निसर्ग रिसॉर्ट मौत कांड: पूर्व तहसीलदार विवेक त्रिपाठी की जमानत पर सुनवाई टली
News In Short
निसर्ग रिसॉर्ट में करंट लगने से युवक की मौत हुई थी।
इस मामले में पूर्व तहसीलदार विवेक त्रिपाठी को गिरफ्तार किया गया था।
गिरफ्तारी के बाद जिला अदालत में दायर जमानत याचिका पर सुनवाई टली।
अब एक जून को जमानत आवेदन पर सुनवाई होगी।
एफआईआर में रिसॉर्ट मालिक, मैनेजर और कर्मचारी को आरोपी बनाया गया।
News in detail
निसर्ग रिसॉर्ट के स्विमिंग पूल में करंट लगने से 20 वर्षीय युवक साजन विश्वकर्मा की मौत हुई थी। इस मामले में गिरफ्तार किए गए पूर्व तहसीलदार और होटल कारोबारी विवेक त्रिपाठी को अरेस्ट करके जेल भेजा गया था। फिलहाल विवेक को राहत नहीं मिली।
जिला अदालत ने उनकी जमानत याचिका की सुनवाई एक जून तक के लिए टाल दी है। रिसॉर्ट प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के आरोप हैं। उनके तहसीलदार कार्यकाल और व्यवसायी बनने पर भी सवाल उठ रहे हैं।
जमानत पर नहीं मिली राहत
पूर्व तहसीलदार और होटल कारोबारी विवेक त्रिपाठी को निसर्ग रिसॉर्ट में युवक की मौत के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। गिरफ्तारी के बाद उन्होंने जबलपुर जिला अदालत में जमानत याचिका दायर की। अदालत ने सुनवाई एक जून तक टाल दी। त्रिपाठी को राहत मिलने के बजाय कुछ और रातें जेल में बितानी होंगी।
स्विमिंग पूल में नहाते समय लगा करंट
एफआईआर के अनुसार 24 मई 2026 को 20 वर्षीय साजन विश्वकर्मा अपने दोस्तों के साथ निसर्ग रिसॉर्ट के स्विमिंग पूल में नहा रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि साजन एक पूल से दूसरे पूल जाने के लिए लोहे के पाइप को पकड़ रहा था। पाइप में बिजली का करंट था और उसे जोरदार झटका लगा। पाइप के पास कटे हुए बिजली के तार थे और पानी होने से क्षेत्र खतरनाक था। करंट लगने के बाद साजन बेहोश होकर पाइप से चिपक गया। दोस्तों ने उसे अलग किया और अस्पताल पहुँचाया। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
रिसॉर्ट प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप
मर्ग जांच और गवाहों के बयान के आधार पर पुलिस ने निसर्ग रिसॉर्ट के मालिक विवेक त्रिपाठी, मैनेजर मनीष पटेल और कर्मचारी नीलेश कुमार कुर्मी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 105 और 106(1) के तहत अपराध दर्ज किया। जांच में पता चला कि कर्मचारियों को पाइप और आसपास क्षेत्र में करंट का खतरा पहले से पता था। एक अन्य व्यक्ति ने भी कर्मचारियों को बिजली का झटका लगने की जानकारी दी। इसके बावजूद कोई सुधारात्मक कार्रवाई नहीं की गई। पुलिस का मानना है कि सुरक्षा उपाय किए होते तो हादसा रोका जा सकता था।
जांच में सामने आए नए सवाल
एफआईआर में उल्लेख है कि करंट लगने के बाद घायल युवक को तुरंत चिकित्सा सहायता नहीं मिली। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जब साजन को रिसॉर्ट के प्रवेश क्षेत्र तक लाया गया, कर्मचारी ने कहा कि कोई चिकित्सा व्यवस्था नहीं है। इसके बाद परिजन और साथी उसे निजी वाहन से अस्पताल ले गए। जांच एजेंसियां अब यह देख रही हैं कि रिसॉर्ट में आपातकालीन चिकित्सा और सुरक्षा व्यवस्था कैसी थी।
अब बढ़ सकती हैं दूसरी मुश्किलें
विवेक त्रिपाठी का नाम केवल निसर्ग रिसॉर्ट तक सीमित नहीं है। वह शगुन रिसॉर्ट सहित कई होटल व्यवसायों का संचालन करते हैं। लंबे समय तक राजस्व विभाग में उच्च पदों पर रहे। उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली थी। प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में उनके खिलाफ जमीन और राजस्व अनियमितताओं की चर्चाएं रही हैं। हालांकि इन मामलों में कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हुई। निसर्ग रिसॉर्ट मौत कांड के बाद पुराने मामलों की समीक्षा की चर्चा तेज हो गई है।
अब सबकी नजर 1 जून की सुनवाई पर
अब पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण तारीख एक जून है। जिला अदालत उस दिन विवेक त्रिपाठी की जमानत याचिका पर सुनवाई करेगी। मृतक के परिजन कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस मामले में साक्ष्यों और जिम्मेदारियों की जांच कर रही है। अदालत का फैसला विवेक त्रिपाठी और पूरे मामले की दिशा तय कर सकता है।
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