नाजिया इलाही खान पर MP में पहली FIR, जबलपुर में 4 दिन के विरोध के बाद केस दर्ज
समझें क्या है पूरा मामला
- जबलपुर में नाजिया इलाही के खिलाफ जीरो एफआईआर दर्ज हुई।
- कथित धार्मिक टिप्पणी को लेकर चार दिनों तक विरोध चला।
- अधिवक्ताओं ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया।
- घटना जबलपुर की नहीं होने से जीरो एफआईआर दर्ज हुई।
- नाजिया ने वायरल वीडियो को एआई से बनाया बताया है।
एमपी में दर्ज हुई पहली FIR
खुद को सनातनी मुस्लिम बताने वाली नाजिया इलाही खान के खिलाफ आखिरकार मध्य प्रदेश में भी पहली जीरो एफआईआर दर्ज हो गई। यह मामला जबलपुर के हनुमानताल थाने में दर्ज किया गया है। पिछले चार दिनों से मुस्लिम समाज के लोगों और अधिवक्ताओं द्वारा लगातार शिकायतें, प्रदर्शन और विरोध दर्ज कराया जा रहा था।
गुरुवार को बड़ी संख्या में अधिवक्ता पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने नारेबाजी करते हुए नाजिया के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की। इसके बाद एसपी के निर्देश पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया।
पैगंबर मोहम्मद साहब पर कथित टिप्पणी
पूरा विवाद जून 2026 में सामने आए एक इंस्टाग्राम पॉडकास्ट से जुड़ा है। आरोप है कि नाजिया इलाही खान ने पैगंबर मोहम्मद साहब और उनके परिवार को लेकर कथित तौर पर बेहद आपत्तिजनक और धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली टिप्पणियां की थीं।
वीडियो वायरल होने के बाद देशभर में मुस्लिम समुदाय और कई धार्मिक संगठनों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। मुंबई, भिवंडी, कल्याण, बरेली, मुरादाबाद सहित कई शहरों में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई और गिरफ्तारी की मांग उठी।
एसपी कार्यालय का घेराव
महाकौशल लॉ एसोसिएशन के अध्यक्ष अधिवक्ता अंकुर चौधरी ने कहा कि चार दिन पहले हनुमानताल थाने में शिकायत देने के बावजूद पुलिस ने कार्रवाई नहीं की।
पहले दो दिन का समय मांगा गया और फिर दो दिन और बीत गए, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं हुई। इसके बाद जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष मनीष मिश्रा और सचिव ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने एसपी कार्यालय का घेराव किया।
करीब दो घंटे तक चली चर्चा और विरोध के बाद पुलिस अधीक्षक ने हनुमानताल थाना पुलिस को एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। देर रात जाकर मामला दर्ज हुआ, जिसे अधिवक्ताओं ने अपने संघर्ष की जीत बताया।
सिर्फ एक धर्म नहीं, मानवता के खिलाफ है ऐसी टिप्पणी
अधिवक्ता अंकुर चौधरी ने कहा कि पैगंबर मोहम्मद साहब पूरी मानवता को नेकी और इंसानियत का रास्ता दिखाने वाले धर्मगुरु हैं।
उनके खिलाफ कथित अभद्र टिप्पणी करना केवल किसी एक समुदाय की भावना को ठेस पहुंचाना नहीं बल्कि समाज की एकता और सौहार्द पर हमला है।
उन्होंने मांग की कि नाजिया इलाही के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और उन पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) लगाने पर भी सरकार विचार करे।
CSP ने बताया क्यों दर्ज हुई जीरो FIR
इस मामले में सीएसपी हेमंत कुमार ने बताया कि अधिवक्ताओं के संगठन की शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
चूंकि कथित घटना मध्य प्रदेश या जबलपुर की नहीं है, इसलिए हनुमानताल थाने में 'जीरो एफआईआर' दर्ज की गई है। अब नियमानुसार इस प्रकरण को संबंधित क्षेत्र की पुलिस को भेजकर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नाजिया ने AI वीडियो होने का किया दावा
विवाद बढ़ने के बीच भारतीय जनता पार्टी ने भी नाजिया इलाही खान से दूरी बना ली है। हालांकि नाजिया अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल पर खुद को भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा से जुड़ा बताती रही हैं।
भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जमाल सिद्दीकी ने स्पष्ट किया कि नाजिया का पार्टी से कोई संबंध नहीं है। दूसरी ओर, AIMIM और रजा एकेडमी सहित कई संगठनों ने उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
वहीं नाजिया इलाही ने अपने बचाव में दावा किया है कि सोशल मीडिया पर वायरल किए जा रहे वीडियो असली नहीं हैं बल्कि AI की मदद से तैयार किए गए हैं। फिलहाल मामले की जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी है।
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