहा है। नगरीय विकास विभाग इस पोर्टल की देखरेख करेगा।
नर्मदा क्षेत्र के 21 नगरों में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बन रहे हैं। कुल 35 एसटीपी परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इन्हें दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। इससे नदी में गंदे पानी का बहाव रुकेगा।
ओंकारेश्वर और महेश्वर में विकास कार्य
ओंकारेश्वर (Omkareshwar) के विकास के लिए भी योजना बनी है। यहां स्पेशल एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी यानी साडा गठित होगी। इससे क्षेत्र में सुनियोजित विकास कार्य हो सकेंगे। महेश्वर में पहले ही 18 होमस्टे तैयार हो चुके हैं।
धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान भी चलाया जा रहा है। इसके तहत 13 गांवों में 79 होमस्टे बनाए गए हैं। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। पर्यटन बढ़ने से क्षेत्र की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी।
FAQ
- नमन मिशन क्या है और इसका उद्देश्य क्या है?
नमन मिशन (Naman Mission) मध्य प्रदेश सरकार की एक विशेष योजना है। इसे पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने तैयार किया है। इसका मुख्य उद्देश्य नर्मदा नदी के जल को निर्मल और अविरल बनाए रखना है। साथ ही यह नर्मदा घाटी क्षेत्र के समग्र विकास पर भी काम करेगा। इसके लिए राज्य सरकार हर वर्ष 100 करोड़ रुपए का अनुदान देगी। - नर्मदा परिक्रमा मार्ग पर श्रद्धालुओं को कौन सी नई सुविधाएं मिलेंगी?
नर्मदा परिक्रमा मार्ग को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त बनाया जाएगा। मार्ग पर संकेतक और सूचना पट्टिकाएं लगाई जाएंगी। जहां मंदिर स्थित हैं वहां अन्न क्षेत्र विकसित होंगे। जरूरत के अनुसार दीनदयाल रसोई की व्यवस्था भी की जाएगी। इससे परिक्रमावासियों को भोजन और मार्गदर्शन दोनों आसानी से मिल सकेगा। - अमरकंटक और नर्मदा कोष पोर्टल से जुड़ी क्या योजनाएं हैं?
नर्मदा के उद्गम स्थल अमरकंटक में जैव विविधता प्रबंधन संस्थान बनाया जाएगा। इसके लिए 32 लाख रुपए का प्रस्ताव तैयार किया गया है। वहीं शहरी घाटों की सफाई के लिए नर्मदा कोष पोर्टल शुरू हो रहा है। साथ ही 21 नगरों में 35 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट भी बनाए जा रहे हैं। ये सभी परियोजनाएं दिसंबर 2027 तक पूरी होने की उम्मीद है।
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